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भारतीय और विश्व भूगोल के संदर्भ में, 'महासागरीय धाराएँ' (Ocean Currents) और उन्हें प्रभावित करने वाले कारकों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. महासागरीय धाराओं के संचलन को मुख्य रूप से प्राथमिक बल प्रभावित करते हैं, जिनमें सौर ऊर्जा से उत्पन्न तापीय भिन्नता, वायुदाब और पवनें, पृथ्वी का घूर्णन (कोरिओलिस बल) तथा गुरुत्वाकर्षण बल शामिल हैं।
- 2. पृथ्वी का कोरिओलिस बल उत्तरी गोलार्ध में महासागरीय धाराओं को उनकी मूल दिशा के दाईं ओर और दक्षिणी गोलार्ध में बाईं ओर विक्षेपित कर देता है, और यह बल भूमध्य रेखा (Equator) पर अधिकतम तथा ध्रुवों पर शून्य होता है।
- 3. महासागरीय जल की लवणता (Salinity) और घनत्व में अंतर भी ऊर्ध्वाधर (Vertical) और क्षैतिज (Horizontal) धाराओं की उत्पत्ति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, जिसके कारण कम घनत्व वाला ठंडा और अत्यधिक लवणीय जल सतह पर तैरता है और अधिक घनत्व वाला गर्म जल नीचे बैठ जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है: महासागरीय धाराओं की उत्पत्ति और उनके संचलन को मुख्य रूप से प्राथमिक बल प्रभावित करते हैं। इन प्राथमिक बलों में सौर तापन (ऊष्मा), वायुदाब, प्रचलित पवनें (जैसे व्यापारिक पवनें और पछुआ पवनें), गुरुत्वाकर्षण बल और पृथ्वी का घूर्णन (कोरिओलिस बल) शामिल हैं।
कथन 2 गलत है: पृथ्वी का कोरिओलिस बल (Coriolis force) उत्तरी गोलार्ध में धाराओं को दाईं ओर और दक्षिणी गोलार्ध में बाईं ओर विक्षेपित करता है (फेरेल का नियम)। हालाँकि, कोरिओलिस बल भूमध्य रेखा पर 'शून्य' (Zero) होता है और ध्रुवों की ओर अधिकतम होता है, न कि इसके विपरीत।
कथन 3 गलत है: महासागरीय जल की लवणता और घनत्व में अंतर धाराओं को प्रभावित करता है, परंतु घनत्व का नियम इसके विपरीत कार्य करता है—अधिक तापमान और कम लवणता वाला जल कम घनत्व का होता है और सतह पर रहता है, जबकि 'ठंडा और अत्यधिक लवणीय जल' अधिक घनत्व (High Density) के कारण नीचे बैठता है और तलीय (Bottom) धाराओं का निर्माण करता है।
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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग III' (मौलिक अधिकार - अनुच्छेद 12 से 35) के अंतर्गत 'समानता का अधिकार' (अनुच्छेद 14 से 18) से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान का अनुच्छेद 14 राज्य को भारत के राज्यक्षेत्र के भीतर किसी व्यक्ति को विधि के समक्ष समता (Equality before law) या विधियों के समान संरक्षण (Equal protection of the laws) से वंचित करने से प्रतिषेध करता है, जिसमें 'विधि के समक्ष समता' की अवधारणा ब्रिटिश मूल की है और इसका अर्थ किसी भी व्यक्ति के पक्ष में विशिष्ट विशेषाधिकारों का अभाव है, जबकि 'विधियों के समान संरक्षण' की अवधारणा अमेरिकी संविधान से ली गई है जिसका तात्पर्य समान परिस्थितियों वाले व्यक्तियों के बीच समान व्यवहार तथा असमानों के साथ असमान व्यवहार करना है।
2. संविधान का अनुच्छेद 15 राज्य को किसी भी नागरिक के विरुद्ध केवल धर्म, मूलवंश, जाति, लिंग, जन्म स्थान या इनमें से किसी के आधार पर कोई विभेद करने से रोकता है, किंतु इस अनुच्छेद में यह भी प्रावधान किया गया है कि राज्य महिलाओं और बालकों के लिए तथा सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े हुए नागरिकों के वर्गों के लिए या अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के लिए कोई विशेष उपबंध कर सकता है, जिसे 103वें संविधान संशोधन अधिनियम द्वारा आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों (EWS) के लिए भी विस्तारित किया गया है।
3. संविधान का अनुच्छेद 18 उपाधियों का अंत करता है, जिसके तहत राज्य सेना या विद्या संबंधी सम्मान के सिवाय और कोई उपाधि प्रदान नहीं कर सकता है, तथा भारत का कोई नागरिक किसी विदेशी राज्य से कोई उपाधि राष्ट्रपति की सहमति के बिना स्वीकार नहीं कर सकता है, किंतु उच्चतम न्यायालय ने अपने एक ऐतिहासिक निर्णय (बालाजी राघवन वाद, 1996) में यह स्पष्ट किया कि 'भारत रत्न', 'पद्म विभूषण', 'पद्म भूषण' और 'पद्म श्री' जैसे राष्ट्रीय पुरस्कार अनुच्छेद 18 के अर्थ के अंतर्गत 'उपाधियाँ' (Titles) हैं, इसलिए इन अलंकरणों का प्रयोग पुरस्कार प्राप्तकर्ताओं द्वारा अपने नाम के आगे या पीछे उपसर्ग या प्रत्यय के रूप में किया जा सकता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय और विश्व भूगोल के संदर्भ में, 'जेट स्ट्रीम' (Jet Streams) और उनके वायुमंडलीय प्रभावों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. जेट स्ट्रीम क्षोभमंडल (Troposphere) के ऊपरी हिस्से में तीव्र गति से बहने वाली संकीर्ण हवाओं की नदियाँ हैं, और ध्रुवीय वाताग्र जेट स्ट्रीम (Polar Front Jet Stream) मुख्य रूप से ठंडी ध्रुवीय हवाओं और गर्म उष्णकटिबंधीय हवाओं के बीच तापमान के अत्यधिक अंतर के कारण उत्पन्न होती है।
2. भारत में ग्रीष्मकालीन मानसून के आगमन और उसके वितरण में 'उष्णकटिबंधीय पूर्वी जेट स्ट्रीम' (Tropical Easterly Jet Stream) की एक महत्वपूर्ण भूमिका होती है, जो गर्मियों के दौरान तिब्बती पठार के गर्म होने से उत्पन्न होकर प्रायद्वीपीय भारत के ऊपर से पूर्व से पश्चिम की ओर प्रवाहित होती है।
3. रॉस्बी तरंगें (Rossby Waves) लंबी वायुमंडलीय तरंगें होती हैं जो जेट स्ट्रीम के मार्ग में क्षैतिज रूप से घुमावदार पैटर्न बनाती हैं, और इन तरंगों के अत्यधिक विस्थापन से मौसम की स्थिति में लंबे समय तक अवरोध उत्पन्न हो सकता है, जिससे गंभीर सूखे या अत्यधिक बाढ़ जैसी चरम मौसमी घटनाएं होती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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