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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग V' (संघ की कार्यपालिका - राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के निर्वाचन तथा महाभियोग की प्रक्रिया) के प्रावधानों के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. संविधान के अनुच्छेद 54 के अनुसार राष्ट्रपति के निर्वाचकगण (Electoral College) में संसद के दोनों सदनों के निर्वाचित सदस्य तथा राज्य विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्य शामिल होते हैं, और इसके साथ ही दिल्ली और पुडुचेरी केंद्र शासित प्रदेशों की विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्यों को भी 70वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 द्वारा इस निर्वाचकगण में शामिल किया गया था।
  2. 2. राष्ट्रपति के चुनाव में उत्पन्न होने वाले सभी शंकाओं और विवादों की जाँच और उनका विनिश्चय केवल और केवल भारत के निर्वाचन आयोग द्वारा किया जाता है, और निर्वाचन आयोग का यह निर्णय अंतिम होता है जिसे किसी भी न्यायालय में चुनौती नहीं दी जा सकती है।
  3. 3. संविधान के अनुच्छेद 61 के अनुसार राष्ट्रपति पर 'संविधान के अतिक्रमण' के आधार पर केवल संसद के किसी भी सदन में महाभियोग का आरोप लगाया जा सकता है, बशर्ते कि ऐसा आरोप लगाने वाला संकल्प उस सदन की कुल सदस्य संख्या के कम से कम दो-तिहाई बहुमत से पारित किया गया हो, और इस प्रक्रिया में संसद के मनोनीत (Nominated) सदस्य भी मतदान में भाग लेते हैं।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है: संविधान के अनुच्छेद 54 के अनुसार राष्ट्रपति के निर्वाचकगण में संसद के दोनों सदनों के निर्वाचित सदस्य और राज्यों की विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्य शामिल होते हैं। 70वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 द्वारा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली और पुडुचेरी केंद्र शासित प्रदेशों की विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्यों को भी राष्ट्रपति के निर्वाचकगण में शामिल किया गया था। कथन 2 गलत है: संविधान के अनुच्छेद 71 के अनुसार राष्ट्रपति या उपराष्ट्रपति के निर्वाचन से उत्पन्न होने वाले सभी शंकाओं और विवादों की जाँच और उनका विनिश्चय 'भारत के सर्वोच्च न्यायालय' (Supreme Court) द्वारा किया जाता है, निर्वाचन आयोग द्वारा नहीं। सर्वोच्च न्यायालय का निर्णय अंतिम होता है। कथन 3 सही है: अनुच्छेद 61 के अनुसार राष्ट्रपति पर संविधान के अतिक्रमण के लिए महाभियोग चलाया जा सकता है। महाभियोग का आरोप संसद के किसी भी सदन द्वारा लगाया जा सकता है। आरोप का संकल्प उस सदन की कुल सदस्य संख्या के कम से कम दो-तिहाई बहुमत से पारित होना चाहिए। राष्ट्रपति के चुनाव में संसद के मनोनीत सदस्य भाग नहीं लेते हैं, किंतु महाभियोग की प्रक्रिया में संसद के दोनों सदनों के निर्वाचित और मनोनीत दोनों सदस्य भाग लेते हैं।
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