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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग IX' (पंचायतों - अनुच्छेद 243 से 243O) तथा उससे संबंधित प्रावधानों के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. संविधान के अनुच्छेद 243G के अनुसार पंचायतों को आर्थिक विकास और सामाजिक न्याय के लिए योजनाएँ तैयार करने तथा उन्हें लागू करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है, और इसके लिए संविधान की ग्यारहवीं अनुसूची में कुल 29 विषयों की सूची दी गई है, जिन पर विधि बनाने की शक्ति राज्य के विधानमंडल को प्राप्त है।
- 2. संविधान के अनुच्छेद 243H के तहत किसी पंचायत को कर, शुल्क, टोल और फीस आरोपित करने, उनका संग्रहण करने तथा उन्हें विनियोजित करने की शक्ति प्रदान करने का अनन्य अधिकार केवल केंद्र सरकार के पास निहित है, क्योंकि स्थानीय निकायों के लिए वित्तीय स्वायत्तता सुनिश्चित करने का दायित्व संघ सूची का विषय है।
- 3. प्रत्येक राज्य में पंचायतों की वित्तीय स्थिति की समीक्षा करने के लिए राज्यपाल द्वारा प्रत्येक पाँच वर्ष की समाप्ति पर एक 'वित्त आयोग' (Finance Commission) का गठन किया जाना अनिवार्य है, जो पंचायतों और राज्य के बीच करों, शुल्कों और टोल के वितरण के संबंध में राज्यपाल को अपनी अनुशंसाएँ सौंपता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है: संविधान के अनुच्छेद 243G के अंतर्गत पंचायतों को आर्थिक विकास और सामाजिक न्याय की योजनाएँ तैयार करने का अधिकार दिया गया है। ग्यारहवीं अनुसूची में ऐसे कुल 29 कार्यकारी विषयों का उल्लेख है जिन पर राज्य विधानमंडल पंचायतों को शक्तियाँ और प्राधिकार हस्तांतरित कर सकता है। कथन 2 गलत है: संविधान के अनुच्छेद 243H के अनुसार किसी पंचायत को कर, शुल्क, टोल और फीस आरोपित करने, संग्रहित करने और विनियोजित करने की शक्ति देने का अधिकार 'राज्य के विधानमंडल' (State Legislature) के पास है, न कि केंद्र सरकार के पास। स्थानीय स्वशासन राज्य सूची (सूची-II) का विषय है। कथन 3 सही है: संविधान के अनुच्छेद 243I के प्रावधानों के अनुसार राज्यपाल द्वारा प्रत्येक पाँच वर्ष की समाप्ति पर एक राज्य वित्त आयोग (State Finance Commission) का गठन किया जाता है, जो पंचायतों की वित्तीय स्थिति की समीक्षा करता है और राज्यपाल को अपनी सिफारिशें देता है।
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भारतीय इतिहास और मध्यकालीन वास्तुकला के संदर्भ में, विजयनगर साम्राज्य की राजधानी 'हम्पी' (Hampi) के स्मारकों तथा उनकी स्थापत्य विशेषताओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हम्पी स्थित 'विट्ठल स्वामी मंदिर' (Vitthala Temple) विजयनगर वास्तुकला की नागर शैली (Nagara style) का एक उत्कृष्ट उदाहरण है, जिसके मुख्य मंडप में स्थित संगीत-स्तंभ (Musical Pillars) थपथपाने पर विभिन्न संगीतमय स्वर उत्पन्न करते हैं।
2. 'हजार राम मंदिर' (Hazara Rama Temple) को विशेष रूप से शाही परिवार के निजी पूजा स्थल (Royal Chapel) के रूप में बनवाया गया था, जिसकी आंतरिक और बाहरी दीवारों पर रामायण तथा महाभारत की कहानियों को दर्शाने वाले विस्तृत एवं सुंदर bas-relief (उत्तकीर्ण) चित्र उकेरे गए हैं।
3. विजयनगर वास्तुकला की एक विशिष्ट पहचान यहाँ के मंदिरों में विशाल प्रवेश द्वारों या 'गोपुरम' (Gopurams) का निर्माण तथा वर्गाकार या आयताकार रूप में बने बड़े 'कल्याण मंडप' (Kalyana Mandapa) हैं, जिनका उपयोग मुख्य रूप से देवताओं के विवाह उत्सवों के धार्मिक आयोजनों के लिए किया जाता था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'अनुच्छेद 355' और 'अनुच्छेद 356' के अंतर्गत केंद्र की राज्य के प्रति बाध्यताओं और 'राष्ट्रपति शासन' के प्रावधानों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान का अनुच्छेद 355 केंद्र सरकार पर यह संवैधानिक कर्तव्य आरोपित करता है कि वह बाह्य आक्रमण और आंतरिक अशांति से प्रत्येक राज्य की रक्षा करे और यह सुनिश्चित करे कि प्रत्येक राज्य की सरकार इस संविधान के उपबंधों के अनुसार ही चलाई जा रही है।
2. 'एस. आर. बोम्बाई बनाम भारत संघ' (1994) मामले के ऐतिहासिक निर्णय में सर्वोच्च न्यायालय ने यह स्पष्ट किया कि धर्मनिरपेक्षता (Secularism) भारतीय संविधान के बुनियादी ढांचे का एक अनिवार्य हिस्सा है, और यदि किसी राज्य सरकार द्वारा खुले तौर पर धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांतों के विरुद्ध कार्य किया जाता है, तो अनुच्छेद 356 के तहत उस सरकार को बर्खास्त करना पूरी तरह न्यायसंगत है।
3. राष्ट्रपति शासन की उद्घोषणा को संसद के दोनों सदनों द्वारा उसके जारी होने की तारीख से दो महीने के भीतर अनुमोदित किया जाना अनिवार्य है, और यदि इस अवधि के दौरान लोकसभा का विघटन हो जाता है, तो यह उद्घोषणा लोकसभा के पुनर्गठन के बाद अपनी पहली बैठक से 30 दिनों की समाप्ति तक अस्तित्व में बनी रहती है, बशर्ते इस बीच इसे राज्यसभा द्वारा अनुमोदित कर दिया गया हो।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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