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सामान्य विज्ञान एवं पर्यावरण के संदर्भ में, 'जैविक नाइट्रोजन स्थिरीकरण' (Biological Nitrogen Fixation) और नाइट्रोजन चक्र से जुड़े निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. वायुमंडल में नाइट्रोजन गैस प्रचुर मात्रा में उपलब्ध होने के बावजूद पौधे इसे सीधे अवशोषित नहीं कर सकते, इसलिए कुछ विशेष सूक्ष्मजीव (जैसे राइजोबियम, ऐज़ाटोबैक्टर और सायनोबैक्टीरिया) नाइट्रोजन एंजाइम (Nitrogenase complex) की सहायता से वायुमंडलीय नाइट्रोजन को अमोनिया में परिवर्तित करते हैं।
  2. 2. नाइट्रोसोमोनास और नाइट्रोबैक्टर जैसे रसायनसंश्लेषी (Chemoautotrophic) बैक्टीरिया 'नाइट्रीकरण' (Nitrification) प्रक्रिया के दौरान अमोनिया को सीधे मुक्त नाइट्रोजन गैस में परिवर्तित करके वापस वायुमंडल में भेजने के लिए उत्तरदायी होते हैं।
  3. 3. 'विनाइट्रीकरण' (Denitrification) प्रक्रिया मुख्य रूप से अवायवीय (Anaerobic) परिस्थितियों में स्यूडोमोनास जैसे बैक्टीरिया द्वारा संचालित होती है, जिसके अंतर्गत नाइट्रेट्स का अपचयन होकर नाइट्रोजन गैस का निर्माण होता है, जो नाइट्रोजन चक्र को संतुलित बनाए रखती है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है: वायुमंडल में नाइट्रोजन की प्रचुरता (~78%) के बावजूद पौधे इसे सीधे ग्रहण नहीं कर पाते। राइजोबियम, ऐज़ाटोबैक्टर और नोस्टॉक, एनाबेना जैसे सायनोबैक्टीरिया 'नाइट्रोजिनेस' एंजाइम की उपस्थिति में वायुमंडलीय नाइट्रोजन का स्थिरीकरण करके उसे अमोनिया में बदलते हैं। कथन 2 गलत है: नाइट्रोसोमोनास बैक्टीरिया अमोनिया को नाइट्राइट में और नाइट्रोबैक्टर नाइट्राइट को नाइट्रेट में बदलते हैं (इस प्रक्रिया को नाइट्रिफ़िकेशन या नाइट्रीकरण कहते हैं)। ये अमोनिया को नाइट्रोजन गैस में नहीं बदलते, बल्कि अमोनिया को नाइट्रेट में बदलते हैं जो पौधों द्वारा उपभोग किया जाता है। कथन 3 सही है: विनाइट्रीकरण (Denitrification) एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें स्यूडोमोनास और थियोबैसिलस जैसे बैक्टीरिया अवायवीय परिस्थितियों में मिट्टी के नाइट्रेट्स को अपचयित (reduce) करके वापस नाइट्रोजन गैस में बदलते हैं, जिससे वायुमंडल में नाइट्रोजन का संतुलन बना रहता है।
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