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भारतीय इतिहास और राष्ट्रीय आंदोलन के संदर्भ में, वर्ष 1931 के 'कराची अधिवेशन' (Karachi Session) और उससे संबंधित 'मौलिक अधिकारों और राष्ट्रीय आर्थिक कार्यक्रमों के प्रस्ताव' के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के कराची अधिवेशन की अध्यक्षता सरदार वल्लभभाई पटेल ने की थी, और इसी अधिवेशन में पहली बार कांग्रेस ने 'पूर्ण स्वराज्य' के लक्ष्य को आधिकारिक तौर पर स्वीकार किया था।
  2. 2. इस अधिवेशन में पारित 'मौलिक अधिकारों और आर्थिक नीति' का ऐतिहासिक प्रस्ताव मुख्य रूप से जवाहरलाल नेहरू द्वारा तैयार किया गया था, जिसमें भाषण और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के साथ-साथ उद्योगों के राज्य के नियंत्रण या स्वामित्व का प्रावधान भी शामिल था।
  3. 3. इस प्रस्ताव में पहली बार कृषि ऋणों की राहत, श्रमिकों के लिए जीवन निर्वाह मजदूरी और काम के उचित घंटों जैसे सामाजिक-आर्थिक अधिकारों को राष्ट्रीय आंदोलन के एजेंडे में शामिल किया गया था।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 गलत है: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के कराची अधिवेशन (वर्ष 1931) की अध्यक्षता सरदार वल्लभभाई पटेल ने की थी, यह कथन सही है; किंतु 'पूर्ण स्वराज्य' के लक्ष्य को पहली बार वर्ष 1929 के लाहौर अधिवेशन (जिसकी अध्यक्षता जवाहरलाल नेहरू ने की थी) में आधिकारिक तौर पर स्वीकार किया गया था, न कि कराची अधिवेशन में। कराची अधिवेशन में मुख्य रूप से गांधी-इरविन समझौते का समर्थन किया गया था और मौलिक अधिकारों पर ऐतिहासिक प्रस्ताव पारित किया गया था। कथन 2 सही है: कराची अधिवेशन में पारित 'मौलिक अधिकारों और राष्ट्रीय आर्थिक कार्यक्रमों' का प्रसिद्ध प्रस्ताव मुख्य रूप से जवाहरलाल नेहरू द्वारा तैयार किया गया था। इस प्रस्ताव में नागरिकों के मौलिक अधिकारों (जैसे भाषण और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, संगठन बनाने की स्वतंत्रता आदि) के साथ-साथ प्रमुख उद्योगों, खदानों और परिवहन के राज्य द्वारा नियंत्रण या स्वामित्व की वकालत की गई थी। कथन 3 सही है: इस ऐतिहासिक प्रस्ताव ने भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन के दायरे को केवल राजनीतिक स्वतंत्रता तक सीमित न रखकर सामाजिक-आर्थिक न्याय तक विस्तारित किया। इसमें श्रमिकों के लिए जीवन निर्वाह मजदूरी, काम के उचित घंटे, महिलाओं और बच्चों के श्रम का निषेध, और किसानों के लिए कृषि ऋणों से राहत जैसे महत्वपूर्ण प्रावधानों को शामिल किया गया था।
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