त्वरित लिंक्स
Civil services
1 views
भारतीय अर्थव्यवस्था और 'संधारणीय विकास लक्ष्य' (Sustainable Development Goals - SDGs) के संदर्भ में, 'नीति आयोग' द्वारा जारी 'सतत विकास लक्ष्य भारत सूचकांक' (SDG India Index) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. SDG India Index देश के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में सामाजिक, आर्थिक और पर्यावरणीय मापदंडों पर उनकी प्रगति का आकलन करता है, और इसके निर्माण में केवल संयुक्त राष्ट्र द्वारा निर्धारित 17 वैश्विक लक्ष्यों को ज्यों का त्यों उपयोग किया जाता है, बिना किसी भारतीय संदर्भ या अनुकूलन के।
- 2. इस सूचकांक के अंतर्गत राज्यों को उनके प्रदर्शन के आधार पर चार श्रेणियों में वर्गीकृत किया जाता है: आकांक्षी (Aspirant), प्र ̈गतिशील (Performer), अग्रणी (Front-Runner), और लक्ष्य प्राप्तकर्ता (Achiever)।
- 3. वर्ष 2023-24 के नवीनतम संस्करण में केरल और उत्तराखंड जैसे राज्यों ने शीर्ष स्थान प्राप्त किया है, जबकि बिहार और झारखंड जैसे राज्य 'आकांक्षी' श्रेणी के अंतर्गत आते हैं, जो भारत के भीतर अंतरा-राज्यीय क्षेत्रीय असमानताओं को उजागर करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 असत्य है क्योंकि नीति आयोग का 'एसडीजी इंडिया इंडेक्स' संयुक्त राष्ट्र के वैश्विक लक्ष्यों पर आधारित जरूर है, लेकिन इसे भारत के राष्ट्रीय और क्षेत्रीय संदर्भों, उपलब्ध डेटा और राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुसार अनुकूलित (Adapted) किया गया है। इसमें भारत की विशिष्ट परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए संकेतकों का चयन किया जाता है। कथन 2 सत्य है क्योंकि इस सूचकांक में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को उनके समग्र स्कोर (0 से 100 के पैमाने पर) के आधार पर चार श्रेणियों - आकांक्षी (0-49), प्रगतिशील (50-64), अग्रणी (65-99), और लक्ष्य प्राप्तकर्ता (100) में वर्गीकृत किया जाता है। कथन 3 सत्य है; इस सूचकांक के विभिन्न संस्करणों में केरल, हिमाचल प्रदेश, तमिलनाडु और उत्तराखंड जैसे राज्यों ने उच्च प्रदर्शन करते हुए 'अग्रणी' श्रेणी में स्थान प्राप्त किया है, जबकि बिहार, झारखंड और असम जैसे राज्य सामाजिक-आर्थिक संकेतकों में पिछड़े होने के कारण 'आकांक्षी' या निचले पायदान पर रहे हैं, जो देश में अंतर-क्षेत्रीय असमानताओं को दर्शाता है।
Related Questions
→
हाल ही में मध्य प्रदेश की किन चार पारंपरिक फसलों को भौगोलिक संकेत (GI) Tag प्रदान किया गया है?
→
फीफा विश्व कप 2026 की मेज़बानी कौन-से देश करेंगे?
→
बक्सर के युद्ध (1764) में ब्रिटिश सेना का नेतृत्व किसने किया था?
→
भारतीय इतिहास, कला एवं संस्कृति के संदर्भ में, प्राचीन भारत की प्रमुख बौद्ध वास्तुकला और स्थापत्य कला (Buddhist Architecture) के अंतर्गत 'चैत्य' (Chaitya) और 'विहार' (Vihara) से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. प्राचीन बौद्ध वास्तुकला में 'चैत्य' वस्तुतः एक आयताकार प्रार्थना हॉल या पूजा गृह होता था जिसके अंत में एक स्तूप स्थित होता था, जबकि 'विहार' बौद्ध भिक्षुओं के निवास और विश्राम के लिए बनाए गए आवासीय कक्ष होते थे।
2. अधिकांश प्रारंभिक चैत्य गृहों और विहारों का निर्माण चट्टानों को काटकर (Rock-cut architecture) किया गया था, जिनमें पश्चिमी भारत की गुफाएँ (जैसे कार्ले, भजा, अजंता और एलोरा) प्रमुख उदाहरण हैं, और इनमें लकड़ी के तत्वों (Wooden facades) का अनुकरण करने की अनूठी विशेषता पाई जाती है।
3. हीनयान (Theravada) और महायान (Mahayana) दोनों ही बौद्ध परंपराओं के काल में चैत्य और विहारों की वास्तुकला में कोई परिवर्तन नहीं आया, तथा महायान काल के दौरान भी विहारों में केवल साधारण आवासीय कक्ष ही बनाए गए, जिनमें बुद्ध की मूर्तियों या पूजा स्थलों के लिए किसी भी प्रकार के गर्भगृह या कक्ष का प्रावधान नहीं किया गया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
→
भारतीय इतिहास, कला एवं संस्कृति के संदर्भ में, मध्यकालीन भारत के दौरान प्रचलित 'अकबर की भू-राजस्व प्रणाली' (दहसाला व्यवस्था) तथा उससे संबंधित प्रशासनिक सुधारों के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. दहसाला व्यवस्था (Zabt System), जिसे टोडरमल की सहायता से लागू किया गया था, के अंतर्गत पिछले दस वर्षों के दौरान विभिन्न फसलों के औसत उत्पादन तथा उनके औसत बाजार मूल्यों का आकलन करके राजस्व का निर्धारण किया जाता था।
2. इस व्यवस्था के तहत भूमि का वर्गीकरण उसकी उर्वरता के आधार पर चार श्रेणियों—पोलज, परती, चाचर और बंजर—में किया गया था, जिनमें से 'पोलज' वह भूमि थी जिस पर प्रतिवर्ष खेती की जाती थी और उसे कभी भी खाली नहीं छोड़ा जाता था।
3. 'नस्क' या 'कंकूट' प्रणाली दहसाला पद्धति से पूरी तरह भिन्न थी, जिसमें फसल के कटने से पहले खेत में खड़े फसल के अनुमान (Crop Estimate) के आधार पर राज्य का हिस्सा तय किया जाता था, और यह प्रणाली केवल चुनिंदा प्रांतों में ही लागू थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.