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सामान्य विज्ञान और पर्यावरण के संदर्भ में, 'पारिस्थितिकीय अनुक्रमण' (Ecological Succession) और 'क्लाइमैक्स कम्युनिटी' (Climax Community) से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. प्राथमिक अनुक्रमण (Primary Succession) वहाँ शुरू होता है जहाँ पहले से कोई जीवित जीव या कार्बनिक रूप से समृद्ध मृदा मौजूद नहीं होती है, जैसे कि नग्न चट्टानें, लावे का ठंडा होना या नए बने रेत के टीले, और इस प्रक्रिया में सबसे पहले स्थापित होने वाली प्रजाति को 'पायनियर प्रजाति' (Pioneer Species) कहा जाता है, जिसमें प्रायः लाइकेन (Lichens) या काई शामिल होते हैं।
  2. 2. द्वितीयक अनुक्रमण (Secondary Succession) उस क्षेत्र में होता है जहाँ पहले से मौजूद जैविक समुदाय किसी प्राकृतिक आपदा (जैसे जंगल की आग या बाढ़) या मानवीय हस्तक्षेप के कारण नष्ट हो जाते हैं, किंतु वहाँ पहले से उपजाऊ मृदा या बीज बैंक मौजूद होते हैं, जिसके कारण प्राथमिक अनुक्रमण की तुलना में द्वितीयक अनुक्रमण बहुत तेजी से आगे बढ़ता है।
  3. 3. 'क्लाइमैक्स कम्युनिटी' (Climax Community) अनुक्रमण की अंतिम और स्थिर अवस्था है, जो अपने पर्यावरण के साथ पूर्ण संतुलन में होती है, तथा पारंपरिक पारिस्थितिकी सिद्धांतों के अनुसार, किसी भी भौगोलिक क्षेत्र में जलवायु चाहे जैसी भी हो, क्लाइमैक्स कम्युनिटी हमेशा केवल एक ही प्रकार के अंतिम वन बायोम के रूप में प्रकट होती है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है: प्राथमिक अनुक्रमण (Primary Succession) उन क्षेत्रों में होता है जहाँ पहले से कोई जीव या उपजाऊ मृदा नहीं होती, जैसे नव-निर्मित चट्टानें या रेत के टीले। लाइकेन और मॉस (Kai) इसके पायनियर प्रजाति के रूप में कार्य करते हैं जो चट्टानों को तोड़कर मृदा का निर्माण करते हैं। कथन 2 सही है: द्वितीयक अनुक्रमण (Secondary Succession) उन स्थानों पर होता है जहाँ पहले जीवन था लेकिन किसी बाधा (दावानल, बाढ़, कृषि का त्याग) के कारण वह नष्ट हो गया। चूँकि वहाँ पहले से मृदा और पोषक तत्व मौजूद होते हैं, यह प्रक्रिया प्राथमिक अनुक्रमण की तुलना में काफी तीव्र होती है। कथन 3 गलत है: पारंपरिक 'मोनोकलाईमैक्स सिद्धांत' (Monocimax Theory) के अनुसार किसी क्षेत्र में जलवायु ही अंतिम समुदाय को निर्धारित करती है, किंतु आधुनिक 'पॉलीक्लाईमैक्स सिद्धांत' (Polyclimax Theory) और वर्तमान पारिस्थितिकी यह मानती है कि किसी क्षेत्र में क्लाइमैक्स कम्युनिटी जलवायु के अलावा मृदा की स्थिति, टोपोग्राफी, अग्नि और जैविक कारकों के प्रभाव से भिन्न-भिन्न प्रकार की हो सकती है, यानी यह केवल एक प्रकार की नहीं होती है। अतः कथन 3 असत्य है।
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