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सामान्य विज्ञान और पारिस्थितिकी के संदर्भ में, 'नाइट्रोजन चक्र' (Nitrogen Cycle) और उससे जुड़ी जैव-रासायनिक प्रक्रियाओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. नाइट्रोजन स्थिरीकरण (Nitrogen Fixation) के दौरान वायुमंडलीय नाइट्रोजन ($N_2$) को सीधे पौधों द्वारा उपभोग करने योग्य नाइट्रेट ($NO_3^-$) में परिवर्तित किया जाता है, और यह प्रक्रिया केवल राइजोबियम (Rhizobium) जैसे सहजीवी जीवाणुओं द्वारा ही संपन्न की जा सकती है।
  2. 2. नाइट्रीकरण (Nitrification) एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें अमोनिया ($NH_3$) या अमोनियम आयनों ($NH_4^+$) को पहले नाइट्राइट ($NO_2^-$) और तत्पश्चात नाइट्रेट ($NO_3^-$) में बदला जाता है, जिसे नाइट्रोसोमोनास और नाइट्रोबैक्टर जैसे रसायनसंलेषी (Chemoautotrophic) बैक्टीरिया द्वारा अंजाम दिया जाता है।
  3. 3. विनाइट्रीकरण (Denitrification) के दौरान मृदा में मौजूद नाइट्रेट को स्यूडोमोनास (Pseudomonas) जैसे विनाइट्रीकारी जीवाणुओं द्वारा वापस नाइट्रोजन गैस ($N_2$) में अपचयित (Reduce) कर दिया जाता है, जिससे यह गैस पुनः वायुमंडल में लौट जाती है और चक्र पूरा होता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 असत्य है: नाइट्रोजन स्थिरीकरण के दौरान वायुमंडलीय नाइट्रोजन को सीधे पौधों द्वारा उपभोग योग्य नाइट्रेट में नहीं बदला जाता है, बल्कि इसे पहले अमोनिया या अमोनियम में बदला जाता है। इसके अतिरिक्त, यह प्रक्रिया केवल राइजोबियम जैसे सहजीवी जीवाणुओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अस्वजीवी (Azotobacter, Clostridium) जीवाणुओं, नीले-हरे शैवाल (Cyanobacteria) तथा तड़ित (Lightning) जैसी प्राकृतिक भौतिक प्रक्रियाओं द्वारा भी होती है। कथन 2 सत्य है: नाइट्रीकरण में अमोनिया का ऑक्सीकरण पहले नाइट्राइट ($NO_2^-$) में नाइट्रोसोमोनास द्वारा और फिर नाइट्राइट का नाइट्रेट ($NO_3^-$) में नाइट्रोबैक्टर द्वारा किया जाता है। ये बैक्टीरिया रसायनसंलेषी होते हैं। कथन 3 सत्य है: विनाइट्रीकरण एक अपचयन प्रक्रिया है जिसमें मृदा के अवायवीय (Anaerobic) वातावरण में स्यूडोमोनास और क्लॉस्ट्रिडियम जैसे जीवाणु नाइट्रेट को पुनः नाइट्रोजन गैस में बदलकर वायुमंडल में छोड़ देते हैं।
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