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भारतीय पर्यावरण, पारिस्थितिकी और जैव विविधता के संदर्भ में, 'आर्द्रभूमियाँ (संरक्षण और प्रबंधन) नियम, 2017' [Wetlands (Conservation and Management) Rules, 2017] और इसके अंतर्गत स्थापित विधिक एवं प्रशासनिक तंत्र के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. इन नियमों के तहत 'आर्द्रभूमि' (Wetland) की परिभाषा में नदी के किनारे के वे क्षेत्र, चावल के खेत (Paddy fields) और मानव निर्मित जल निकाय जिन्हें अपशिष्ट जल उपचार के लिए विशेष रूप से बनाया गया है, स्पष्ट रूप से शामिल किए गए हैं।
  2. 2. 'आर्द्रभूमियाँ (संरक्षण और प्रबंधन) नियम, 2017' के प्रावधानों के अनुसार प्रत्येक राज्य और केंद्र शासित प्रदेश में 'राज्य आर्द्रभूमि प्राधिकरण' (State Wetland Authority) का गठन किया जाना अनिवार्य है, जिसकी अध्यक्षता संबंधित राज्य के पर्यावरण या वन मंत्री द्वारा की जाती है।
  3. 3. ये नियम आर्द्रभूमियों के भीतर कुछ विशिष्ट गतिविधियों, जैसे कि अतिक्रमण, ठोस अपशिष्ट डंपिंग, वाणिज्यिक उद्योगों की स्थापना और उद्योगों से निकलने वाले अनुपचारित बहिःस्राव (Effluents) के डिस्चार्ज पर पूर्ण प्रतिबंध लगाते हैं।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 गलत है: 'आर्द्रभूमियाँ (संरक्षण और प्रबंधन) नियम, 2017' के तहत 'आर्द्रभूमि' की परिभाषा से नदी के किनारे के क्षेत्रों (River channels), धान के खेतों (Paddy fields), पेयजल उद्देश्यों के लिए बनाए गए मानव निर्मित जलाशयों, और अपशिष्ट जल उपचार के लिए बनाए गए मानव निर्मित जल निकायों को स्पष्ट रूप से **बाहर** (Excluded) रखा गया है। कथन 2 गलत है: प्रत्येक राज्य और केंद्र शासित प्रदेश में 'राज्य आर्द्रभूमि प्राधिकरण' (State Wetland Authority) का गठन किया जाना अनिवार्य है, किंतु इस प्राधिकरण के अध्यक्ष संबंधित राज्य या केंद्र शासित प्रदेश के **पर्यावरण या वन विभाग के प्रभारी मंत्री (Minister-in-charge of Environment/Forests)** होते हैं, न कि मुख्यमंत्री या कोई अन्य मंत्री। कथन 3 सही है: ये नियम आर्द्रभूमियों के पारिस्थितिक चरित्र को संरक्षित करने के लिए उनके भीतर अतिक्रमण, ठोस अपशिष्ट डंपिंग, वाणिज्यिक उद्योगों की स्थापना, और उद्योगों से निकलने वाले अनुपचारित बहिःस्राव के डिस्चार्ज जैसी हानिकारक गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाते हैं। अतः केवल कथन 3 सही है।
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