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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'अनुच्छेद 371' और इसके विभिन्न खंडों के अंतर्गत विशिष्ट राज्यों के लिए किए गए 'विशेष प्रावधानों' (Special Provisions) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. संविधान का अनुच्छेद 371A नागालैंड राज्य से संबंधित है, जिसके तहत यह प्रावधान किया गया है कि संसद का कोई भी अधिनियम नागालैंड की धार्मिक या सामाजिक प्रथाओं, नागा रूढ़िगत कानूनों और प्रक्रियाओं, तथा भूमि के स्वामित्व और हस्तांतरण से संबंधित सिविल या आपराधिक न्याय प्रशासन पर तब तक लागू नहीं होगा, जब तक कि नागालैंड की विधानसभा इसके लिए संकल्प द्वारा अनुमोदन न कर दे।
- 2. अनुच्छेद 371D और 371E आंध्र प्रदेश तथा तेलंगाना राज्य में शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश और सार्वजनिक रोजगार के मामलों में विशिष्ट स्थानीय कैडर और न्यायसंगत अवसरों को सुनिश्चित करने के लिए राष्ट्रपति को विशेष आदेश जारी करने की शक्ति प्रदान करते हैं।
- 3. अनुच्छेद 371H के तहत अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल को कानून और व्यवस्था के रखरखाव के संबंध में अपने विवेक (Discretion) के अनुसार कार्य करने की विशेष जिम्मेदारी दी गई है, और इस संबंध में मुख्यमंत्री तथा उसकी मंत्रिपरिषद की सलाह राज्यपाल के लिए संवैधानिक रूप से पूरी तरह बाध्यकारी होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है: भारतीय संविधान के अनुच्छेद 371A (जिसे 13वें संशोधन अधिनियम, 1962 द्वारा जोड़ा गया था) में नागालैंड के संबंध में विशेष प्रावधान किए गए हैं। इसके अंतर्गत संसद का कोई भी अधिनियम नागालैंड की धार्मिक/सामाजिक प्रथाओं, नागा रूढ़िगत कानूनों, और भूमि तथा उसके संसाधनों के स्वामित्व व हस्तांतरण से जुड़े मामलों पर तब तक लागू नहीं होता, जब तक कि नागालैंड विधान सभा संकल्प द्वारा ऐसा निर्णय न ले।
कथन 2 सही है: अनुच्छेद 371D और 371E (जिन्हें 32वें संशोधन अधिनियम, 1973 द्वारा जोड़ा गया था) आंध्र प्रदेश और (अब तेलंगाना पर भी लागू) राज्य में शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश तथा राज्य सरकार के पदों पर रोजगार में स्थानीय लोगों के लिए पर्याप्त अवसर सुनिश्चित करने हेतु राष्ट्रपति को विशेष शक्तियां प्रदान करते हैं।
कथन 3 गलत है: अनुच्छेद 371H अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल को कानून और व्यवस्था के रखरखाव के संबंध में विशेष उत्तरदायित्व सौंपता है। इस विशेष मामले में, राज्यपाल अपने विवेक (Discretion) के अनुसार कार्य करता है (मुख्यमंत्री और मंत्रिपरिषद से परामर्श करने के बाद भी), और मंत्रिपरिषद की सलाह राज्यपाल के लिए इस विशिष्ट मामले में बाध्यकारी नहीं होती है। अत: कथन 3 गलत है।
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एनी बेसेंट ने अपना होम रूल लीग कहाँ स्थापित किया था?
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भारतीय पर्यावरण कानून और 'राष्ट्रीय हरित अधिकरण' (National Green Tribunal - NGT) की विधिक शक्तियों तथा अधिकारक्षेत्र के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. राष्ट्रीय हरित अधिकरण अधिनियम, 2010 की धारा 14 और 15 के तहत NGT को पर्यावरण से जुड़े उन सभी सिविल मामलों में न्यायनिर्णयन की व्यापक शक्ति प्राप्त है जो अधिनियम की अनुसूची I में सूचीबद्ध सात विशिष्ट पर्यावरण कानूनों (जैसे पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, वन संरक्षण अधिनियम आदि) के प्रवर्तन से संबंधित हैं।
2. 'सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन बनाम भारत संघ' या NGT से जुड़े अन्य न्यायिक निर्णयों में यह स्पष्ट रूप से अभिनिर्धारित किया गया है कि अधिकरण के पास पर्यावरण संबंधी मामलों में आपराधिक अवमानना (Criminal Contempt) के मामलों को छोड़कर, अपने स्वयं के आदेशों, निर्देशों या निर्णयों की अवमानना के लिए सिविल अवमानना (Civil Contempt) के तहत दंडित करने की वही शक्ति प्राप्त है जो देश के उच्च न्यायालयों को होती है।
3. 'सेव मोनोआ बेसिन कमिटी बनाम भारत संघ' और अन्य मामलों में उच्चतम न्यायालय ने यह स्पष्ट किया है कि NGT के किसी भी आदेश या निर्णय के विरुद्ध सीधे सर्वोच्च न्यायालय में अपील करने से पहले aggrieved party (व्यथित पक्षकार) को संबंधित उच्च न्यायालय की खंडपीठ के समक्ष रिट याचिका दायर करना एक अनिवार्य और पूर्ववर्ती शर्त (Condition Precedent) है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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जहाँगीर की आत्मकथा 'तुजुक-ए-जहाँगीरी' किस भाषा में लिखी गई थी?
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भारतीय इतिहास और कला एवं संस्कृति के संदर्भ में, सल्तनत काल के दौरान प्रशासनिक व्यवस्था और राजस्व शब्दावली के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. सल्तनत काल में 'दीवान-ए-मुस्तखराज' (Diwan-i-Mustakhraj) नामक विभाग की स्थापना अलाउद्दीन खिलजी द्वारा की गई थी, जिसका प्रमुख कार्य लगान बकायेदारों की जाँच करना और राजस्व की वसूली में हुई हेराफेरी को रोकना था।
2. 'इक्ता प्रणाली' (Iqta System) के अंतर्गत सल्तनत के सुल्तानों द्वारा सैन्य अधिकारियों और अमीरों को वेतन के बदले भूमि के टुकड़े (इक्ता) प्रशासनिक नियंत्रण के लिए दिए जाते थे, तथा इल्तुतमिश के शासनकाल में ये इक्ता आनुवंशिक (Hereditary) बन गए थे और इनका हस्तांतरण पूर्णतः प्रतिबंधित था।
3. सल्तनत कालीन राजस्व व्यवस्था में 'खराज' (Kharaj) गैर-मुसलमानों पर लगाया जाने वाला भूमि कर था जो उनकी कुल उपज का एक-तिहाई से आधा हिस्सा होता था, जबकि 'जकात' (Zakat) मुसलमानों से उनकी संपत्ति पर लिया जाने वाला एक धार्मिक कर था जो केवल धार्मिक कार्यों और दान के लिए उपयोग किया जाता था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग XVIII' के अंतर्गत 'आपातकालीन उपबंध' (Emergency Provisions) तथा 'अनुच्छेद 359' के प्रावधानों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 359 के तहत राष्ट्रपति को यह अधिकार प्राप्त है कि वह राष्ट्रीय आपातकाल (अनुच्छेद 352) की उद्घोषणा के दौरान आदेश द्वारा भाग III द्वारा प्रदत्त मूल अधिकारों (अनुच्छेद 20 और 21 को छोड़कर) के प्रवर्तन को निलंबित कर सकता है, और ऐसा आदेश संपूर्ण भारत या उसके किसी भाग तक सीमित हो सकता है।
2. अनुच्छेद 359 के अंतर्गत जारी किया गया राष्ट्रपति का आदेश संसद के प्रत्येक सदन के समक्ष रखा जाना अनिवार्य होता है, और जब तक संसद उस आदेश को अपनी स्वीकृति नहीं देती, वह स्वतः लागू नहीं हो सकता।
3. अनुच्छेद 359 के अधीन मूल अधिकारों के प्रवर्तन का निलंबन होने पर संबंधित अधिकार स्वतः समाप्त या निष्प्रभावी नहीं हो जाते, बल्कि केवल न्यायालयों के माध्यम से उनके प्रवर्तन को तब तक के लिए रोक दिया जाता है जब तक आपातकाल या आदेश प्रवृत्त रहता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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