त्वरित लिंक्स
Civil services
18 views
भारतीय इतिहास और स्वतंत्रता आंदोलन के संदर्भ में, वर्ष 1942 में शुरू किए गए 'भारत छोड़ो आंदोलन' (Quit India Movement) और उससे जुड़ी घटनाओं से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. बंबई के ग्वालियर टैंक मैदान में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की बैठक में 'भारत छोड़ो' प्रस्ताव के पारित होने के तुरंत बाद, ब्रिटिश सरकार ने 'ऑपरेशन जीरो आवर' (Operation Zero Hour) के तहत कांग्रेस के सभी शीर्ष नेताओं को गिरफ्तार कर उन्हें देश के विभिन्न अज्ञात स्थानों पर नजरबंद कर दिया था।
- 2. इस आंदोलन के दौरान देश के कई हिस्सों में समानांतर सरकारों (Parallel Governments) की स्थापना की गई थी, जिनमें बलिया (उत्तर प्रदेश), तामलुक (बंगाल) और सतारा (महाराष्ट्र) प्रमुख थीं, और सतारा की 'प्रति सरकार' इन सभी में सबसे लंबे समय तक चलने वाली समानांतर सरकार थी।
- 3. भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान महात्मा गांधी को गिरफ्तार करके पुणे के आगा खान पैलेस में नजरबंद किया गया था, जहाँ उन्होंने ब्रिटिश दमन के विरोध में 21 दिनों का ऐतिहासिक उपवास रखा था, जिसे भारत के स्वतंत्रता संग्राम का सबसे लंबा उपवास माना जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है: 8 अगस्त 1942 को बंबई के ग्वालियर टैंक मैदान में 'भारत छोड़ो' प्रस्ताव स्वीकृत हुआ। इसके तुरंत बाद, 9 अगस्त की सुबह 'ऑपरेशन जीरो आवर' के तहत ब्रिटिश प्रशासन ने महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू, सरदार पटेल और मौलाना आजाद सहित सभी प्रमुख कांग्रेस नेताओं को गिरफ्तार कर लिया।
कथन 2 सही है: भारत छोड़ो आंदोलन की एक प्रमुख विशेषता देश के विभिन्न क्षेत्रों में 'समानांतर सरकारों' (Parallel Governments) का उदय था। बलिया में चित्तू पाण्ड के नेतृत्व में, तामलुक (मिदनापुर) में 'जातीय सरकार' के रूप में, और सतारा (महाराष्ट्र) में वाई.बी. चौहान और नाना पाटिल के नेतृत्व में 'प्रति सरकार' स्थापित हुई, जो सतारा में सबसे लंबे समय (1945 तक) तक सक्रिय रही।
कथन 3 गलत है: आगा खान पैलेस में नजरबंदी के दौरान महात्मा गांधी ने वर्ष 1943 में 21 दिनों का उपवास (फास्ट) अवश्य रखा था, लेकिन यह उपवास ब्रिटिश दमन के विरोध में नहीं, बल्कि सरकार द्वारा उनके स्वास्थ्य और स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान हुई हिंसा के लिए गांधीजी पर लगाए गए झूठे आरोपों और उनके आत्मशुद्धिकरण के लिए था। इसके अलावा, स्वतंत्रता संग्राम के दौरान इससे भी लंबे उपवास अन्य नेताओं (जैसे जतिन दास द्वारा 63 दिनों का भूख हड़ताल) द्वारा किए गए थे।
Related Questions
→
राष्ट्रपति का चुनाव लड़ने के लिए न्यूनतम आयु कितनी होनी चाहिए?
→
भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'अनुच्छेद 359' के अंतर्गत राष्ट्रीय आपातकाल (National Emergency) के दौरान मौलिक अधिकारों के प्रवर्तन के निलंबन के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 359 के तहत राष्ट्रपति को यह अधिकार प्राप्त है कि वह राष्ट्रीय आपातकाल की उद्घोषणा के दौरान आदेश द्वारा भाग III द्वाराप्रदत्त किसी भी मौलिक अधिकार (अनुच्छेद 20 और 21 को छोड़कर) के प्रवर्तन के लिए उच्चतम न्यायालय या उच्च न्यायालयों में जाने के अधिकार को निलंबित कर सकता है।
2. अनुच्छेद 359 के अधीन राष्ट्रपति द्वारा जारी किया गया ऐसा कोई भी आदेश संपूर्ण भारत या उसके किसी भाग तक सीमित हो सकता है, तथा इस आदेश को संसद के दोनों सदनों के समक्ष अनुमोदन के लिए रखना अनिवार्य होता है।
3. वर्ष 1978 के 44वें संविधान संशोधन अधिनियम द्वारा यह प्रावधान किया गया कि राष्ट्रीय आपातकाल के दौरान भी अनुच्छेद 20 (अपराधों के लिए दोषसिद्धि के संबंध में संरक्षण) और अनुच्छेद 21 (प्राण और दैहिक स्वतंत्रता का संरक्षण) के प्रवर्तन को निलंबित नहीं किया जा सकता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
→
भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'अनुच्छेद 355' और 'अनुच्छेद 356' के अंतर्गत केंद्र की आपातकालीन शक्तियों और राज्यों के संवैधानिक उत्तरदायित्वों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 355 के तहत संघ का यह कर्तव्य है कि वह बाह्य आक्रमण और आंतरिक अशांति से प्रत्येक राज्य की रक्षा करे और प्रत्येक राज्य की सरकार का इस संविधान के उपबंधों के अनुसार चलाया जाना सुनिश्चित करे।
2. 'एस. आर. बोम्मई बनाम भारत संघ (1994)' मामले में सर्वोच्च न्यायालय की संविधान पीठ ने यह स्पष्ट किया कि अनुच्छेद 355 के अंतर्गत आंतरिक अशांति या बाह्य आक्रमण के गंभीर संकट की स्थिति में केंद्र सरकार को किसी राज्य सरकार की सहमति के बिना भी राज्य में अपने सुरक्षा बलों (अर्धसैनिक बलों) को तैनात करने का पूर्ण अधिकार है।
3. अनुच्छेद 356 के अंतर्गत राष्ट्रपति शासन लागू करने की शक्ति का प्रयोग केवल तभी किया जा सकता है जब राज्यपाल की रिपोर्ट प्राप्त हो; यदि राज्यपाल की रिपोर्ट के बिना राष्ट्रपति अपनी प्रेरणा से या किसी अन्य स्रोत से प्राप्त सूचना के आधार पर राष्ट्रपति शासन लागू करते हैं, तो वह उद्घोषणा संवैधानिक रूप से शून्य (Void) मानी जाएगी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
→
कोई विधेयक धन विधेयक है या नहीं, इसका अंतिम निर्णय कौन करता है?
→
शून्यकाल का मुख्य उद्देश्य क्या है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.