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सामान्य विज्ञान और पर्यावरण के संदर्भ में, 'जैविक भू-रासायनिक चक्रों' (Biogeochemical Cycles) और पारिस्थितिकी तंत्र में 'पोषक तत्वों के पुनर्चक्रण' (Nutrient Cycling) के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. अवसादी चक्रों (Sedimentary Cycles) जैसे कि फॉस्फोरस और सल्फर चक्र में, पोषक तत्वों का मुख्य भंडार पृथ्वी की भूपर्पटी (Crust) में चट्टानों और मिट्टी के रूप में होता है, और वायुमंडल इन चक्रों में गैसों के आदान-प्रदान के लिए एक महत्वपूर्ण माध्यम के रूप में कार्य करता है।
  2. 2. नाइट्रोजन चक्र (Nitrogen Cycle) एक पूर्णतः गैसीय चक्र है, जिसमें वायुमंडल नाइट्रोजन का मुख्य भंडार होता है, और राइजोबियम जैसे सूक्ष्मजीव वायुमंडलीय नाइट्रोजन का स्थिरीकरण करके उसे पौधों द्वारा उपभोग योग्य नाइट्रेट्स में परिवर्तित करते हैं, जबकि डीनाइट्रीफाइंग बैक्टीरिया नाइट्रोजन को पुनः वायुमंडल में मुक्त करते हैं।
  3. 3. कार्बन चक्र (Carbon Cycle) के अंतर्गत, महासागर कार्बन सिंक के रूप में कार्य करते हैं और वायुमंडल से कार्बन डाइऑक्साइड को अवशोषित करते हैं, किंतु ग्लोबल वार्मिंग के कारण महासागरों के गर्म होने से उनकी कार्बन डाइऑक्साइड को घोलने की क्षमता कम हो जाती है, जो एक सकारात्मक पुनर्भरण लूप (Positive Feedback Loop) को जन्म देती है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 गलत है क्योंकि अवसादी चक्रों (जैसे फॉस्फोरस और सल्फर) में वायुमंडल चक्र का एक महत्वपूर्ण घटक या मुख्य माध्यम नहीं होता है, बल्कि इनमें पृथ्वी की भूपर्पटी (चट्टानें और मिट्टी) ही प्राथमिक भंडार होती है। गैसीय चक्रों (जैसे नाइट्रोजन और कार्बन) में वायुमंडल मुख्य भंडार होता है। कथन 2 सही है; नाइट्रोजन चक्र एक गैसीय चक्र है जिसमें राइजोबियम बैक्टीरिया स्थिरीकरण करते हैं और स्यूडोमोनास जैसे डीनाइट्रीफाइंग बैक्टीरिया नाइट्रोजन को वायुमंडल में वापस भेजते हैं। कथन 3 सही है; महासागर महत्वपूर्ण कार्बन सिंक हैं, और तापमान बढ़ने (ग्लोबल वार्मिंग) से उनकी गैसों को घोलने की क्षमता (सॉल्यूबिलिटी) घट जाती है, जिससे अधिक कार्बन डाइऑक्साइड वायुमंडल में बनी रहती है, जो सकारात्मक पुनर्भरण लूप का उदाहरण है।
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