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भारतीय पर्यावरण, पारिस्थितिकी एवं जैव विविधता के संदर्भ में, 'राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन' (NMCG) और 'नमामि गंगे कार्यक्रम' के प्रावधानों तथा गंगा नदी बेसिन प्रबंधन से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. राष्ट्रीय गंगा नदी बेसिन प्राधिकरण (NGRBA) का गठन पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 की धारा 3(3) के तहत किया गया था, जिसे बाद में वर्ष 2016 में पुनर्गठित करके 'राष्ट्रीय गंगा परिषद' (National Ganga Council) का रूप दिया गया, जिसकी अध्यक्षता देश के प्रधानमंत्री करते हैं।
- 2. 'नमामि गंगे कार्यक्रम' एक केंद्रीय क्षेत्र की योजना (Central Sector Scheme) है, जिसके तहत केंद्र सरकार द्वारा 100% वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है और इस कार्यक्रम के क्रियान्वयन के लिए राज्यों की स्थानीय संस्थाओं या शहरी स्थानीय निकायों की कोई वित्तीय भागीदारी नहीं होती है।
- 3. 'अर्थ गंगा' (Arth Ganga) अवधारणा के अंतर्गत नमामि गंगे कार्यक्रम के दायरे का विस्तार करते हुए गंगा बेसिन के साथ आर्थिक गतिविधियों को जोड़ना है, जिसके प्रमुख स्तंभों में जैविक खेती को बढ़ावा देना, जन-सुविधाओं का विकास, और गोवर्धन (GOBARdhan) योजना के तहत कीचड़ (Sludge) व ठोस अपशिष्ट का प्रबंधन शामिल है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है: राष्ट्रीय गंगा नदी बेसिन प्राधिकरण (NGRBA) का गठन पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 के प्रावधानों के तहत किया गया था। अक्टूबर 2016 में इसे समाप्त कर 'राष्ट्रीय गंगा परिषद' का गठन किया गया, जिसकी अध्यक्षता प्रधानमंत्री करते हैं और यह गंगा नदी के प्रदूषण की रोकथाम एवं संरक्षण के लिए सर्वोच्च नीति-निर्धारण निकाय है।
कथन 2 गलत है: 'नमामि गंगे कार्यक्रम' शत-प्रतिशत केंद्र प्रायोजित योजना (100% Centrally Sponsored Scheme) है, न कि केंद्रीय क्षेत्र की योजना (Central Sector Scheme)। इसके तहत अवसंरचना विकास, सीवेज उपचार संयंत्रों (STPs) के निर्माण और नदी तट के विकास के लिए केंद्र सरकार द्वारा पूरी या निर्धारित वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है, और इसके कार्यान्वयन में राज्य सरकारों व स्थानीय निकायों की भागीदारी होती है।
कथन 3 सही है: 'अर्थ गंगा' (Arth Ganga) मॉडल का उद्देश्य गंगा नदी के किनारे 'पब्लिक-वाटर इंटरफेस' के माध्यम से आर्थिक गतिविधियों को सुदृढ़ करना है। इसके प्रमुख स्तंभों में शून्य बजट प्राकृतिक खेती, गोवर्धन योजना के माध्यम से गोबर और कृषि-अपशिष्ट का प्रबंधन, जल-पर्यटन (River Tourism), और स्थानीय आजीविका का सृजन शामिल है।
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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग XV' (निर्वाचन - अनुच्छेद 324 से 329-क) तथा निर्वाचन आयोग से संबंधित प्रावधानों के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 324 के अनुसार निर्वाचन आयोग एक बहु-सदस्यीय निकाय के रूप में मूल रूप से वर्ष 1950 में ही स्थापित किया गया था, जिसमें एक मुख्य निर्वाचन आयुक्त और दो अन्य निर्वाचन आयुक्त शामिल थे।
2. मुख्य निर्वाचन आयुक्त को उसके पद से उसी रीति से और उन्हीं आधारों पर हटाया जा सकता है जिस रीति से और जिन आधारों पर सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश को हटाया जाता है, जबकि अन्य निर्वाचन आयुक्तों को मुख्य निर्वाचन आयुक्त की सिफारिश के बिना राष्ट्रपति द्वारा नहीं हटाया जा सकता है।
3. निर्वाचन आयोग को संसद और राज्य विधानमंडलों के चुनावों के संचालन के लिए राष्ट्रपति या राज्यपाल द्वारा आवश्यक प्रशासनिक कर्मचारियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने का संवैधानिक अधिकार प्राप्त है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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क्या भारतीय संविधान की प्रस्तावना न्यायालय में प्रवर्तनीय (Justiciable) है?
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भारतीय इतिहास और मध्यकालीन प्रशासन के संदर्भ में, दिल्ली सल्तनत के प्रशासनिक सुधारों और 'दीवान-ए-कोही' (Diwan-i-Kohi) विभाग के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'दीवान-ए-कोही' की स्थापना तुगलक वंश के सुल्तान मुहम्मद बिन तुगलक द्वारा की गई थी, जिसका मुख्य उद्देश्य कृषि क्षेत्र में सुधार करना और बंजर भूमि को उपजाऊ बनाकर खेती के अंतर्गत लाना था।
2. इस विभाग के अंतर्गत सरकार द्वारा किसानों को प्रत्यक्ष वित्तीय सहायता (तकावी ऋण या सौंदड़) प्रदान की जाती थी ताकि वे बीज, बैल और कृषि उपकरण खरीद सकें।
3. यह कृषि योजना अपने शुरुआती दौर में पूरी तरह सफल रही और इससे राज्य के राजस्व में भारी वृद्धि हुई, जिससे मुहम्मद बिन तुगलक ने अपनी राजधानी दिल्ली से दौलतगढ़ स्थानांतरित करने का निर्णय वापस ले लिया।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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सामान्य विज्ञान और पर्यावरण के संदर्भ में, 'हरित गृह प्रभाव' (Greenhouse Effect) और 'जलवायु परिवर्तन पर अंतर-सरकारी पैनल' (IPCC) की रिपोर्टों के आलोक में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. प्राकृतिक हरित गृह प्रभाव पृथ्वी पर जीवन के अस्तित्व के लिए अनिवार्य है, क्योंकि इसके बिना पृथ्वी का औसत तापमान वर्तमान +15°C से गिरकर लगभग -18°C तक पहुँच सकता है, जिससे संपूर्ण ग्रह बर्फ से ढक जाता।
2. क्योटो प्रोटोकॉल (1997) के तहत कानूनी रूप से बाध्यकारी लक्ष्यों के अंतर्गत केवल कार्बन डाइऑक्साइड ($CO_2$), मीथेन ($CH_4$) और नाइट्रस ऑक्साइड ($N_2O$) को ही शामिल किया गया था, जबकि हाइड्रोफ्लुओरोकार्बन (HFCs), परफ्लुओरोकार्बन (PFCs) और सल्फर हेक्साफ्लोराइड ($SF_6$) को इसके दायरे से पूरी तरह बाहर रखा गया था।
3. वायुमंडल में जलवाष्प ($H_2O$) सबसे प्रचुर मात्रा में पाई जाने वाली प्राकृतिक हरित गृह गैस है, जिसका योगदान कुल हरित गृह प्रभाव में सबसे अधिक होता है, किंतु मानवीय गतिविधियों (जैसे जीवाश्म ईंधन के दहन) द्वारा इसके उत्सर्जन का प्रत्यक्ष नियंत्रण सीधे तौर पर संभव नहीं है क्योंकि यह मुख्य रूप से महासागरीय वाष्पीकरण और तापमान द्वारा नियंत्रित होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारत के महान्यायवादी (Attorney General) का पद संविधान के किस अनुच्छेद में है?
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