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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'अनुच्छेद 352' के अंतर्गत 'राष्ट्रीय आपातकाल' (National Emergency) की उद्घोषणा और उसके प्रभावों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. राष्ट्रपति राष्ट्रीय आपातकाल की उद्घोषणा केवल तभी कर सकता है जब मंत्रिमंडल (Cabinet) द्वारा लिखित रूप में ऐसा निर्णय राष्ट्रपति को संसूचित किया जाता है, और संविधान के मूल पाठ में 'मंत्रिमंडल' शब्द का स्पष्ट उल्लेख मूल रूप से किया गया था।
  2. 2. राष्ट्रीय आपातकाल की उद्घोषणा को संसद के दोनों सदनों द्वारा उसकी जारी होने की तारीख से 'एक मास' के भीतर विशेष बहुमत (Special Majority) द्वारा अनुमोदित किया जाना अनिवार्य होता है।
  3. 3. राष्ट्रीय आपातकाल के प्रवृत्त होने पर अनुच्छेद 19 द्वारा प्रदत्त छह मूल अधिकार स्वतः निलंबित हो जाते हैं, किंतु अनुच्छेद 20 और अनुच्छेद 21 द्वारा प्रदत्त अधिकारों को किसी भी स्थिति में निलंबित नहीं किया जा सकता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 गलत है: यद्यपि राष्ट्रपति राष्ट्रीय आपातकाल की उद्घोषणा केवल मंत्रिमंडल (Cabinet) के लिखित अनुरोध पर ही कर सकता है (यह प्रावधान 44वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1978 द्वारा जोड़ा गया था), किंतु संविधान के मूल पाठ (Original Text) में 'मंत्रिमंडल' शब्द का उल्लेख नहीं था; मूल संविधान में केवल 'मंत्रिपरिषद' (Council of Ministers) शब्द का प्रयोग अनुच्छेद 74 में था। कथन 2 सही है: राष्ट्रीय आपातकाल की प्रत्येक उद्घोषणा को संसद के दोनों सदनों द्वारा उसकी जारी होने की तारीख से एक माह के भीतर अनुमोदित किया जाना आवश्यक होता है। इसे संसद के दोनों सदनों द्वारा उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के दो-तिहाई बहुमत तथा सदन की कुल सदस्य संख्या के बहुमत (विशेष बहुमत) द्वारा पारित किया जाना अनिवार्य है। कथन 3 गलत है: राष्ट्रीय आपातकाल के दौरान अनुच्छेद 19 के तहत मिलने वाले छह मूल अधिकार स्वतः निलंबित नहीं होते हैं, बल्कि उन्हें निलंबित करने के लिए अलग से आदेश जारी करना पड़ता है (और यह निलंबन केवल युद्ध या बाह्य आक्रमण के आधार पर लगाए गए आपातकाल में ही होता है, सशस्त्र विद्रोह के आधार पर नहीं)। इसके अलावा, अनुच्छेद 19 के अधिकार स्वतः समाप्त नहीं होते हैं।
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