त्वरित लिंक्स
Civil services
16 views
भारतीय और विश्व भूगोल के संदर्भ में, 'महासागरीय तापीय ऊर्जा रूपांतरण' (Ocean Thermal Energy Conversion - OTEC) तकनीक के कार्यप्रणाली और इसकी पर्यावरणीय संभावनाओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. OTEC तकनीक समुद्र के गर्म सतह के जल और गहरे समुद्र के ठंडे जल के बीच के तापमान अंतर का उपयोग करके विद्युत ऊर्जा उत्पन्न करती है, जिसके लिए दोनों परतों के बीच न्यूनतम 20 डिग्री सेल्सियस का तापमान अंतर आदर्श माना जाता है।
- 2. यह प्रणाली केवल बंद-चक्र (Closed-cycle) प्रणालियों के रूप में ही संचालित की जा सकती है, जिसमें अमोनिया जैसे कम क्वथनांक वाले कार्यशील द्रवों का उपयोग किया जाता है, और इसमें खुले-चक्र (Open-cycle) प्रणालियों के उपयोग का कोई प्रावधान नहीं होता है।
- 3. OTEC संयंत्रों की स्थापना से उत्पन्न होने वाले एक प्रमुख पर्यावरणीय लाभ के रूप में, गहरे समुद्र के ठंडे और पोषक तत्वों से भरपूर जल को सतह पर लाने से समुद्री जैव विविधता और फाइटोप्लैankton के विकास को बढ़ावा मिलता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है: महासागरीय तापीय ऊर्जा रूपांतरण (OTEC) महासागर की गर्म सतह के जल (लगभग 25°C) और गहरे समुद्र (लगभग 1000 मीटर नीचे) के ठंडे जल (लगभग 5°C) के बीच के तापमान अंतर (जो कि न्यूनतम 20°C होना चाहिए) का उपयोग करके ऊर्जा उत्पन्न करती है।
कथन 2 गलत है: OTEC प्रणालियाँ मुख्य रूप से दो प्रकार की होती हैं- बंद-चक्र (Closed-cycle) प्रणालियाँ, जो अमोनिया या अन्य कम क्वथनांक वाले द्रवों का उपयोग करती हैं, और खुले-चक्र (Open-cycle) प्रणालियाँ, जो गर्म समुद्री जल को ही कम दबाव में वाष्पित करके टरबाइन चलाती हैं और साथ ही उप-उत्पाद के रूप में अल-सिक्त (desalinated) जल भी प्रदान करती हैं।
कथन 3 सही है: जब गहरे समुद्र का ठंडा जल, जो पोषक तत्वों (Nutrients) से भरपूर होता है, ऊपर लाया जाता है, तो इसका उपयोग जलीय कृषि (Aquaculture) और फाइटोप्लांकटन के विकास को प्रोत्साहित करने के लिए किया जा सकता है, जो समुद्री खाद्य श्रृंखला को लाभ पहुँचाता है। हालांकि, इसके स्थानीय पर्यावरणीय प्रभाव का भी आकलन करना पड़ता है।
Related Questions
→
भारतीय पर्यावरण, पारिस्थितिकी एवं जैव विविधता के संदर्भ में, 'रामसर अभीसमय' (Ramsar Convention) और भारत में 'आर्द्रभूमियों' (Wetlands) के संरक्षण से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. रामसर अभीसमय वर्ष 1971 में ईरान के रामसर शहर में हस्ताक्षरित एक अंतर-सरकारी संधि है, जिसका उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय महत्व की आर्द्रभूमियों और उनके संसाधनों के संरक्षण तथा विवेकपूर्ण उपयोग (Wise Use) को बढ़ावा देना है, और भारत इस अभिसमय का एक अनुसमर्थक (Contracting Party) देश है।
2. 'मोंट्रिक्स रिकॉर्ड' (Montrex Record) रामसर सूची के अंतर्गत दर्ज आर्द्रभूमियों का एक रजिस्टर है, जिसमें ऐसी पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील आर्द्रभूमियों को शामिल किया जाता है जहाँ मानवीय हस्तक्षेप, तकनीकी विकास या प्रदूषण के कारण पारिस्थितिक परिवर्तन हो चुके हैं, हो रहे हैं या होने की संभावना है।
3. 'निती आयोग' भारत में रामसर स्थलों के रख-रखाव, नीतिगत निर्धारण और उनके आधिकारिक नामांकन के लिए जिम्मेदार सर्वोच्च और एकमात्र वैधानिक निकाय है, जो देश के सभी रामसर स्थलों के प्रबंधन के लिए सीधे बजट का आबंटन करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
→
भारतीय इतिहास और स्वतंत्रता आंदोलन के संदर्भ में, वर्ष 1930 के 'सविनय अवज्ञा आंदोलन' (Civil Disobedience Movement) और उससे जुड़े घटनाक्रमों के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. सविनय अवज्ञा आंदोलन की शुरुआत महात्मा गांधी द्वारा अपने 78 चुने हुए अनुयायियों के साथ साबरमती आश्रम से दांडी तक की 240 मील की ऐतिहासिक पदयात्रा (दांडी मार्च) के साथ 12 मार्च 1930 को की गई थी, और गांधीजी ने 6 अप्रैल 1930 को दांडी में नमक कानून तोड़कर औपचारिक रूप से इस आंदोलन का शुभारंभ किया था।
2. उत्तर-पश्चिम सीमांत प्रांत में इस आंदोलन का नेतृत्व खान अब्दुल गफ्फार खान (जिन्हें 'सीमांत गांधी' भी कहा जाता है) द्वारा किया गया था, जिन्होंने 'खुदाई खिदमतगार' (Red Shirts) नामक संगठन की स्थापना की थी, जिसने अंग्रेजों के विरुद्ध अहिंसक संघर्ष का मार्ग अपनाया था।
3. धरसाणा (गुजरात) में नमक कारखाने पर सत्याग्रहियों के शांतिपूर्ण मार्च का नेतृत्व सरोजिनी नायडू और इमाम साहब ने किया था, जिस पर पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज और बर्बरता का प्रत्यक्ष आँखों देखा हाल अमेरिकी पत्रकार वेस्ली फ्रॉस्ट (Wesley Frost) ने अपनी रिपोर्टिंग में दुनिया के सामने रखा था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
→
भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग XV' के अंतर्गत 'निर्वाचन' (Elections - Articles 324-329) और निर्वाचन आयोग से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 324 के अनुसार संसद, राज्य विधानमंडलों, राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के पदों के लिए निर्वाचनों के अधीक्षण, निर्देशन और नियंत्रण की शक्ति निर्वाचन आयोग में निहित है, और मुख्य निर्वाचन आयुक्त को सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के समान ही दुर्व्यवहार या असमर्थता के आधार पर संसद के दोनों सदनों द्वारा विशेष बहुमत से पारित प्रस्ताव के माध्यम से ही हटाया जा सकता है।
2. अनुच्छेद 326 के अनुसार लोकसभा और राज्य की विधानसभाओं के लिए प्रत्येक निर्वाचन वयस्क मताधिकार पर आधारित होगा, अर्थात यदि कोई भारत का नागरिक अठारह वर्ष की आयु पूरी कर चुका है, तो उसे अनिर्वाचित (Disqualified) नहीं किया जा सकता, सिवाय इसके कि उसे विधि द्वारा अनिर्वाचित कर दिया गया हो (जैसे अनिवासी, दिवालियापन या भ्रष्ट आचरण के आधार पर)।
3. निर्वाचन आयोग के पास किसी भी राजनीतिक दल को मान्यता देने और उसे 'राष्ट्रीय दल' (National Party) या 'राज्यीय दल' (State Party) के रूप में घोषित करने का पूर्ण अधिकार और विधिक शक्ति प्राप्त है, तथा इसके किसी भी चुनावी निर्णय या आदेश के विरुद्ध सीधे सर्वोच्च न्यायालय में केवल अनुच्छेद 32 से संवैधानिक उपचार की याचिका दायर की जा सकती है, क्योंकि उच्च न्यायालयों (High Courts) की प्रादेशिक अधिकारिता इस विषय में पूर्णतः वर्जित है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
→
कांग्रेस के किस अधिवेशन में गरम दल और नरम दल का विभाजन हुआ?
→
विद्रोहियों ने किसे भारत का सम्राट घोषित किया था?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.