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भारतीय पर्यावरण, पारिस्थितिकी एवं जैव विविधता के संदर्भ में, 'रामसर अभीसमय' (Ramsar Convention) और भारत में आर्द्रभूमियों (Wetlands) के संरक्षण से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. रामसर अभीसमय वर्ष 1971 में यूनेस्को (UNESCO) के तत्वावधान में ईरान के रामसर शहर में हस्ताक्षरित एक अंतरराष्ट्रीय संधि है, जो विशेष रूप से जलीय पक्षियों के आवास के रूप में अंतरराष्ट्रीय महत्व की आर्द्रभूमियों के संरक्षण और उनके विवेकपूर्ण उपयोग (Wise Use) को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है।
- 2. 'मोंट्रो रिकॉर्ड' (Montreux Record) रामसर सूची के अंतर्गत दर्ज आर्द्रभूमियों का एक रजिस्टर है, जिसे पारिस्थितिकीय स्वरूप में परिवर्तन, प्रदूषण या अन्य मानवीय हस्तक्षेपों के कारण आसन्न खतरे की स्थिति में रामसर स्थलों के साथ जोड़ा जाता है, और वर्तमान में भारत के सभी रामसर स्थल अनिवार्य रूप से इस रिकॉर्ड के अंतर्गत सूचीबद्ध हैं।
- 3. भारत में आर्द्रभूमियों (संरक्षण और प्रबंधन) नियम, 2017 के तहत आर्द्रभूमि प्राधिकरणों को यह वैधानिक अधिकार दिया गया है कि वे देश की सभी अधिसूचित आर्द्रभूमियों के भीतर सभी प्रकार की मानवीय गतिविधियों, जैसे कि नौकायन, मछली पकड़ना और स्थानीय समुदायों द्वारा पारंपरिक उपयोग, पर पूर्ण प्रतिबंध लगा सकते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है: रामसर अभीसमय (Ramsar Convention on Wetlands) पर 2 फरवरी 1971 को ईरान के रामसर शहर में हस्ताक्षर किए गए थे। यह संधि यूनेस्को (UNESCO) के संरक्षण में अंतर-सरकारी पर्यावरण संधि है, जिसका मुख्य उद्देश्य आर्द्रभूमियों का संरक्षण और उनका विवेकपूर्ण उपयोग सुनिश्चित करना है।
कथन 2 गलत है: 'मोंट्रो रिकॉर्ड' (Montreux Record) रामसर सूची के अंतर्गत आने वाले उन स्थलों की एक रजिस्टर सूची है जहाँ मानवीय हस्तक्षेप, तकनीकी विकास या प्रदूषण के कारण पारिस्थितिकीय स्वरूप में परिवर्तन हुआ है, हो रहा है या होने की संभावना है। यह रामसर सूची का एक उप-भाग है। वर्तमान में भारत के सभी रामसर स्थल मोंट्रो रिकॉर्ड में शामिल नहीं हैं (भारत के केवल दो स्थल - केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान, राजस्थान और लोकतक झील, मणिपुर इस रिकॉर्ड में दर्ज किए गए थे, जिनमें से चिल्का झील को बाद में हटा दिया गया था)।
कथन 3 गलत है: भारत में 'आर्द्रभूमियां (संरक्षण और प्रबंधन) नियम, 2017' के तहत सभी प्रकार की मानवीय गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध नहीं लगाया गया है। इन नियमों के अनुसार आर्द्रभूमि के भीतर कुछ गतिविधियों (जैसे अतिक्रमण, ठोस अपशिष्ट डंपिंग, उद्योग की स्थापना आदि) पर प्रतिबंध है, किंतु स्थानीय समुदायों के पारंपरिक उपयोग, मछली पकड़ने और सतत आजीविका गतिविधियों को प्रतिबंधित नहीं किया गया है, बल्कि उन्हें विनियमित किया जाता है।
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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'अनुच्छेद 72' के अंतर्गत राष्ट्रपति की 'क्षमादान की शक्ति' (Pardoning Power) और इसकी न्यायिक समीक्षा के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 72 के तहत राष्ट्रपति को ऐसे मामलों में किसी अपराध के लिए दोषी ठहराए गए व्यक्ति की सजा को क्षमा करने, उसका प्रविलंबन, विराम या परिहार करने की शक्ति प्राप्त है जहाँ सजा या दंड किसी ऐसे विषय से संबंधित है जिस पर संघ की कार्यकारी शक्ति का विस्तार होता है, जिसमें सेना न्यायालय (Court Martial) द्वारा दिए गए सभी दंड भी शामिल हैं।
2. राष्ट्रपति की क्षमादान की शक्ति एक अनन्य कार्यकारी शक्ति है, जिसका प्रयोग राष्ट्रपति अपने पूर्ण स्वविवेक (Absolute Discretion) के आधार पर करता है, और मंत्रिपरिषद (Council of Ministers) की सलाह इस मामले में राष्ट्रपति पर किसी भी प्रकार से बाध्यकारी नहीं होती है।
3. ऐतिहासिक 'इEपर बनाम भारत संघ' और 'केहर सिंह बनाम भारत संघ' जैसे मामलों में सर्वोच्च न्यायालय ने यह स्पष्ट किया है कि राष्ट्रपति की क्षमादान शक्ति की न्यायिक समीक्षा सीमित आधारों पर की जा सकती है, जैसे कि यदि राष्ट्रपति का निर्णय स्पष्ट रूप से मनमाना, दुर्भावनापूर्ण, विवेकहीन (Irrational) या अप्रासंगिक विचारों पर आधारित हो।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग IV' (राज्य के नीति निदेशक तत्व - अनुच्छेद 36 से 51) के अंतर्गत 'समान नागरिक संहिता' (Uniform Civil Code - UCC) और नीति निदेशक तत्वों की प्रकृति से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 44 में यह उपबंध किया गया है कि राज्य, भारत के समस्त राज्यक्षेत्र में नागरिकों के लिए एक समान नागरिक संहिता को सुरक्षित करने का प्रयास करेगा, तथा यह प्रावधान केवल व्यक्तिगत कानूनों (Personal Laws) जैसे विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और गोद लेने से संबंधित मामलों पर लागू होता है।
2. नीति निदेशक तत्व देश के शासन में मूलभूत हैं और विधि बनाने में इन तत्वों को लागू करना राज्य का कर्तव्य होगा, किंतु संविधान के अनुच्छेद 37 के अनुसार ये किसी भी न्यायालय द्वारा प्रवर्तनीय (Justiciable) नहीं हैं, जिसका अर्थ है कि यदि राज्य इन्हें लागू करने में विफल रहता है, तो इसके विरुद्ध किसी भी न्यायालय में वाद दायर नहीं किया जा सकता है।
3. सर्वोच्च न्यायालय ने अपने कई ऐतिहासिक निर्णयों (जैसे सरला मुद्गल मामला और सायरा बानो मामला) में इस बात पर बल दिया है कि देश में एक समान नागरिक संहिता का होना राष्ट्रीय एकता को सुदृढ़ करने और लैंगिक समानता को बढ़ावा देने के लिए अत्यंत आवश्यक है, तथा न्यायालय ने संसद को इसके लिए कानून बनाने का कड़ा निर्देश भी दिया है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग X' के अंतर्गत 'अनुसूचित और जनजाति क्षेत्र' (Scheduled and Tribal Areas - Articles 244-244A) से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 244(1) के अंतर्गत पाँचवीं अनुसूची (Fifth Schedule) के प्रावधान असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम को छोड़कर किसी भी राज्य में अनुसूचित क्षेत्रों और अनुसूचित जनजातियों के प्रशासन और नियंत्रण पर लागू होते हैं, तथा किसी क्षेत्र को 'अनुसूचित क्षेत्र' घोषित करने की शक्ति केवल राष्ट्रपति के पास होती है।
2. छठी अनुसूची (Sixth Schedule) के अंतर्गत असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम राज्यों के जनजातीय क्षेत्रों के प्रशासन का उपबंध किया गया है, जिसके तहत इन राज्यों में 'स्वायत्त जिला परिषदें' (Autonomous District Councils - ADCs) गठित करने का प्रावधान है जिन्हें भूमि, वनों और सामाजिक रीति-रिवाजों के संबंध में कानून बनाने की विधायी शक्तियाँ प्राप्त होती हैं।
3. छठी अनुसूची के अंतर्गत किसी स्वायत्त जिले के गठन या उसके क्षेत्र में परिवर्तन करने की शक्ति उस राज्य के राज्यपाल में निहित होती है, और राज्यपाल को यह भी अधिकार प्राप्त है कि वह इन परिषदों द्वारा बनाए गए किसी भी कानून को पूर्णतः खारिज कर सके या उसमें संशोधन कर सके, भले ही उस कानून को राष्ट्रपति की स्वीकृति प्राप्त हो चुकी हो।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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लुक ईस्ट पॉलिसी का मुख्य उद्देश्य क्या था?
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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग IX' और 'भाग IX-क' के अंतर्गत 'पंचायतों' तथा 'नगरपालिकाओं' के प्रावधानों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 243-G के अंतर्गत पंचायतों को आर्थिक विकास और सामाजिक न्याय के लिए योजनाएं तैयार करने तथा ग्यारहवीं अनुसूची में सूचीबद्ध 29 विषयों के संबंध में कार्य करने की शक्ति और उत्तरदायित्व सौंपे गए हैं, जिन्हें लागू करना राज्य सरकारों के लिए संवैधानिक रूप से अनिवार्य है।
2. प्रत्येक पंचायत और नगरपालिका के निर्वाचन के लिए मतदाता सूची तैयार करने और उनके चुनावों के संचालन का अधीक्षण, निर्देशन और नियंत्रण संबंधित राज्य के 'राज्य निर्वाचन आयोग' (State Election Commission) में निहित होता है, जिसके अध्यक्ष की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा की जाती है और उन्हें उच्च न्यायालय के न्यायाधीश को हटाने की प्रक्रिया और आधारों के अलावा अन्य किसी प्रकार से पद से नहीं हटाया जा सकता है।
3. संविधान के अनुच्छेद 243-Y के प्रावधानों के अनुसार, प्रत्येक राज्य का राज्यपाल, हर पांच वर्ष की समाप्ति पर, पंचायतों और नगरपालिकाओं की वित्तीय स्थिति की समीक्षा करने तथा उनके बीच करों, शुल्कों और फीसों के बँटवारे की सिफारिश करने के लिए एक 'राज्य वित्त आयोग' (State Finance Commission) का गठन करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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