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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग XVII' के अंतर्गत 'राजभाषा' (Official Language) और 'अनुच्छेद 348' तथा 'अनुच्छेद 350A' के प्रावधानों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. संविधान के अनुच्छेद 348 के अनुसार, उच्चतम न्यायालय और प्रत्येक उच्च न्यायालय में सभी कार्रवाइयाँ अंग्रेजी भाषा में तब तक होंगी जब तक कि संसद विधि द्वारा कोई अन्य प्रावधान न करे, और किसी भी राज्य का राज्यपाल, राष्ट्रपति की पूर्व सहमति से, राज्य के उच्च न्यायालय की कार्यवाही में हिंदी या उस राज्य में प्रयुक्त होने वाली अन्य आधिकारिक भाषा के उपयोग को प्राधिकृत कर सकता है, बशर्ते कि न्यायालय के निर्णय, डिक्रियाँ या आदेश अंग्रेजी में ही दिए जाएँ।
- 2. संविधान का अनुच्छेद 350A प्रत्येक राज्य को और राज्य के भीतर प्रत्येक स्थानीय प्राधिकारी को यह निर्देश देता है कि वह भाषाई अल्पसंख्यक वर्गों के बालकों को प्राथमिक स्तर पर मातृभाषा में शिक्षा प्राप्त करने के लिए पर्याप्त सुविधाएँ प्रदान करने का प्रयास करे, और राष्ट्रपति किसी राज्य को ऐसे निर्देश दे सकता है जो इन सुविधाओं के उपबंध को सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक प्रतीत हों।
- 3. संविधान की आठवीं अनुसूची में मूल रूप से 14 भाषाओं को शामिल किया गया था, जिन्हें समय-समय पर संशोधनों के माध्यम से बढ़ाया गया, और वर्तमान में इस अनुसूची में कुल 22 भाषाएँ शामिल हैं, जिनमें 'अंग्रेजी', 'भोजपुरी' और 'राजस्थानी' भाषाएँ भी आधिकारिक रूप से सम्मिलित हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है: संविधान के अनुच्छेद 348 के तहत उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालयों की भाषा सामान्यतः अंग्रेजी है। राज्यपाल, राष्ट्रपति की पूर्व सहमति से, उच्च न्यायालय की कार्यवाहियों में हिंदी या राजभाषा के प्रयोग को प्राधिकृत कर सकता है, किंतु उच्च न्यायालय के निर्णय, आदेश और डिक्रियाँ अंग्रेजी में ही होना अनिवार्य किया गया है।
कथन 2 सही है: अनुच्छेद 350A (जिसे 7वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1956 द्वारा जोड़ा गया था) के अनुसार, प्रत्येक राज्य और स्थानीय प्राधिकारी भाषाई अल्पसंख्यक समूहों के बच्चों को प्राथमिक शिक्षा उनकी मातृभाषा में देने के लिए पर्याप्त प्रयास करेंगे। राष्ट्रपति इस संबंध में राज्यों को आवश्यक निर्देश दे सकते हैं।
कथन 3 गलत है: संविधान की आठवीं अनुसूची में वर्तमान में 22 भाषाएँ शामिल हैं, किंतु इसमें 'अंग्रेजी', 'भोजपुरी' और 'राजस्थानी' को शामिल नहीं किया गया है (हालांकि बोडो, डोगरी, मैथिली और संथाली को 92वें संशोधन द्वारा जोड़ा गया था)। इसलिए कथन 3 असत्य है।
Related Questions
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भारतीय और विश्व भूगोल के संदर्भ में, 'भूकंपीय तरंगों' (Seismic Waves) और पृथ्वी के आंतरिक भाग की संरचना से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भूकंप के दौरान उत्पन्न होने वाली 'प्राथमिक तरंगें' (P-waves) अनुदैर्ध्य (Longitudinal) तरंगें होती हैं, जो ध्वनि तरंगों के समान होती हैं और ठोस, तरल तथा गैस तीनों माध्यमों से गुजर सकती हैं, हालांकि तरल माध्यम में प्रवेश करने पर इनकी गति कम हो जाती है।
2. 'द्वितीयक तरंगें' (S-waves) अनुप्रस्थ (Transverse) तरंगें होती हैं, जिनकी प्रकृति प्रकाश तरंगों जैसी होती है, तथा ये केवल ठोस माध्यम से ही गुजर सकती हैं और तरल या गैसीय माध्यम में प्रवेश करते ही लुप्त हो जाती हैं, जिसका उपयोग वैज्ञानिकों ने पृथ्वी के बाहरी क्रोड़ (Outer Core) के तरल होने का पता लगाने के लिए किया है।
3. धरातल पर सबसे अंत में पहुँचने वाली 'सतह तरंगें' (Surface Waves या L-waves) सबसे कम विनाशकारी होती हैं, क्योंकि इनकी आवृत्ति और तरंगदैर्ध्य बहुत अधिक होती है, जिसके कारण ये केवल पृथ्वी के क्रस्ट (Crust) तक ही सीमित रहती हैं और आंतरिक भागों को प्रभावित नहीं करती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारत और इज़राइल के बीच हस्ताक्षरित द्विपक्षीय निवेश समझौता (BIA) कब से लागू हुआ है?
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भारतीय इतिहास और राष्ट्रीय आंदोलन के संदर्भ में, वर्ष 1920-1922 के दौरान चलाए गए 'असहयोग आंदोलन' (Non-Cooperation Movement) से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. नागपुर अधिवेशन (दिसंबर 1920) में असहयोग आंदोलन के प्रस्ताव का कांग्रेस द्वारा औपचारिक रूप से समर्थन और अनुमोदन किया गया था, जहाँ सी.आर. दास ने इस प्रस्ताव को स्वयं प्रस्तावित किया था, जबकि इसके ठीक पहले कलकत्ता के विशेष अधिवेशन में लाला लाजपत राय ने इस आंदोलन के प्रस्ताव को प्रस्तुत किया था।
2. आंदोलन के दौरान कार्यक्रम के सकारात्मक पहलुओं (Constructive Programmes) पर भी विशेष बल दिया गया, जिसके अंतर्गत देश भर में राष्ट्रीय विद्यालयों और कॉलेजों की स्थापना की गई, सरकारी अदालतों का बहिष्कार करते हुए पंचायतों के माध्यम से आपसी विवादों का निपटारा किया गया, और खादी के प्रचार-प्रसार के साथ-साथ 'अस्पृश्यता निवारण' को भी इसके मुख्य एजेंडे में शामिल किया गया।
3. फरवरी 1922 में गोरखपुर जिले के चौरी-चौरा नामक स्थान पर हुई हिंसा की घटना से क्षुब्ध होकर महात्मा गांधी ने कांग्रेस की कार्य समिति की सहमति के बिना ही व्यक्तिगत रूप से एकतरफा निर्णय लेते हुए बारդोली (Bardoli) में असहयोग आंदोलन को अचानक स्थगित करने की घोषणा कर दी थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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दिल्ली के लाल किले के भीतर मोती मस्जिद का निर्माण किसने कराया?
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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग V' के अंतर्गत 'संसद के विशेषाधिकारों' (Parliamentary Privileges) और 'अनुच्छेद 105' के प्रावधानों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 105 के तहत संसद के प्रत्येक सदन को, उसके सदस्यों को और उसकी समितियों को कुछ विशेषाधिकार प्राप्त हैं, जिनके तहत यदि संसद द्वारा अपने किसी विशेषाधिकार के हनन (Breach of privilege) या अवमानना (Contempt) के लिए किसी व्यक्ति को दंडित किया जाता है, तो उस संसदीय निर्णय या प्रक्रिया की न्यायिक समीक्षा (Judicial Review) किसी भी स्थिति में न्यायालय द्वारा नहीं की जा सकती है।
2. जब संसद का सत्र चल रहा हो, तो संसद के सदस्यों को सिविल मामलों में गिरफ्तारी से सदन के आरंभ होने से 40 दिन पूर्व और सदन की समाप्ति के 40 दिन बाद तक छूट प्राप्त होती है, किंतु यह उन्मुक्ति आपराधिक मामलों या निवारक नजरबंदी (Preventive Detention) के मामलों में लागू नहीं होती है।
3. भारत के संविधान में ब्रिटिश हाउस ऑफ कॉमन्स (House of Commons) के विशेषाधिकारों को मूल रूप से भारतीय संसद के लिए संदर्भ के रूप में अपनाया गया था, किंतु 44वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1978 के पश्चात यह स्पष्ट कर दिया गया कि जब तक संसद अपने विशेषाधिकारों को संहिताबद्ध (Codify) नहीं करती है, तब तक वे विशेषाधिकार वही माने जाएंगे जो 26 जनवरी 1950 को संविधान लागू होने के समय थे।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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