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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग XVIII' (आपात उपबंध - अनुच्छेद 352 से 360) तथा राष्ट्रपति शासन (President's Rule - अनुच्छेद 356) के प्रावधानों के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. संविधान के अनुच्छेद 356 के अनुसार यदि राष्ट्रपति को किसी राज्य के राज्यपाल से प्रतिवेदन मिलने पर या अन्यथा यह समाधान हो जाता है कि ऐसी स्थिति उत्पन्न हो गई है जिसमें उस राज्य का शासन इस संविधान के उपबंधों के अनुसार नहीं चलाया जा सकता है, तो वह उद्घोषणा द्वारा राज्य सरकार के सभी या किन्हीं कृतियों को अपने हाथ में ले सकता है।
- 2. अनुच्छेद 356 के तहत जारी की गई राष्ट्रपति शासन की उद्घोषणा को संसद के दोनों सदनों द्वारा उसकी तारीख से दो मास के भीतर अनुमोदन किया जाना अनिवार्य है, और यदि इस अवधि के भीतर लोकसभा का विघटन हो जाता है, तो यह उद्घोषणा लोकसभा के पुनर्गठन के बाद उसकी पहली बैठक से तीस दिन की अवधि तक प्रवृत्त बनी रहेगी, बशर्ते इस बीच राज्यसभा द्वारा इसका अनुमोदन पहले ही कर दिया गया हो।
- 3. सर्वोच्च न्यायालय ने अपने ऐतिहासिक निर्णय (एस.आर. बोम्मई मामला, 1994) में यह स्पष्ट किया था कि राष्ट्रपति शासन की उद्घोषणा न्यायिक समीक्षा (Judicial Review) के दायरे से बाहर है, और यदि राष्ट्रपति द्वारा बिना किसी पर्याप्त आधार या राजनीतिक दुर्भावना के राज्य सरकार को बर्खास्त किया जाता है, तो न्यायालय उस उद्घोषणा को रद्द नहीं कर सकता है और न ही राज्य विधानसभा को पुनर्जीवित कर सकता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है: संविधान के अनुच्छेद 356 के अनुसार यदि राष्ट्रपति को राज्यपाल के प्रतिवेदन पर या अन्य प्रकार से यह विश्वास हो जाता है कि राज्य का शासन संविधान के प्रावधानों के अनुसार नहीं चलाया जा सकता, तो वह राष्ट्रपति शासन की उद्घोषणा कर सकता है और राज्य सरकार के अधिकार अपने हाथ में ले सकता है।
कथन 2 सही है: अनुच्छेद 356(3) के अनुसार राष्ट्रपति शासन की प्रत्येक उद्घोषणा को संसद के दोनों सदनों के समक्ष रखा जाएगा और यह दो मास की अवधि के भीतर दोनों सदनों द्वारा अनुमोदित होनी चाहिए। यदि इस 2 मास की अवधि के दौरान लोकसभा का विघटन हो जाता है, तो यह उद्घोषणा लोकसभा के पुनर्गठन के बाद उसकी पहली बैठक से 30 दिनों तक प्रवृत्त रहेगी, बशर्ते इस बीच राज्यसभा ने इसके अनुमोदन का संकल्प पारित कर दिया हो।
कथन 3 गलत है: सर्वोच्च न्यायालय ने 'एस.आर. बोम्मई मामला (1994)' में यह ऐतिहासिक निर्णय दिया था कि राष्ट्रपति शासन की उद्घोषणा न्यायिक समीक्षा के दायरे में आती है। यदि न्यायालय यह पाता है कि उद्घोषणा का आधार अप्रासंगिक, तर्कहीन या दुर्भावनापूर्ण है, तो वह उसे असंवैधानिक घोषित कर सकता है और बर्खास्त की गई विधानसभा को पुनर्जीवित (Restore) भी कर सकता है।
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भारतीय संविधान के भाग III के अंतर्गत 'मूल अधिकारों' के क्रियान्वयन और प्रवर्तन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत सर्वोच्च न्यायालय केवल मूल अधिकारों के उल्लंघन के मामलों में ही रिट (Writ) जारी कर सकता है, जबकि उच्च न्यायालयों को अनुच्छेद 226 के तहत मूल अधिकारों के साथ-साथ किसी अन्य विधिक या सामान्य कानूनी अधिकार के उल्लंघन पर भी रिट जारी करने की व्यापक शक्ति प्राप्त है।
2. संसद को यह विशेष अधिकार प्राप्त है कि वह विधि द्वारा (Law) सशस्त्र बलों, अर्ध-सैनिक बलों, पुलिस बलों, खुफिया एजेंसियों के सदस्यों या लोक व्यवस्था बनाए रखने वाले कर्मचारियों के मूल अधिकारों के प्रयोग को प्रतिबंधित या निराकृत (Abrogate) कर सकती है, और इस प्रकार के कानून को किसी भी न्यायालय में इस आधार पर चुनौती नहीं दी जा सकती कि यह अनुच्छेद 13 का उल्लंघन करता है।
3. राष्ट्रीय आपातकाल (National Emergency) के दौरान अनुच्छेद 352 के तहत, अनुच्छेद 20 और 21 द्वारा प्रदत्त मूल अधिकारों के प्रवर्तन को छोड़कर, राष्ट्रपति द्वारा अन्य सभी मूल अधिकारों के प्रवर्तन को निलंबित करने का आदेश दिया जा सकता है, जो संपूर्ण देश या उसके किसी हिस्से पर लागू हो सकता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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सामान्य विज्ञान और पर्यावरण के संदर्भ में, 'जैव विविधता हॉटस्पॉट' (Biodiversity Hotspots) की अवधारणा और इसके निर्धारण के लिए आवश्यक मानदंडों के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'जैव विविधता हॉटस्पॉट' की अवधारणा सबसे पहले ब्रिटिश पर्यावरणविद् नॉर्मन मायर्स (Norman Myers) द्वारा प्रतिपादित की गई थी, जिसके अनुसार किसी क्षेत्र को हॉटस्पॉट के रूप में मान्यता प्राप्त करने के लिए दो मुख्य मानदंडों को पूरा करना अनिवार्य है: पहला, उस क्षेत्र में कम से कम 1,500 स्थानिक पादप प्रजातियाँ (Endemic Plant Species) होनी चाहिए जो दुनिया में कहीं और न पाई जाती हों; और दूसरा, उस क्षेत्र को अपनी मूल निवास स्थान (Primary Vegetation) का कम से कम 70% हिस्सा खो देना चाहिए यानी वहाँ भारी मात्रा में पर्यावास विनाश होना चाहिए।
2. विश्व स्तर पर जैव विविधता हॉटस्पॉट के रूप में मान्यता प्रदान करने और उनकी सूची को अद्यतन करने का आधिकारिक उत्तरदायित्व 'अंतर्राष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ' (IUCN) के पास है, जो प्रत्येक वर्ष दुनिया भर के नए पारिस्थितिक तंत्रों का मूल्यांकन करके उनकी आधिकारिक घोषणा करता है।
3. भारत के भौगोलिक क्षेत्र के अंतर्गत वर्तमान में कुल चार जैव विविधता हॉटस्पॉट पूर्ण रूप से या आंशिक रूप से मान्यता प्राप्त हैं, जो निम्नलिखित हैं: हिमालय (Himalaya), पश्चिमी घाट (Western Ghats), इंडो-बर्मा क्षेत्र (Indo-Burma Region), और अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह (जिसमें संपूर्ण सुंडालैंड क्षेत्र शामिल है)।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय इतिहास और राष्ट्रीय आंदोलन के संदर्भ में, वर्ष 1929 के 'लाहौर अधिवेशन' (Lahore Session) और 'पूर्ण स्वराज' के ऐतिहासिक प्रस्ताव के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का लाहौर अधिवेशन दिसंबर 1929 में आयोजित किया गया था, जिसकी अध्यक्षता पंडित जवाहरलाल नेहरू ने की थी, और इसी अधिवेशन में पहली बार कांग्रेस के मंच से 'पूर्ण स्वराज' (Complete Independence) को अपना मुख्य लक्ष्य घोषित किया गया था।
2. इस अधिवेशन में यह निर्णय लिया गया कि 26 जनवरी 1930 का दिन 'स्वतंत्रता दिवस' के रूप में मनाया जाएगा, और देश भर में स्वतंत्रता की प्रतिज्ञा (Independence Pledge) ली जाएगी, जिस ऐतिहासिक महत्व को ध्यान में रखते हुए बाद में भारत के संविधान को 26 जनवरी 1950 को लागू किया गया था।
3. लाहौर अधिवेशन में पारित प्रस्ताव के तुरंत बाद, महात्मा गांधी ने वायसराय लॉर्ड इरविन के समक्ष अपनी प्रसिद्ध 'ग्यारह सूत्री मांगें' (Eleven Points) रखी थीं, जिनमें पूर्ण स्वतंत्रता की मांग भी शामिल थी, और इन मांगों के अस्वीकार किए जाने के परिणामस्वरूप ही सविनय अवज्ञा आंदोलन (Civil Disobedience Movement) की शुरुआत हुई थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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क्या भारतीय संविधान में 'न्यायिक पुनरावलोकन' (Judicial Review) शब्द का स्पष्ट उल्लेख है?
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1858 के एक्ट के बाद भारत के 'गवर्नर जनरल' को किस नाम से जाना जाने लगा?
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