BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

Indian Polity
27 views

संविधान सभा की पहली बैठक कब हुई?

Detailed Explanation

9 दिसंबर 1946 को पहली बैठक हुई।
Share:

Related Questions

→ राज्य की कार्यपालिका के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 163 के अनुसार राज्यपाल को अपनी शक्तियों के प्रयोग में सहायता और सलाह देने के लिए एक मंत्रिपरिषद होगी जिसका प्रधान मुख्यमंत्री होगा, किंतु यदि कोई प्रश्न यह उठता है कि क्या कोई विषय ऐसा है जिसके संबंध में संविधान द्वारा या उसके अधीन राज्यपाल को अपने विवेक से कार्य करने की अपेक्षा की गई है, तो राज्यपाल का अपने विवेक से किया गया निर्णय अंतिम होगा और उसके किए गए निर्णय की विधिमान्यता को इस आधार पर किसी न्यायालय में प्रश्नगत नहीं किया जाएगा कि उसे अपने विवेक से कार्य करना चाहिए था या नहीं। 2. अनुच्छेद 164 के तहत मुख्यमंत्री की नियुक्ति राज्यपाल करेगा और अन्य मंत्रियों की नियुक्ति राज्यपाल मुख्यमंत्री की सलाह पर करेगा, और ये मंत्री राज्यपाल के प्रसादपर्यंत अपने पद पर बने रहेंगे, भले ही उन्हें संबंधित राज्य की विधानसभा में बहुमत का विश्वास प्राप्त हो या न हो। 3. राज्य के महाधिवक्ता (Advocate-General) की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा की जाती है और वह राज्य के उच्च न्यायालय का न्यायाधीश बनने के लिए अर्हित किसी व्यक्ति को ही नियुक्त कर सकता है, तथा महाधिवक्ता अपने पद पर राज्यपाल के प्रसादपर्यंत ही धारण करता है और उसे राज्य के किसी भी सदन में बोलने तथा कार्यवाही में भाग लेने का अधिकार है, किंतु उसे मतदान का कोई अधिकार नहीं है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? → भारतीय संविधान के भाग IV में वर्णित राज्य के नीति निर्देशक तत्वों (DPSP - अनुच्छेद 36-51) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 39(b) और 39(c) के अंतर्गत भौतिक संसाधनों के स्वामित्व और नियंत्रण को इस प्रकार वितरित करने का निर्देश दिया गया है जिससे कि समुदाय के भौतिक संसाधनों का स्वामित्व और नियंत्रण इस प्रकार बंटा हो जिससे सामूहिक हित का सर्वोत्तम रूप से साधन हो, तथा 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा यह प्रावधान जोड़ा गया कि यदि संसद इन अनुच्छेदों को प्रभावी करने के लिए कोई कानून बनाती है, तो उसे इस आधार पर शून्य घोषित नहीं किया जाएगा कि वह अनुच्छेद 14 या अनुच्छेद 19 द्वारा प्रदत्त मूल अधिकारों का उल्लंघन करता है। 2. भारतीय संविधान के अनुच्छेद 43A के तहत उद्योगों के प्रबंधन में कामगारों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाने का निर्देश मूल संविधान में ही निहित था, जिसे बाद में 44वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1978 द्वारा हटा दिया गया। 3. सर्वोच्च न्यायालय द्वारा 'मिनर्वा मिल्स वाद' (1980) के ऐतिहासिक निर्णय में यह अभिनिर्धारित किया गया कि नीति निर्देशक तत्व (DPSP) और मूल अधिकार (Fundamental Rights) एक-दूसरे के पूरक हैं, और यदि किसी कानून को अनुच्छेद 39(b) या 39(c) को क्रियान्वित करने के लिए बनाया जाता है, तो उसे अनुच्छेद 14 और 19 से ऊपर सर्वोच्चता प्राप्त होगी, किंतु भाग III और भाग IV के बीच संतुलन ही संविधान के मूल ढांचे (Basic Structure) का एक अनिवार्य हिस्सा है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? → भारतीय संविधान में 'मूल अधिकार' किस भाग में दिए गए हैं? → संविधान भाग 15 क्या है? → भारतीय संविधान के अंतर्गत प्रदत्त मूल अधिकारों (Fundamental Rights - Article 12-35) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान का अनुच्छेद 13 न्यायिक पुनरावलोकन (Judicial Review) की शक्ति प्रदान करता है और यह घोषित करता है कि मूल अधिकारों से असंगत या उनका अल्पजीवीकरण करने वाले सभी विधियाँ उस मात्रा तक शून्य होंगी, जिसके अंतर्गत संसद या राज्य विधानमंडलों द्वारा बनाए गए कानून ही नहीं बल्कि अध्यादेश, आदेश, उप-विधि, नियम और रूढ़ियाँ या प्रथाएँ भी शामिल हैं। 2. संविधान के अनुच्छेद 32 के अंतर्गत उच्चतम न्यायालय को केवल मूल अधिकारों के प्रवर्तन के लिए ही रिट (Writs) जारी करने की शक्ति प्राप्त है, जबकि अनुच्छेद 226 के तहत उच्च न्यायालय को मूल अधिकारों के साथ-साथ किसी अन्य विधिक अधिकार के प्रवर्तन के लिए भी रिट जारी करने की व्यापक शक्ति प्राप्त है, जिसका अर्थ है कि उच्च न्यायालय की रिट अधिकारिता इस मामले में उच्चतम न्यायालय से अधिक विस्तृत है। 3. अनुच्छेद 33 संसद को यह शक्ति प्रदान करता है कि वह सशस्त्र बलों, अर्धसैनिक बलों, पुलिस बलों, खुफिया एजेंसियों के सदस्यों के मूल अधिकारों को प्रतिबंधित या निराकृत कर सके ताकि उनके कर्तव्यों का समुचित निर्वहन और अनुशासन सुनिश्चित हो सके, और इस प्रकार की विधि बनाने की अनन्य शक्ति केवल राज्य के विधानमंडलों को प्राप्त है, संसद को नहीं। 4. आपातकाल के दौरान अनुच्छेद 20 (अपराधों के लिए दोषसिद्धि के संबंध में संरक्षण) और अनुच्छेद 21 (प्राण और दैहिक स्वतंत्रता का संरक्षण) द्वारा प्रदत्त मूल अधिकारों को राष्ट्रपति के आदेश द्वारा भी किसी भी परिस्थिति में निलंबित नहीं किया जा सकता है, जिसे 44वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1978 द्वारा सुनिश्चित किया गया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.