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भारतीय और विश्व भूगोल के संदर्भ में, 'महाद्वीपीय विस्थापन सिद्धांत' (Continental Drift Theory) और 'समुद्र तल विस्तारण' (Sea Floor Spreading) से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. अल्फ्रेड वेगनर द्वारा प्रतिपादित महाद्वीपीय विस्थापन सिद्धांत के अनुसार, पंजिया (Pangaea) नामक एक विशाल महाद्वीप का विभाजन कार्बोनिफेरस युग में शुरू हुआ था, और वेगनर ने महाद्वीपों के विस्थापन के लिए मुख्य रूप से 'ध्रुवीय फलन बल' (Pole-fleeing force) और ज्वारीय बलों (Tidal forces) को उत्तरदायी माना था।
  2. 2. हैरी हेस द्वारा प्रस्तुत 'समुद्र तल विस्तारण' सिद्धांत के अनुसार, महासागरीय कटकों (Oceanic Ridges) पर लगातार ज्वालामुखीय उद्गार के माध्यम से नए मैग्मा का प्रस्फुटन होता है, जिससे पुरानी पपड़ी कटकों से दूर धकेल दी जाती है, और महासागरीय पर्पटी का यह निरंतर निर्माण इस तथ्य की पुष्टि करता है कि महासागरीय चट्टानों की आयु महासागरीय कटकों के समीप सबसे अधिक और महाद्वीपीय तटों के पास सबसे कम होती है।
  3. 3. पुराचुंबकत्व (Paleomagnetism) के अध्ययन से यह प्रमाणित हुआ कि महासागरीय कटकों के दोनों ओर चट्टानों में चुंबकीय पट्टियाँ (Magnetic stripes) सममित (Symmetrical) रूप से व्यवस्थित होती हैं, जो पृथ्वी के भू-चुंबकीय क्षेत्र के उत्क्रमण (Reversal) का ऐतिहासिक रिकॉर्ड प्रदान करती हैं।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है: अल्फ्रेड वेगनर ने 1912 में महाद्वीपीय विस्थापन सिद्धांत प्रतिपादित किया था। उनके अनुसार सभी महाद्वीप एक अकेले भू-भाग 'पंजिया' के रूप में जुड़े थे और पैंथलासा नामक महासागर से घिरे थे। वेगनर ने महाद्वीपों के प्रवाह के लिए पृथ्वी के घूर्णन से संबंधित 'ध्रुवीय फलन बल' और चंद्रमा व सूर्य के आकर्षण के कारण उत्पन्न 'ज्वारीय बलों' को मुख्य कारण बताया था, हालाँकि भौतिकविदों के अनुसार ये बल इसके लिए अत्यंत कमजोर थे। कथन 2 गलत है: समुद्र तल विस्तारण (Sea Floor Spreading) सिद्धांत के अनुसार, महासागरीय कटकों (Ridges) के पास नई पर्पटी का निर्माण होता है, जिसके कारण महासागरीय चट्टानों की आयु कटकों के समीप (पास) सबसे कम (नवीनतम) होती है, तथा जैसे-जैसे हम कटकों से दूर महाद्वीपों की ओर बढ़ते हैं, चट्टानों की आयु बढ़ती जाती है (अर्थात महाद्वीपीय तटों के पास चट्टानें सबसे पुरानी होती हैं)। कथन में इसे विपरीत दिया गया है। कथन 3 सही है: पुराचुंबकत्व (Paleomagnetism) ने समुद्र तल विस्तारण और प्लेट विवर्तनिकी को सिद्ध करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। महासागरीय कटकों के दोनों ओर चट्टानों में मौजूद लौह-चुंबकीय खनिज भू-चुंबकीय क्षेत्र की दिशा को संचित कर लेते हैं, जिससे कटकों के समानांतर सममित चुंबकीय पट्टियाँ (Magnetic stripes) बनती हैं जो भू-चुंबकीय उत्क्रमण को दर्शाती हैं।
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