त्वरित लिंक्स
Civil services
1 views
भारतीय इतिहास और मध्यकालीन प्रशासनिक व्यवस्था के संदर्भ में, 'दीवान-ए-कोही' (Diwan-i-Kohi) विभाग की स्थापना, इसके उद्देश्यों तथा दिल्ली सल्तनत के किस सुल्तान से इसका संबंध है, के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. इस कृषि विभाग (Diwan-i-Kohi) की स्थापना तुगलक वंश के सुल्तान मुहम्मद बिन तुगलक द्वारा दोआब क्षेत्र में कृषि उत्पादन को बढ़ाने और बंजर भूमि को उपजाऊ बनाने के उद्देश्य से की गई थी।
- 2. इस योजना के तहत सरकार द्वारा सीधे किसानों को आर्थिक सहायता (तकावी ऋण या सौंदड़) प्रदान की जाती थी, ताकि वे बीज, बैल और कृषि उपकरण खरीद सकें।
- 3. हालांकि यह विभाग व्यापक प्रशासनिक योजना के तहत शुरू किया गया था, किंतु अत्यधिक भ्रष्टाचार, अधिकारियों की उदासीनता, खराब भूमि के चयन और दोआब क्षेत्र में पड़े भीषण अकाल के कारण यह योजना पूरी तरह असफल सिद्ध हुई।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है: 'दीवान-ए-कोही' की स्थापना दिल्ली सल्तनत के तुगलक वंश के सुल्तान मुहम्मद बिन तुगलक द्वारा की गई थी। इसका मुख्य उद्देश्य गंगा-यमुना दोआब क्षेत्र में कृषि में सुधार करना और बंजर भूमि को खेती के योग्य बनाना था।
कथन 2 सही है: इस कृषि विकास योजना के तहत सरकार द्वारा किसानों को प्रत्यक्ष वित्तीय सहायता (जिसे 'तकावी' या 'सौंदड़' ऋण कहा जाता है) दी जाती थी ताकि वे कृषि के लिए आवश्यक संसाधन जुटा सकें।
कथन 3 सही है: मुहम्मद बिन तुगलक के कई महत्वाकांक्षी निर्णयों की तरह यह योजना भी विफल रही। इसके कारणों में भ्रष्ट अधिकारी, निम्न कोटि की भूमि का चयन, और इसी दौरान दोआब क्षेत्र में पड़ा भयंकर अकाल शामिल थे, जिसके कारण किसानों ने विद्रोह कर दिया या भूमि छोड़ दी। अतः तीनों कथन सही हैं।
Related Questions
→
फिरोजशाह कोटला का निर्माण किसने करवाया था?
→
भारतीय पर्यावरण, पारिस्थितिकी और जैव विविधता के संदर्भ में, 'राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकार' (National Biodiversity Authority - NBA) और जैव विविधता संरक्षण से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकार (NBA) की स्थापना जैव विविधता अधिनियम, 2002 के तहत चेन्नई, तमिलनाडु में मुख्यालय के साथ एक सांविधिक, स्वायत्त निकाय के रूप में की गई है, जिसका मुख्य कार्य देश के जैविक संसाधनों के संरक्षण और उनके सतत उपयोग को विनियमित करना है।
2. जैव विविधता अधिनियम, 2002 के प्रावधानों के तहत यह अनिवार्य किया गया है कि देश के भीतर जैविक संसाधनों का व्यावसायिक उपयोग या अनुसंधान करने वाले किसी भी भारतीय नागरिक या संस्था को NBA से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य है, भले ही वे स्थानीय जैव विविधता बोर्डों के दायरे में आते हों।
3. 'जैव विविधता प्रबंधन समिति' (Biodiversity Management Committee - BMC) का गठन देश के सभी स्थानीय निकायों (चाहे वे ग्रामीण हों या शहरी) द्वारा अपने अधिकार क्षेत्र में जैविक संसाधनों की उपलब्धता और पारंपरिक ज्ञान से संबंधित 'लोक जैव विविधता रजिस्टर' (People's Biodiversity Register - PBR) तैयार करने के लिए किया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
→
भारतीय और विश्व भूगोल के संदर्भ में, 'महासागरीय आम परिसंचरण' (Oceanic General Circulation) और 'अटलांटिक मेरिडियनल ओवरटर्निंग सर्कुलेशन' (AMOC) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. AMOC अटलांटिक महासागर में संचालित होने वाली एक प्रमुख थर्मोहलाइन (Thermomohaline) धारा प्रणाली है, जो भूमध्यरेखीय क्षेत्रों से उष्ण और नम जल को उत्तर की ओर (उत्तरी अटलांटिक) ले जाती है और ठंडे, सघन जल को गहराई में दक्षिण की ओर वापस भेजती है।
2. उत्तरी अटलांटिक महासागर में ग्रीनलैंड के पिघलते हुए हिमनदों और अत्यधिक वर्षा के कारण बड़े पैमाने पर मीठे (अलवण) जल का प्रवेश AMOC की तीव्रता को बढ़ाने का कार्य करता है, जिससे यूरोप में तापमान में भारी वृद्धि होती है।
3. हाल के वैज्ञानिक अध्ययनों से यह संकेत मिला है कि जलवायु परिवर्तन और वैश्विक तापन के कारण AMOC अपनी सुझाई गई गति से कमजोर हो रहा है, जिसके पूरी तरह से ठप होने पर उत्तर-पश्चिमी यूरोप में गंभीर शीतलन (Severe Cooling) और दक्षिण अमेरिकी तथा अफ्रीकी मानसून प्रणालियों में भारी व्यवधान उत्पन्न हो सकता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
→
सामान्य विज्ञान, पर्यावरण और पारिस्थितिकी के संदर्भ में, 'जैविक ऑक्सीजन मांग' (Biological Oxygen Demand - BOD) और 'रासायनिक ऑक्सीजन मांग' (Chemical Oxygen Demand - COD) के बीच के अंतर और जल प्रदूषण के मापन के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. जैविक ऑक्सीजन मांग (BOD) पानी में मौजूद कार्बनिक पदार्थों को विघटित करने के लिए एरोबिक सूक्ष्मजीवों द्वारा उपभोग की जाने वाली ऑक्सीजन की मात्रा को मापती है, जबकि रासायनिक ऑक्सीजन मांग (COD) पानी में मौजूद दोनों प्रकार के यानी जैव-अपघटनीय (biodegradable) और अजैव-अपघटनीय (non-biodegradable) कार्बनिक पदार्थों के रासायनिक ऑक्सीकरण के लिए आवश्यक ऑक्सीजन की कुल मात्रा को मापती है।
2. किसी भी जल निकाय के लिए COD का मान हमेशा BOD के मान से कम या उसके बराबर होता है, क्योंकि रासायनिक ऑक्सीडेंट उन सभी यौगिकों को ऑक्सीकृत कर देते हैं जिन्हें सूक्ष्मजीव विघटित नहीं कर सकते।
3. जल प्रदूषण के सूचकांक के रूप में, यदि किसी जल के नमूने में BOD और COD दोनों का स्तर अत्यधिक उच्च पाया जाता है, तो यह उस जल निकाय में उच्च स्तर के कार्बनिक प्रदूषण और कम घुली हुई ऑक्सीजन (Dissolved Oxygen) की उपस्थिति को दर्शाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
→
गांधीजी ने पूना पैक्ट के समय कहाँ पर आमरण अनशन किया था?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.