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भारतीय पर्यावरण, पारिस्थितिकी और जैव विविधता के संदर्भ में, 'वन (संरक्षण) अधिनियम, 1980' और इसमें 'वन (संरक्षण) संशोधन अधिनियम, 2023' द्वारा किए गए प्रमुख संशोधनों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. वन (संरक्षण) संशोधन अधिनियम, 2023 के माध्यम से इस अधिनियम का नाम बदलकर 'वन (संरक्षण एवं संवर्धन) अधिनियम' कर दिया गया है, और यह अधिनियम अब विशेष रूप से केवल उन वनों पर लागू होता है जिन्हें भारतीय वन अधिनियम, 1927 या किसी अन्य कानून के तहत 'आरक्षित वन' या 'संरक्षित वन' के रूप में आधिकारिक रूप से अधिसूचित किया गया है।
  2. 2. यह संशोधन अधिनियम अंतरराष्ट्रीय सीमाओं या वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के पास रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण राष्ट्रीय सुरक्षा परियोजनाओं के निर्माण के लिए, तथा सीमावर्ती क्षेत्रों से 100 किलोमीटर के दायरे में आने वाली रक्षा अवसंरचना के लिए वन भूमि के डायवर्जन हेतु पूर्व केंद्रीय अनुमति (Central Approval) की अनिवार्यता से छूट प्रदान करता है।
  3. 3. इस नए संशोधन के तहत भारत की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं से 100 किलोमीटर के भीतर स्थित सभी प्रकार के वनों, जूतने योग्य भूमि और वृक्षों से आच्छादित क्षेत्रों को राज्य सरकारों द्वारा केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय की सहमति के बिना डायवर्ट या गैर-वानिकी गतिविधियों के लिए उपयोग किया जा सकता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 गलत है: वन (संरक्षण) संशोधन अधिनियम, 2023 के द्वारा मूल अधिनियम का नाम 'वन (संरक्षण) अधिनियम, 1980' से बदलकर 'वन (संरक्षण एवं संवर्धन) अधिनियम, 1980' कर दिया गया है, किंतु यह अधिनियम केवल अधिसूचित वनों तक ही सीमित नहीं है। इसमें स्पष्ट किया गया है कि यह अधिनियम (क) 25 अक्टूबर 1980 को या उसके बाद किसी भी कानून के तहत वन के रूप में दर्ज/अधिसूचित भूमि पर, और (ख) 12 दिसंबर 1996 के बाद सरकारी रिकॉर्ड में वन के रूप में दर्ज भूमि पर लागू होगा (टी.एन. गोदातिरुमल वाद के परिप्रेक्ष्य में)। कथन 2 गलत है: 2023 के संशोधन अधिनियम के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय सीमाओं, वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) या वास्तविक भू-संपर्क रेखा के 100 किलोमीटर के दायरे में आने वाली राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी कुछ विशिष्ट और रणनीतिक परियोजनाओं के लिए वन भूमि के डायवर्जन को 'वन भूमि की पूर्व स्वीकृति' की अनिवार्यता से छूट दी गई है, किंतु इसके लिए पूर्ण रूप से बिना किसी शर्त के छूट नहीं है और इसमें सभी प्रकार की रक्षा अवसंरचना शामिल नहीं है, बल्कि विशिष्ट सुरक्षा और जनहित परियोजनाएं शामिल हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यह छूट 100 किलोमीटर के दायरे में आने वाली 'सभी' रक्षा अवसंरचनाओं पर अनियंत्रित रूप से लागू नहीं होती, और इसके कई विधिक प्रतिबंध हैं। कथन 3 गलत है: संशोधन अधिनियम के तहत सीमावर्ती क्षेत्रों में कुछ विशिष्ट सुरक्षा परियोजनाओं को केंद्र की पूर्व अनुमति से छूट देने का प्रावधान है, इसका अर्थ यह बिल्कुल नहीं है कि राज्य सरकारें अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के 100 किलोमीटर के भीतर स्थित सभी प्रकार के वनों और वृक्ष आच्छादित क्षेत्रों को अपनी मर्जी से बिना केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय और केंद्र सरकार की सहमति के गैर-वानिकी गतिविधियों के लिए डायवर्ट कर सकती हैं। अतः कथन 3 पूर्णतः सत्य नहीं है। अतः सही उत्तर विकल्प (d) 'कोई भी नहीं' है।
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