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भारतीय इतिहास, कला एवं संस्कृति के संदर्भ में, विजयनगर साम्राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था, भू-राजस्व प्रणाली और सिक्कों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. विजयनगर साम्राज्य में केंद्रीय प्रशासन का सर्वोच्च अधिकारी 'महामंडलेश्वर' होता था, जो सीधे राजा के प्रति उत्तरदायी था, तथा संपूर्ण साम्राज्य को प्रांतों (मंडलों), जिन्हें 'वलनाडु' और 'नाडु' में विभाजित किया गया था, में प्रशासनिक सुविधा की दृष्टि से बांटा गया था।
- 2. विजयनगर साम्राज्य की आय का मुख्य स्रोत भू-राजस्व था, जिसे सामान्यतः उपज का एक-छठवां हिस्सा (1/6th) निर्धारित किया गया था, किंतु भूमि की उर्वरता, फसल के प्रकार और सिंचाई के साधनों (जैसे नहरें और तालाब जो स्थानीय नायकों द्वारा निर्मित होते थे) के आधार पर इसमें भिन्नता पाई जाती थी।
- 3. कृष्णदेवराय के शासनकाल में जारी किए गए प्रसिद्ध स्वर्ण सिक्के, जिन्हें 'पगोडा' या 'वाराह' कहा जाता था, साम्राज्य की अर्थव्यवस्था की सुदृढ़ता के प्रतीक थे, जिन पर अक्सर कन्नड़, तेलुगु या नागरी लिपि में देवी-देवताओं के चित्र तथा राजाओं के नाम अंकित होते थे।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 गलत है: विजयनगर साम्राज्य में प्रशासनिक व्यवस्था के तहत साम्राज्य 'मंडल' (प्रांत) में विभाजित था, और मंडलों के नीचे 'वलनाडु' (जिला) तथा 'नाडु' (ग्राम समूह) होते थे। प्रांतों के प्रमुखों को 'मंडलाधिपति' या 'प्रान्तपति' कहा जाता था, न कि 'महामंडलेश्वर'। 'महामंडलेश्वर' आमतौर पर सामंती सरदार होते थे जो स्वायत्तता का उपभोग करते थे। कथन 2 सही है: विजयनगर साम्राज्य की आय का सबसे बड़ा स्रोत भू-राजस्व (Sist) था। सामान्यतः भू-राजस्व उपज का छठा हिस्सा होता था, लेकिन भूमि की गुणवत्ता और सिंचाई सुविधाओं के अनुसार इसमें परिवर्तन होता था। विजयनगर शासकों ने कृषि को बढ़ावा देने के लिए बड़े पैमाने पर तालाबों और नहरों का निर्माण करवाया था। कथन 3 सही है: विजयनगर साम्राज्य की मुद्रा व्यवस्था अत्यंत उन्नत थी। उनके द्वारा चलाए गए स्वर्ण सिक्कों को 'वाराह' (कन्नड़ में) या 'पगोडा' (यूरोपीय यात्रियों द्वारा) कहा जाता था। इन सिक्कों पर विभिन्न हिंदू देवी-देवताओं (जैसे वेंकटेश्वर, हनुमान, गरुड़ आदि) के चित्र और राजाओं के नाम अंकित होते थे, जो व्यापार की समृद्धि को दर्शाते थे।
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भारतीय अर्थव्यवस्था और लोक वित्त के संदर्भ में, 'भारतीय रिजर्व बैंक' (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) और उसके विधिक प्रावधानों तथा कार्यप्रणाली के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. मौद्रिक नीति समिति (MPC) का गठन भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम, 1934 के प्रावधानों के तहत किया गया है, और यह देश में नीतिगत ब्याज दर (Repo Rate) निर्धारित करने के लिए एक वैधानिक तथा संस्थागत ढांचा प्रदान करती है।
2. इस समिति में कुल छह सदस्य होते हैं, जिनमें से तीन सदस्य RBI के अधिकारी (Governor सहित) होते हैं और शेष तीन सदस्यों की नियुक्ति केंद्र सरकार द्वारा की जाती है, तथा गतिरोध की स्थिति में RBI गवर्नर के पास निर्णायक मत (Casting Vote) का अधिकार होता है।
3. MPC द्वारा निर्धारित मुद्रास्फीति लक्ष्य (Inflation Target) को केंद्र सरकार के परामर्श से प्रत्येक पाँच वर्ष में एक बार तय किया जाता है, और वर्तमान में यह लक्ष्य केंद्रीय बैंक के लिए +/- 2% की सहिष्णुता बैंड (Tolerance Band) के साथ 4 प्रतिशत निर्धारित किया गया है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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सुमेलित कीजिए: अनुच्छेद 52-भारत का राष्ट्रपति, 53-संघ की कार्यपालिका शक्ति, 54-राष्ट्रपति का निर्वाचन, 55-निर्वाचन की रीति।
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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग XIV' के अंतर्गत 'अखिल भारतीय सेवाएँ' (All-India Services - अनुच्छेद 312) के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 312 के अनुसार संसद को कानून द्वारा भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) और भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के समान एक या अधिक अखिल भारतीय सेवाओं के सृजन करने की अनन्य शक्ति प्राप्त है, बशर्ते राज्य सभा ने उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के कम से कम दो-तिहाई बहुमत से ऐसा संकल्प पारित किया हो कि राष्ट्रीय हित में ऐसा करना आवश्यक है।
2. अखिल भारतीय सेवाओं के सदस्यों की नियुक्ति और सेवा शर्तें निर्धारित करने का पूर्ण अधिकार केवल संबंधित राज्य सरकारों के पास होता है, क्योंकि वे राज्य के प्रशासनिक ढांचे के अंतर्गत कार्य करते हैं, और केंद्र सरकार का उन पर कोई disciplinary नियंत्रण नहीं होता है।
3. भारतीय वन सेवा (IFS) को वर्ष 1966 में अखिल भारतीय सेवा अधिनियम, 1951 के तहत संशोधित करके एक नई अखिल भारतीय सेवा के रूप में स्थापित किया गया था, जिससे वर्तमान में भारत में कुल तीन आधिकारिक अखिल भारतीय सेवाएँ अस्तित्व में हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारत में पहली बार निगमित सेवा क्षेत्र के उद्यमों का वार्षिक सर्वेक्षण (ASISSE) किस संगठन द्वारा लॉन्च किया गया?
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लोकमान्य (Lokmanya) की उपाधि से किसे विभूषित किया गया था?
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