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BPSC TRE 4.0
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आधुनिक भारत के इतिहास के संदर्भ में, वर्ष 1928 में गठित 'नेहरू रिपोर्ट' (Nehru Report) और उससे संबंधित राजनीतिक घटनाक्रम के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. साइमन कमीशन की इस चुनौती के उत्तर में कि भारतीय स्वयं एक सर्वसम्मत संविधान का मसौदा तैयार नहीं कर सकते, फरवरी 1928 में ऑल पार्टीज कॉन्फ्रेंस द्वारा मोतीलाल नेहरू की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया, जिसने अपनी रिपोर्ट में भारत के लिए 'डोमिनियन स्टेटस' (औपनिवेशिक स्वराज्य) की मांग की थी।
- 2. नेहरू रिपोर्ट में पहली बार देश के अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा के लिए मौलिक अधिकारों (Fundamental Rights) को शामिल करने का प्रस्ताव रखा गया था, साथ ही केंद्र में द्वि-सदनीय विधायिका तथा उत्तरदायी शासन की स्थापना की संस्तुति की गई थी।
- 3. रिपोर्ट में सांप्रदायिक प्रतिनिधित्व के मुद्दे पर मुस्लिम बहुसंख्यक प्रांतों में पृथक निर्वाचक मंडलों की व्यवस्था को पूरी तरह से स्वीकार कर लिया गया था, जिससे जिन्ना और अन्य मुस्लिम नेताओं ने इसका पूर्ण समर्थन किया।
- 4. इस रिपोर्ट के प्रावधानों से असंतुष्ट होकर युवा राष्ट्रवादियों (जैसे जवाहरलाल नेहरू और सुभाष चंद्र बोस) ने 'इंडेपिंडेंट फॉर इंडिया लीग' (Independence for India League) की स्थापना की, क्योंकि वे डोमिनियन स्टेटस के बजाय 'पूर्ण स्वराज' से कम कुछ भी स्वीकार करने को तैयार नहीं थे।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1, 2 और 4 पूर्णतः सत्य हैं। वर्ष 1927 में साइमन कमीशन के बहिष्कार के बाद ब्रिटिश सचिव लॉर्ड बर्कहेड ने भारतीयों को चुनौती दी थी कि वे एक सर्वसम्मत संविधान बनाकर दिखाएं। इस चुनौती को स्वीकार करते हुए फरवरी 1928 में सर्वदलीय सम्मेलन ने मोतीलाल नेहरू की अध्यक्षता में समिति बनाई जिसने 'डोमिनियन स्टेटस' की मांग की। इस रिपोर्ट में देश के नागरिकों के लिए मौलिक अधिकारों की पहली बार वकालत की गई थी। नेहरू रिपोर्ट में पृथक निर्वाचक मंडलों को अस्वीकार कर दिया गया था और संयुक्त निर्वाचन क्षेत्रों में अल्पसंख्यकों के लिए केवल जनसंख्या के आधार पर स्थानों के आरक्षण की बात कही गई थी, जिसके कारण जिन्ना ने इसका कड़ा विरोध किया और अपने 'चौदह सूत्रीय मांग' पेश किए। इसलिए कथन 3 असत्य है। डोमिनियन स्टेटस की मांग से युवा नेता (जवाहरलाल नेहरू और सुभाष चंद्र बोस) संतुष्ट नहीं थे और उन्होंने 'पूर्ण स्वराज' की मांग के लिए 'इंडेपिंडेंट फॉर इंडिया लीग' बनाई। ऐसी उच्चस्तरीय तैयारी के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
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जयप्रकाश नारायण (जेपी) और 1974 के छात्र आंदोलन (बिहार आंदोलन) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. इस आंदोलन की शुरुआत मार्च 1974 में छात्रों द्वारा बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, खाद्यान्न संकट और प्रशासनिक भ्रष्टाचार के विरोध में 'बिहार छात्र संघर्ष समिति' के बैनर तले की गई थी।
2. जयप्रकाश नारायण ने इस आंदोलन का नेतृत्व इस शर्त पर स्वीकार किया था कि आंदोलन पूरी तरह से अहिंसक रहेगा और इसका दायरा केवल बिहार तक सीमित न रहकर 'सम्पूर्ण क्रांति' (Total Revolution) के रूप में पूरे देश में सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक बदलाव के लिए होगा।
3. 5 जून 1974 को पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में जयप्रकाश नारायण की अध्यक्षता और विशाल जनसमूह की उपस्थिति में 'सम्पूर्ण क्रांति' का आह्वान किया गया, तथा इसी दौरान इंदिरा गांधी सरकार के विरुद्ध संसद मार्च का भी आयोजन किया गया था।
4. जेपी आंदोलन के परिणामस्वरूप ही वर्ष 1977 में केंद्र में पहली बार किसी गैर-कांग्रेस सरकार (जनता पार्टी) का गठन हुआ था, और मोरारजी देसाई देश के पहले गैर-कांग्रेसी प्रधानमंत्री बने थे।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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यदि राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति दोनों अनुपस्थित हैं, तो कार्यों की जिम्मेदारी कौन लेगा?
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1857 के विद्रोह का एक प्रमुख आर्थिक कारण क्या था?
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कार्बनिक रसायन (Organic Chemistry) के अंतर्गत समावयवता (Isomerism) तथा क्रियात्मक समूहों की रासायनिक प्रतिक्रियाओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. समवयवी (Isomers) वे यौगिक होते हैं जिनके आणविक सूत्र (Molecular Formula) समान होते हैं, परंतु उनके भौतिक या रासायनिक गुण भिन्न होते हैं क्योंकि उनकी संरचनात्मक व्यवस्था या त्रिविम विन्यास (Spatial Arrangement) अलग-अलग होता है।
2. 'शृंखला समावयवता' (Chain Isomerism) उस स्थिति में उत्पन्न होती है जब यौगिकों के आणविक सूत्र समान होते हैं लेकिन कार्बन श्रृंखला की मुख्य शाखा या कंकाल (Carbon Skeleton) की संरचना भिन्न होती है, जैसे ब्यूटेन और आइसोब्यूटेन।
3. ज्यामितीय समावयवता (Geometrical Isomerism), जो कि त्रिविम समावयवता का एक प्रकार है, मुख्य रूप से कार्बन-कार्बन एकल बंध (Single Bond) वाले यौगिकों में पाई जाती है क्योंकि एकल बंध के परितः मुक्त घوران (Free Rotation) पूरी तरह से प्रतिबंधित होता है।
4. ऐल्कोहॉल और ईथर एक-दूसरे के 'क्रियात्मक समूह समावयवी' (Functional Group Isomers) का उत्कृष्ट उदाहरण हैं, क्योंकि दोनों का सामान्य आणविक सूत्र समान हो सकता है लेकिन उनके क्रियात्मक समूह क्रमशः हाइड्रॉक्सिल (-OH) और ईथर (-O-) भिन्न होते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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‘‘भारत का प्रारंभिक इतिहास’’ पुस्तक के लेखक कौन हैं?
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