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BPSC TRE 4.0
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भारतीय संविधान के विभिन्न प्रावधानों और उनके ऐतिहासिक या भौगोलिक स्रोतों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. भारतीय संविधान में निहित 'राज्य के नीति निर्देशक तत्व' (Directive Principles of State Policy - DPSP) का विचार मुख्य रूप से आयरलैंड के संविधान से लिया गया है, जिसने स्वयं इसे स्पेन के संविधान से प्रेरणा लेकर अपनाया था, और संविधान के भाग IV में अनुच्छेद 36 से 51 तक इनका विस्तार है।
  2. 2. संविधान की आठवीं अनुसूची में मूल रूप से 14 भाषाएँ शामिल थीं, जिन्हें समय-समय पर विभिन्न संविधान संशोधनों (जैसे 21वें, 71वें और 92वें संशोधन) द्वारा बढ़ाया गया, और वर्तमान में इस अनुसूची में कुल 22 मान्यता प्राप्त भाषाएँ दर्ज हैं।
  3. 3. भारत में स्थानीय स्वशासन और नगरीकरण (Urbanization) को संवैधानिक दर्जा प्रदान करने के लिए 74वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 के द्वारा संविधान में 'भाग IX-क' जोड़ा गया, जिसके तहत संविधान में एक नई 'बारहवीं अनुसूची' जोड़ी गई जिसमें नगरपालिकाओं की प्रशासनिक शक्तियों और उत्तरदायित्वों से संबंधित कुल 18 कार्यात्मक विषय (Functional Items) सूचीबद्ध किए गए हैं।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?

Detailed Explanation

दिए गए सभी कथन पूर्णतः सत्य हैं। भारतीय संविधान के स्रोत, विभिन्न अनुच्छेद, अनुसूचियाँ और 74वें संविधान संशोधन के माध्यम से नगरीकरण/स्थानीय निकायों से जुड़े प्रावधान भारतीय राजव्यवस्था के सबसे महत्वपूर्ण हिस्से हैं। इस प्रकार के उच्च स्तरीय प्रश्नों का निरंतर अभ्यास करने के लिए आप बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट कर सकते हैं।
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जयप्रकाश नारायण (जेपी) के नेतृत्व में वर्ष 1974 के छात्र आंदोलन और 'संपूर्ण क्रांति' (Total Revolution) के ऐतिहासिक संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इस आंदोलन की शुरुआत जनवरी 1974 में गुजरात के छात्रों द्वारा बढ़ती कीमतों और भ्रष्टाचार के खिलाफ शुरू किए गए 'नवनिर्माण आंदोलन' के बाद बिहार में हुई, जहाँ मार्च 1974 में 'बिहार छात्र संघर्ष समिति' का गठन किया गया और छात्रों ने जयप्रकाश नारायण से इस आंदोलन का नेतृत्व संभालने का अनुरोध किया था। 2. जयप्रकाश नारायण ने 5 जून 1974 को पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और शिक्षा प्रणाली में सुधार के साथ-साथ सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिवर्तन के लिए 'संपूर्ण क्रांति' का आह्वान किया था। 3. जेपी आंदोलन के दौरान ही तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा आपातकाल (Emergency) की घोषणा किए जाने के बाद जयप्रकाश नारायण को गिरफ्तार कर लिया गया था, और उनके नेतृत्व में गठित जनता पार्टी ने वर्ष 1977 के आम चुनावों में भारी जीत हासिल कर केंद्र में पहली बार गैर-कांग्रेस सरकार बनाई थी। 4. इस आंदोलन में केवल छात्र और युवा ही शामिल थे, और इसमें समाजवादी, कम्युनिस्ट (CPI) तथा उस समय की सभी वामपंथी पार्टियों ने इस छात्र आंदोलन और जेपी के नेतृत्व का पूर्ण और एकीकृत समर्थन किया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं? मुख्यमंत्री भारत दर्शन योजना के संबंध में कौन से कथन सही हैं? भौतिकी के विविध और अंतःविषय सिद्धांतों (जैसे तरंग-कण द्वैत, थर्मोडायनेमिक्स के नियम, और आधुनिक भौतिकी के अनुप्रयोग) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. डी ब्रॉglie (De Broglie) की परिकल्पना के अनुसार, प्रत्येक गतिमान द्रव्य कण के साथ एक तरंग जुड़ी होती है, जिसकी तरंगदैर्ध्य कण के संवेग के व्युत्क्रमानुपाती होती है, और यह तरंग प्रकृति केवल सूक्ष्म कणों (जैसे इलेक्ट्रॉन) तक सीमित है, स्थूल (Macroscopic) वस्तुओं पर लागू नहीं होती क्योंकि उनका द्रव्यमान बहुत अधिक होने के कारण तरंगदैर्ध्य नगण्य हो जाती है। 2. ऊष्मागतिकी का शून्यवाँ नियम (Zeroth Law of Thermodynamics) ताप माप की संकल्पना को स्पष्ट करता है, जिसके अनुसार यदि दो निकाय किसी तीसरे निकाय के साथ अलग-अलग थर्मल संतुलन में हैं, तो वे आपस में भी थर्मल संतुलन में होंगे। 3. रमन प्रभाव (Raman Effect) के अंतर्गत जब प्रकाश किसी पारदर्शी माध्यम ( ठोस, द्रव या गैस ) से गुजरता है, तो प्रकीर्णित प्रकाश में आपतित प्रकाश की मूल आवृत्ति के साथ-साथ कुछ ऐसी नई आवृत्तियाँ भी पाई जाती हैं जो ऊर्जा स्तरों में परिवर्तन के कारण होती हैं, और इसमें प्रकीर्णित प्रकाश की तरंगदैर्ध्य में परिवर्तन को 'रमन शिफ्ट' कहा जाता है। 4. अतिचालकता (Superconductivity) की स्थिति में किसी पदार्थ का विद्युत प्रतिरोध शून्य हो जाता है और वह पूर्ण चुंबकत्व विरोधी गुण (Meissner Effect) प्रदर्शित करता है, जिसके तहत पदार्थ के भीतर चुंबकीय क्षेत्र शून्य हो जाता है और यह घटना केवल उच्च तापमान पर ही संभव है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं? ऊष्मा, तापमान और ऊष्मागतिकी के विभिन्न नियमों तथा प्रक्रमों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. ऊष्मागतिकी का शून्यवाँ नियम (Zeroth Law of Thermodynamics) 'तापमान' की अवधारणा को परिभाषित करता है, जिसके अनुसार यदि दो निकाय किसी तीसरे निकाय के साथ अलग-अलग तापीय साम्य (Thermal Equilibrium) में हैं, तो वे आपस में भी तापीय साम्य में होंगे। 2. जब किसी द्रव को गर्म किया जाता है, तो उसका आभासी प्रसार गुणांक (Apparent Coefficient of Expansion) हमेशा उसके वास्तविक प्रसार गुणांक (Real Coefficient of Expansion) से अधिक होता है, क्योंकि इसमें बर्तन के प्रसार को भी शामिल किया जाता है। 3. ऊष्मागतिकी का प्रथम नियम ऊर्जा संरक्षण के नियम का ही एक रूप है, जिसके अनुसार किसी निकाय को दी जाने वाली ऊष्मा (ΔQ) निकाय की आंतरिक ऊर्जा में परिवर्तन (ΔU) और निकाय द्वारा किए गए कार्य (ΔW) के योग के बराबर होती है (ΔQ = ΔU + ΔW)। 4. पानी का घनत्व 4°C पर अधिकतम होता है, और जब 0°C के पानी को गर्म किया जाता है, तो 0°C से 4°C के तापमान के बीच वह सामान्य पदार्थों की तरह प्रसार करने के बजाय सिकुड़ता है, जिसे पानी का 'व्यतिक्रम प्रसार' (Anomalous Expansion) कहा जाता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं? पृथ्वी के अक्षीय झुकाव और मौसमी परिवर्तनों के प्रभाव के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन गलत है?
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