त्वरित लिंक्स
Civil services
17 views
भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'अनुच्छेद 263' के अंतर्गत 'अंतर-राज्य परिषद' (Inter-State Council) के गठन, शक्तियों और कार्यप्रणाली के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. संविधान के अनुच्छेद 263 के अनुसार, यदि किसी समय राष्ट्रपति को यह प्रतीत होता है कि अंतर-राज्य परिषद की स्थापना से लोकहित की प्राप्ति होगी, तो राष्ट्रपति आदेश द्वारा ऐसी परिषद की स्थापना कर सकता है और उसके सदस्यों की नियुक्ति तथा उनकी पद्धति और संगठन के संबंध में नियम बना सकता है।
- 2. अंतर-राज्य परिषद एक स्थायी संवैधानिक निकाय (Permanent Constitutional Body) है जिसे वर्ष 1950 में संविधान के प्रारंभ के साथ ही अनिवार्य रूप से स्थापित किया गया था, और इसके अध्यक्ष केंद्रीय गृह मंत्री होते हैं।
- 3. सरकारी आयोग (Sarkaria Commission) की सिफारिशों के आधार पर वर्ष 1990 में राष्ट्रपति के एक आदेश द्वारा अंतर-राज्य परिषद की औपचारिक स्थापना की गई थी, जिसके कार्यों में राज्यों के बीच उत्पन्न होने वाले विवादों की जाँच करना और उन पर सलाह देना शामिल है, हालांकि इस परिषद द्वारा दिया गया कोई भी निर्णय न्यायालय के डिक्री के समान सीधे बाध्यकारी नहीं होता है बल्कि यह केवल एक संस्तुतिकारी (Advisory) निकाय है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है: भारतीय संविधान के अनुच्छेद 263 के तहत राष्ट्रपति को यह शक्ति दी गई है कि यदि लोकहित में ऐसा करना आवश्यक हो, तो वह अंतर-राज्य परिषद की स्थापना कर सकता है और इसके कर्तव्यों, संगठन और प्रक्रिया को परिभाषित कर सकता है।
कथन 2 गलत है: अंतर-राज्य परिषद कोई वर्ष 1950 से अस्तित्व में नहीं थी और न ही यह एक अनिवार्य या स्वतः स्थापित होने वाली परिषद थी। इसके अलावा, अंतर-राज्य परिषद के अध्यक्ष भारत के **प्रधानमंत्री** होते हैं, न कि गृह मंत्री (हालांकि गृह मंत्री इसके सदस्य होते हैं)।
कथन 3 सही है: न्यायमूर्ति आर.एस. सरकारिया की अध्यक्षता वाले 'सरकारी आयोग' (1983-88) की प्रबल संस्तुति पर वर्ष 1990 में राष्ट्रपति के एक आदेश द्वारा पहली बार अंतर-राज्य परिषद की स्थापना की गई थी। यह एक संस्तुतिकारी (Advisory) निकाय है जो राज्यों के बीच या केंद्र और राज्यों के बीच उत्पन्न होने वाले विवादों की जाँच करता है और समन्वय स्थापित करने के लिए सुझाव देता है। इसके निर्णय बाध्यकारी नहीं होते हैं।
Related Questions
→
मौलिक कर्तव्य संविधान के किस अनुच्छेद के अंतर्गत आते हैं?
→
हाल ही में जारी रिपोर्ट के अनुसार 2026 में सबसे अधिक Foreign Exchange (Forex) Reserves वाला देश कौन-सा है?
→
विस्फोट के कारण चर्चा में रहा माउंट सेमेरु किस देश में स्थित है?
→
भारतीय पर्यावरण, पारिस्थितिकी और जैव विविधता के संदर्भ में, 'राष्ट्रीय स्वच्छ हवा कार्यक्रम' (National Clean Air Programme - NCAP) और वायु प्रदूषण प्रबंधन से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) द्वारा वर्ष 2019 में शुरू किया गया 'राष्ट्रीय स्वच्छ हवा कार्यक्रम' (NCAP) देश का पहला राष्ट्रव्यापी प्रयास है, जिसका उद्देश्य देश के चयनित गैर-प्राप्ति शहरों (Non-attainment Cities) में पार्टिकुलेट मैटर (PM10 और PM2.5) सांद्रता में कमी लाना है।
2. 'गैर-प्राप्ति शहर वे शहर होते हैं जो पिछले पाँच वर्षों के दौरान राष्ट्रीय परिवेशी वायु गुणवत्ता मानकों (NAAQS) का लगातार उल्लंघन करते रहे हैं, और NCAP के तहत प्रारंभिक लक्ष्य वर्ष 2024 तक इन शहरों में पार्टिकुलेट मैटर के प्रदूषण में 20 से 30 प्रतिशत तक की कमी लाना था, जिसे बाद में संशोधित करके वर्ष 2026 तक 40 प्रतिशत तक की कमी का नया लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
3. NCAP केवल एक वैधानिक (Statutory) और बाध्यकारी ढांचा है, जिसे वायु (प्रदूषण निवारण और नियंत्रण) अधिनियम, 1981 के कठोर कानूनी प्रावधानों के तहत लागू किया जाता है, और इसके लक्ष्यों को पूरा न करने पर संबंधित नगर निकायों पर स्वतः भारी आर्थिक जुर्माने का प्रावधान है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
→
किस रिपोर्ट ने पहली बार वैश्विक स्तर पर संसाधनों की सीमा को उजागर किया था?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.