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Indian Polity
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संविधान सभा में महिला सदस्य?

Detailed Explanation

15 महिला सदस्य।
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→ भारतीय संविधान के अंतर्गत भारत के राष्ट्रपति की आपातकालीन शक्तियों तथा राष्ट्रपति शासन (अनुच्छेद 356) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 356 के अनुसार राष्ट्रपति को यह शक्ति प्राप्त है कि यदि वह राज्यपाल की रिपोर्ट पर या अन्यथा इस बात से संतुष्ट हो जाता है कि ऐसी स्थिति उत्पन्न हो गई है जिसमें किसी राज्य की सरकार संविधान के प्रावधानों के अनुसार नहीं चलाई जा सकती है, तो वह राज्य में राष्ट्रपति शासन की उद्घोषणा कर सकता है, तथा इस उद्घोषणा को संसद के दोनों सदनों द्वारा जारी होने की तारीख से दो महीने के भीतर अनुमोदित किया जाना अनिवार्य होता है। 2. 'एस.आर. बोम्बाई बनाम भारत संघ' (1994) वाद में उच्चतम न्यायालय द्वारा यह स्पष्ट किया गया कि राष्ट्रपति शासन की उद्घोषणा न्यायिक समीक्षा (Judicial Review) के दायरे से बाहर है और अदालतें इस बात की जांच नहीं कर सकती हैं कि राष्ट्रपति की संतुष्टि किस आधार पर आधारित थी। 3. अनुच्छेद 356 के तहत जारी राष्ट्रपति शासन की अधिकतम अवधि तीन वर्ष तक हो सकती है, किंतु एक वर्ष से आगे इसे बढ़ाने के लिए प्रत्येक छह महीने पर संसद की स्वीकृति की आवश्यकता होती है, और इसके साथ ही यह अनिवार्य शर्त है कि उस समय पूरे देश में या संबंधित राज्य के पूरे हिस्से में राष्ट्रीय आपातकाल (अनुच्छेद 352) लागू होना चाहिए या चुनाव आयोग द्वारा यह प्रमाणित किया जाना चाहिए कि राज्य में विधानसभा के चुनाव कराना तुरंत संभव नहीं है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? → भारतीय संविधान के प्रथम भाग के अंतर्गत 'संघ एवं उसके राज्य क्षेत्र' (अनुच्छेद 1-4) और राज्यों के पुनर्गठन से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 2 के अंतर्गत संसद को विधि द्वारा ऐसे निबंधनों और शर्तों पर, जो वह ठीक समझे, संघ में नए राज्यों का प्रवेश या उनकी स्थापना करने की शक्ति प्राप्त है, और इसके तहत किसी विदेशी अर्जित भू-भाग (Acquired Territory) को भारत में शामिल करने के लिए भी अनुच्छेद 368 के तहत संविधान संशोधन करना अनिवार्य होता है। 2. अनुच्छेद 3 के तहत संसद किसी राज्य के क्षेत्र को बढ़ाने या घटाने, उसके नाम या सीमा में परिवर्तन करने के लिए कोई विधेयक राष्ट्रपति की पूर्व सिफारिश के बिना संसद में पुनः स्थापित नहीं कर सकती है, तथा राष्ट्रपति द्वारा ऐसा विधेयक संबंधित राज्य के विधानमंडल के पास उसका विचार जानने के लिए भेजा जाना अनिवार्य है, किंतु राज्य विधानमंडल द्वारा व्यक्त किया गया विचार राष्ट्रपति या संसद पर किसी भी प्रकार से बाध्यकारी नहीं होता है। 3. 'बेरूबारी यूनियन वाद (1960)' में उच्चतम न्यायालय ने यह प्रतिपादित किया था कि भारतीय संघ के किसी भू-भाग को किसी विदेशी देश को सौंपने के लिए अनुच्छेद 3 के अंतर्गत साधारण बहुमत से कानून बनाना पर्याप्त है, और इसके लिए संविधान संशोधन की कोई आवश्यकता नहीं होती है। 4. 100वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2015 के माध्यम से भारत और बांग्लादेश के बीच कुछ भू-भागों की अदला-बदली (Land Boundary Agreement) की गई थी, जिसे लागू करने के लिए संविधान की पहली अनुसूची में संशोधन करना आवश्यक था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? → भारतीय संविधान के ऐतिहासिक विकास के क्रम में पारित 'चार्टर अधिनियम, 1833' (Charter Act of 1833) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इस अधिनियम द्वारा बंगाल के गवर्नर-जनरल को 'भारत का गवर्नर-जनरल' बना दिया गया, और इस पद पर आसीन होने वाले प्रथम व्यक्ति लॉर्ड विलियम बेंटिक थे, जिन्हें देश की नागरिक और सैन्य दोनों शक्तियाँ प्रदान की गईं। 2. इस एक्ट ने मद्रास और बंबई के गवर्नरों को उनकी विधाई शक्तियों से पूरी तरह वंचित कर दिया, और भारत के गवर्नर-जनरल को पूरे ब्रिटिश भारत के लिए विधाई अधिकार प्रदान किए गए। 3. इस अधिनियम के तहत कंपनी के व्यापारिक एकाधिकार को आंशिक रूप से समाप्त करते हुए इसे केवल चीन के साथ व्यापार और चाय के व्यापार तक सीमित कर दिया गया, तथा ईस्ट इंडिया कंपनी को पूरी तरह से एक प्रशासनिक और राजनीतिक निकाय बना दिया गया। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? → भारतीय संविधान के निर्माण और संविधान सभा की अंतरिम कार्यप्रणाली तथा उसकी समितियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान सभा के गठन के लिए हुए चुनावों में ब्रिटिश प्रांतों की 296 सीटों में से भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस को 208 सीटें और मुस्लिम लीग को 73 सीटें प्राप्त हुई थीं, जबकि देसी रियासतें (Princely States) शुरुआत में इस निर्वाचन प्रक्रिया से अलग रहीं क्योंकि उनके प्रतिनिधियों का चयन रियासतों के प्रमुखों द्वारा नामित किया जाना था न कि निर्वाचित होकर आना था। 2. संविधान सभा की कुल समितियों में संघीय संविधान समिति, प्रांतीय संविधान समिति और संचालन समिति जैसी प्रमुख समितियां शामिल थीं, जिनमें प्रांतीय संविधान समिति के अध्यक्ष सरदार वल्लभभाई पटेल थे, जबकि प्रक्रिया नियम समिति (Rules of Procedure Committee) के अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र प्रसाद थे। 3. संविधान सभा द्वारा कुल 11 सत्रों (Sessions) में कार्य किया गया, और संविधान के प्रारूप (Draft) पर विचार करने के लिए कुल 114 दिनों तक बहस चली, तथा 26 नवंबर 1949 को जब संविधान को अंगीकृत किया गया, उस समय संविधान सभा के कुल 299 उपस्थित सदस्यों में से 284 सदस्यों ने इस पर अपने हस्ताक्षर किए थे। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? → 91वें संविधान संशोधन के अनुसार, केंद्रीय मंत्रिपरिषद का आकार लोकसभा की कुल सदस्य संख्या के कितने प्रतिशत से अधिक नहीं हो सकता?
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