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Indian Polity
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भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की नियुक्ति कौन करता है?

Detailed Explanation

राष्ट्रपति द्वारा नियुक्ति होती है।
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भारत में सूचना का अधिकार अधिनियम कब लागू हुआ? राज्य विधानसभा का नेता कौन होता है? भारत के महान्यायवादी (Attorney General) और नियंत्रक-महालेखापरीक्षक (CAG) के संवैधानिक दायित्वों, विशेषाधिकारों और उनके कार्यालयों की कार्यप्रणाली के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 76 के अनुसार महान्यायवादी को भारत सरकार का प्रथम विधिक अधिकारी कहा गया है, और उसे अपने कर्तव्यों के पालन में भारत के राज्यक्षेत्र के सभी न्यायालयों में सुनवाई का अधिकार प्राप्त है, तथा उसे संसद के दोनों सदनों की बैठकों में बोलने या भाग लेने का अधिकार तो है किंतु उसे संसद की किसी भी समिति का सदस्य बनने पर पूर्ण प्रतिबंध का सामना करना पड़ता है। 2. भारत का नियंत्रक-महालेखापरीक्षक (CAG) न केवल केंद्र और राज्य सरकारों के समेकित फंडों के खातों की लेखापरीक्षा करता है, बल्कि सार्वजनिक निगमों और ऐसी कंपनियों के खातों की भी ऑडिट करता है जिनमें केंद्र या राज्य सरकार की शेयर पूंजी कम से कम 51 प्रतिशत हो। 3. सीएजी की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के लिए संविधान में यह प्रावधान किया गया है कि वह अपने पद पर रहते हुए केंद्र या राज्य सरकार के अधीन किसी भी प्रकार के अन्य पद (Office of Profit) को ग्रहण नहीं कर सकता है, और सेवानिवृत्ति के पश्चात भारत सरकार या किसी राज्य सरकार के अधीन किसी अन्य पद पर पुनः नियुक्त नहीं किया जा सकता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? प्रथम आम चुनाव किस वर्ष संपन्न हुए? राज्य की कार्यपालिका के संदर्भ में राज्यपाल की शक्तियों, अध्यादेश निर्माण तथा मुख्यमंत्री के संवैधानिक दायित्वों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 213 के अंतर्गत राज्य के राज्यपाल को अध्यादेश प्रख्यापित करने की शक्ति प्राप्त है, किंतु राज्यपाल इस शक्ति का प्रयोग अपनी इच्छा या स्वविवेक से नहीं कर सकता, बल्कि यह मंत्रिपरिषद की सलाह पर ही संभव है, और यदि राज्यपाल किसी ऐसे विषय पर अध्यादेश जारी करता है जिसके लिए राज्य विधानसभा में विधेयक प्रस्तुत करने हेतु राष्ट्रपति की पूर्व अनुमति (Previous Sanction) आवश्यक थी, तो राज्यपाल राष्ट्रपति की पूर्व अनुमति के बिना अध्यादेश प्रख्यापित नहीं कर सकता है। 2. संविधान के अनुच्छेद 164 के अनुसार राज्यों के मुख्यमंत्रियों सहित अन्य मंत्रियों की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा की जाती है, और ऐसे मंत्री राज्यपाल के प्रसादपर्यंत (During the Pleasure of the Governor) पद धारण करते हैं, तथा संविधान में यह स्पष्ट रूप से उपबंधित किया गया है कि किसी राज्य का मुख्यमंत्री बनने वाले व्यक्ति के लिए यह अनिवार्य है कि नियुक्ति के समय वह राज्य विधानमंडल के किसी न किसी सदन का सदस्य अवश्य होना चाहिए। 3. राज्य के महाधिवक्ता (Advocate General) की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा अनुच्छेद 165 के तहत की जाती है, और महाधिवक्ता को राज्य विधानमंडल के किसी भी सदन की कार्यवाही में बोलने और भाग लेने का अधिकार प्राप्त है, किंतु उसे मतदान (Voting) करने का कोई अधिकार नहीं होता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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