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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग XVI' (कुछ वर्गों से संबंधित विशेष उपबंध - अनुच्छेद 330 से 342A) के अंतर्गत 'राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग' (National Commission for Scheduled Castes) और 'राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग' से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. मूल संविधान में अनुच्छेद 338 के तहत अनुसूचित जातियों (SCs) और अनुसूचित जनजातियों (STs) के लिए एक ही 'विशेष अधिकारी' (Special Officer) की नियुक्ति का प्रावधान था जिसे 'अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के लिए आयुक्त' कहा जाता था।
  2. 2. 89वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2003 के माध्यम से अनुच्छेद 338 को विभाजित किया गया तथा एक नए अनुच्छेद 338A के तहत 'राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग' (NCST) का गठन किया गया, जिससे एससी और एसटी के लिए दो अलग-अलग सांविधिक निकाय अस्तित्व में आए।
  3. 3. राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (NCSC) और राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST) दोनों के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और अन्य सदस्यों की सेवा शर्तें और पदावधि राष्ट्रपति द्वारा निर्धारित नियमों के अनुसार होती हैं, और ये दोनों निकाय अपनी वार्षिक रिपोर्ट सीधे प्रधानमंत्री को सौंपते हैं, जिन्हें संसद के दोनों सदनों के समक्ष रखवाया जाता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है: मूल संविधान के अनुच्छेद 338 के तहत अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के लिए एक 'विशेष अधिकारी' की नियुक्ति का प्रावधान किया गया था, जिसे 'अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के लिए आयुक्त' (Commissioner for SCs and STs) के रूप में जाना जाता था। कथन 2 गलत है: 89वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2003 द्वारा बहु-सदस्यीय राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (अनुच्छेद 338) और बहु-सदस्यीय राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (अनुच्छेद 338A) के रूप में दो अलग-अलग *संवैधानिक निकाय* (Constitutional bodies) बनाए गए, न कि सांविधिक (Statutory) निकाय, क्योंकि ये सीधे संविधान के अनुच्छेदों के तहत सृजित हैं। कथन 3 गलत है: ये दोनों आयोग अपनी वार्षिक रिपोर्ट (तथा आवश्यकतानुसार मध्यवर्ती रिपोर्ट भी) राष्ट्रपति को सौंपते हैं, न कि प्रधानमंत्री को। इसके पश्चात राष्ट्रपति इन रिपोर्टों को संसद के प्रत्येक सदन के समक्ष रखवाते हैं। अतः कथन 3 गलत है। इसलिए केवल कथन 1 सही है।
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