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भारतीय और विश्व भूगोल के संदर्भ में, 'महासागरीय धाराओं' (Ocean Currents) और उन्हें प्रभावित करने वाले कारकों तथा 'एल नीनो-दक्षिणी दोलन' (ENSO) के प्रभाव के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. महासागरीय धाराओं की दिशा और गति मुख्य रूप से प्रचलित हवाओं, पृथ्वी के घूर्णन के कारण उत्पन्न कोरिओलिस बल (Coriolis Force), महाद्वीपीय तटों की आकृति और समुद्र के जल के तापमान एवं लवणता में भिन्नता के कारण उत्पन्न घनत्व प्रवणता द्वारा निर्धारित होती है।
  2. 2. उत्तरी गोलार्ध में कोरिओलिस बल के प्रभाव से महासागरीय धाराएँ अपनी मूल दिशा के दाईं ओर (Clockwise) और दक्षिणी गोलार्ध में बाईं ओर (Anti-clockwise) विक्षेपित हो जाती हैं, जिसे 'फेरेल का नियम' भी कहा जाता है।
  3. 3. 'एल नीनो' (El Niño) घटना के दौरान प्रशांत महासागर के पश्चिमी भाग (ऑस्ट्रेलिया और इंडोनेशिया के पास) में उच्च वायुदाब और पूर्वी भाग (पेरू के तट के पास) में निम्न वायुदाब विकसित हो जाता है, जिसके परिणामस्वरूप दक्षिण अमेरिकी तट पर ठंडी जलधारा का प्रवाह बढ़ जाता है और भारत में मानसून की वर्षा सामान्य से अधिक होती है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है: महासागरीय धाराओं की उत्पत्ति और उनकी गतिशीलता को प्रभावित करने वाले मुख्य कारकों में प्रचलित पवनें (Prevailing winds), कोरिओलिस बल, पृथ्वी का घूर्णन, तटरेखा की बनावट तथा तापमान और लवणता में अंतर से उत्पन्न घनत्व अंतर शामिल हैं। कथन 2 सही है: फेरेल के नियम के अनुसार, कोरिओलिस बल के प्रभाव के कारण उत्तरी गोलार्ध में पवनें और महासागरीय धाराएँ अपनी दाईं ओर तथा दक्षिणी गोलार्ध में अपनी बाईं ओर विक्षेपित (Deflect) होती हैं। उत्तरी गोलार्ध में यह चक्र दक्षिणावर्त (Clockwise) और दक्षिणी गोलार्ध में वामावर्त (Anti-clockwise) होता है। कथन 3 गलत है: एल नीनो (El Niño) घटना के दौरान, पेरू के तट के पास (पूर्वी प्रशांत महासागर) निम्न वायुदाब और ऑस्ट्रेलिया/इंडोनेशिया के पास (पश्चिमी प्रशांत महासागर) उच्च वायुदाब विकसित हो जाता है (इसे 'दक्षिणी दोलन' कहा जाता है)। इसके परिणामस्वरूप पेरू के तट पर ठंडी जलधारा के स्थान पर 'अम्ल वर्षा' या गर्म जलधारा का प्रवाह होता है, जिससे भारत में मानसून की वर्षा कमजोर हो जाती है और सामान्य से कम वर्षा (सूखा) होने की संभावना बढ़ जाती है। अतः कथन 3 गलत है।
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