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Indian Polity
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अनुच्छेद 110 क्या है?

Detailed Explanation

धन विधेयक।
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→ भारतीय संविधान के विभिन्न प्रावधानों, राजभाषा, राजनीतिक दलों के विधिक नियमों तथा संविधान की अनुसूचियों और भागों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान की आठवीं अनुसूची में मूल रूप से 14 भाषाएँ शामिल थीं, जिन्हें बाद में विभिन्न संविधान संशोधनों के माध्यम से जोड़ा गया, तथा वर्तमान में इसमें कुल 22 भाषाएँ हैं, किंतु 'अंग्रेजी' और 'राजस्थानी' भाषाएँ इस अनुसूची में शामिल नहीं हैं। 2. लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 29A के तहत भारत निर्वाचन आयोग द्वारा राजनीतिक दलों का पंजीकरण किया जाता है, किंतु किसी पंजीकृत दल को 'राष्ट्रीय दल' (National Party) के रूप में मान्यता प्राप्त करने के लिए यह अनिवार्य है कि वह कम से कम चार राज्यों में लोकसभा या विधानसभा चुनावों में कुल वैध मतों का कम से कम 6 प्रतिशत मत प्राप्त करे और साथ ही कम से कम चार राज्यों से लोकसभा में चार सांसद निर्वाचित करे। 3. संविधान के भाग XVII के अंतर्गत अनुच्छेद 348 में यह उपबंध किया गया है कि उच्चतम न्यायालय और प्रत्येक उच्च न्यायालय की सभी कार्यवाहियाँ तथा संसद और राज्य विधानमंडलों द्वारा पारित प्रत्येक अधिनियम का प्राधिकृत पाठ अंग्रेजी भाषा में ही होगा, जब तक कि संसद विधि द्वारा कोई अन्य प्रावधान न करे। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? → भारतीय संविधान के अंतर्गत उच्च न्यायालयों (High Courts) की रिट अधिकारिता, अधीनस्थ न्यायालयों पर नियंत्रण तथा प्रशासनिक न्यायाधिकरणों से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत उच्च न्यायालय को मौलिक अधिकारों के प्रवर्तन के साथ-साथ किसी अन्य विधिक अधिकार (Legal Right) के प्रवर्तन के लिए भी प्रादेश (Writ) जारी करने की शक्ति प्राप्त है, और इस संदर्भ में उच्च न्यायालय की रिट अधिकारिता का क्षेत्र सर्वोच्च न्यायालय की तुलना में अधिक व्यापक है। 2. संविधान के अनुच्छेद 227 के अनुसार प्रत्येक उच्च न्यायालय को अपने प्रादेशिक क्षेत्राधिकार के भीतर आने वाले सभी न्यायालयों और न्यायाधिकरणों (Tribunals) पर अधीक्षण की शक्ति प्राप्त है, और यह अधीक्षण शक्ति केवल प्रशासनिक मामलों तक ही सीमित है, इसका विस्तार किसी भी स्थिति में न्यायिक निर्णयों की समीक्षा या अपील तक नहीं हो सकता है। 3. अनुच्छेद 235 के अंतर्गत राज्य के अधीनस्थ न्यायालयों (जिला न्यायालयों और उनके अधीनस्थ न्यायालयों) पर नियंत्रण की शक्ति, जिसमें उनकी पोस्टिंग, पदोन्नति और छुट्टी का अनुदान शामिल है, पूर्णतः संबंधित राज्य के उच्च न्यायालय में निहित होती है, न कि राज्य के राज्यपाल या कार्यपालिका के पास। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? → 74वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 के प्रावधानों और शहरी स्थानीय शासन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इस संशोधन द्वारा संविधान में भाग IX-A जोड़ा गया, जिसके तहत अनुच्छेद 243-P से 243-ZG तक के प्रावधानों के माध्यम से नगरपालिकाओं को संवैधानिक दर्जा प्रदान किया गया है। 2. नगरपालिकाओं के सभी वार्डों के लिए प्रत्यक्ष निर्वाचन के माध्यम से चुने जाने वाले सदस्यों के अतिरिक्त, राज्य विधानमंडल को यह शक्ति दी गई है कि वह नगर प्रशासन में विशेष ज्ञान या अनुभव रखने वाले व्यक्तियों को बिना मतदान के अधिकार के नगरपालिकाओं में प्रतिनिधित्व प्रदान कर सकता है। 3. जिला योजना समिति (District Planning Committee - DPC) का गठन प्रत्येक राज्य में अनुच्छेद 243-ZD के तहत किया जाता है, जिसका मुख्य कार्य जिले के लिए विकास योजनाएं तैयार करना है, और इस समिति के कुल सदस्यों में से कम से कम दो-तिहाई सदस्य जिला पंचायत और नगरपालिकाओं के निर्वाचित सदस्यों द्वारा अपने में से ही चुने जाते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? → भारतीय संविधान के ऐतिहासिक विकास के अंतर्गत 'पिट्स इंडिया एक्ट, 1784' (Pitt's India Act of 1784) और इसके प्रावधानों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इस अधिनियम द्वारा कंपनी के राजनीतिक और वाणिज्यिक कार्यों को पहली बार पृथक् किया गया, जिसके तहत राजनीतिक मामलों के प्रबंधन के लिए 'बोर्ड ऑफ कंट्रोल' (Board of Control) और वाणिज्यिक मामलों के प्रबंधन के लिए 'कोर्ट ऑफ डायरेक्टऱ्स' (Court of Directors) की व्यवस्था की गई। 2. 'बोर्ड ऑफ कंट्रोल' की स्थापना ब्रिटिश कैबिनेट के नियंत्रण में की गई थी, जिसे ब्रिटिश सरकार को भारत में ब्रिटिश नागरिक, सैन्य और राजस्व से संबंधित सभी गतिविधियों की देखरेख और निर्देशन का पूर्ण अधिकार दिया गया था। 3. इस अधिनियम के माध्यम से गवर्नर-जनरल की परिषद की सदस्य संख्या चार से घटाकर तीन कर दी गई, और बंगाल के गवर्नर-जनरल को बंबई तथा मद्रास के प्रेसीडेंसी प्रशासनों पर नियंत्रण स्थापित करने के लिए व्यापक सामरिक और सैन्य अधिकार प्रदान किए गए। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? → भारतीय संविधान के अंतर्गत आपातकालीन उपबंधों (भाग XVIII) और उनसे संबंधित प्रमुख संवैधानिक संशोधनों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा अनुच्छेद 352 में संशोधन करके यह प्रावधान किया गया कि राष्ट्रीय आपातकाल की उद्घोषणा संपूर्ण भारत या उसके किसी विशिष्ट भाग तक सीमित की जा सकती है, तथा राष्ट्रपति को पूरे देश में एक साथ या अलग-अलग हिस्सों में भिन्न-भिन्न आधारों पर आपातकाल लागू करने की शक्ति दी गई। 2. 44वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1978 द्वारा यह अनिवार्य किया गया कि राष्ट्रीय आपातकाल की उद्घोषणा के प्रस्ताव को संसद के दोनों सदनों द्वारा अपनी कुल सदस्य संख्या के बहुमत तथा उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के कम से कम दो-तिहाई बहुमत (विशेष बहुमत) द्वारा एक महीने के भीतर अनुमोदित किया जाना आवश्यक है। 3. 44वें संविधान संशोधन के पश्चात ही यह स्पष्ट वैधानिक प्रावधान किया गया कि राष्ट्रीय आपातकाल के प्रवर्तन के दौरान अनुच्छेद 20 और अनुच्छेद 21 द्वारा प्रदत्त मूल अधिकारों को किसी भी परिस्थिति में निलंबित नहीं किया जा सकता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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