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BPSC TRE 4.0
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आधुनिक भारतीय इतिहास के संदर्भ में, वर्ष 1919 में पारित 'रॉलेट अधिनियम' (Rowlatt Act) और उसके विरोध में हुए घटनाक्रम के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. इस अधिनियम के तहत ब्रिटिश सरकार को बिना किसी वारंट के किसी भी संदिग्ध व्यक्ति को गिरफ्तार करने और बिना किसी मुकदमे के लंबे समय तक जेल में रखने का असीमित अधिकार मिल गया था, जिसे राष्ट्रवादियों ने 'नो वकील, नो अपील, नो दलील' का कानून कहा था।
  2. 2. महात्मा गांधी ने रॉलेट अधिनियम के विरुद्ध 6 अप्रैल 1919 को देशव्यापी 'रॉलेट सत्याग्रह' के तहत हड़ताल, उपवास और जुलूस निकालने का आह्वान किया था, जो इस आंदोलन का पहला अखिल भारतीय संघर्ष साबित हुआ।
  3. 3. पंजाब के अमृतसर में 13 अप्रैल 1919 को बैसाखी के दिन जलियांवाला बाग में शांतिपूर्ण सभा कर रहे निहत्थे लोगों पर जनरल डायर द्वारा गोली चलवाने की क्रूर घटना हुई, जिसके विरोध में रविंद्रनाथ टैगोर ने अपनी 'नाइटहुड' (Knighthood) की उपाधि ब्रिटिश सरकार को वापस कर दी थी।
  4. 4. जलियांवाला बाग हत्याकांड की जाँच के लिए ब्रिटिश सरकार द्वारा 'हंटर कमेटी' का गठन किया गया था, जिसने जनरल डायर के कृत्यों की खुली निंदा करते हुए उसे दोषी ठहराया और उसे तुरंत मृत्युदंड की सिफारिश की थी।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1, 2 और 3 पूर्णतः सत्य हैं। रॉलेट अधिनियम (Rowlatt Act, 1919) के तहत पुलिस को किसी भी व्यक्ति को बिना वारंट गिरफ्तार करने की शक्ति मिली थी, जिसके कारण इसे 'बिना वकील, बिना अपील, बिना दलील' का कानून कहा गया। इसके विरोध में गांधी जी ने 6 अप्रैल 1919 को देशव्यापी हड़ताल और सत्याग्रह का आयोजन किया। 13 अप्रैल 1919 को अमृतसर के जलियांवाला बाग में डॉक्टर सैफुद्दीन किचलू और सत्यपाल की गिरफ्तारी के विरोध में हो रही शांतिपूर्ण सभा पर जनरल डायर ने गोली चलवाई। इस नरसंहार से क्षुब्ध होकर रबीन्द्रनाथ टैगोर ने अपनी 'नाइटहुड' की उपाधि वापस कर दी थी। किंतु कथन 4 असत्य है क्योंकि हंटर कमेटी (Disorders Inquiry Committee) ने जनरल डायर के कृत्यों की आलोचना तो की थी, लेकिन उसे कोई कठोर दंडात्मक सजा या मृत्युदंड नहीं दिया, बल्कि उसे ब्रिटिश सरकार द्वारा केवल नौकरी से बर्खास्त किया गया था और ब्रिटेन में उसका सम्मान भी किया गया था। इस प्रकार के महत्वपूर्ण प्रश्नों के अभ्यास के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
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