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BPSC TRE 4.0
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मानव शरीर के तंत्र (Human Body Systems) और उनके कार्यों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. मानव पाचन तंत्र में यकृत (Liver) शरीर की सबसे बड़ी ग्रंथि है, जो पित्त (Bile) का स्राव करती है। पित्त में किसी भी प्रकार का पाचक एंजाइम नहीं होता है, किंतु यह वसा के पाइसीकरण (Emulsification) और आंत के माध्यम को क्षारीय बनाने में सहायता करता है।
- 2. मानव परिसंचरण तंत्र में रक्त परिसंचरण की 'दोहरे परिसंचरण' (Double Circulation) प्रणाली पाई जाती है, जिसके तहत अशुद्ध रक्त दाएँ आलिंद से दाएँ निलय में जाता है और वहाँ से फुफ्फुसीय धमनी (Pulmonary Artery) द्वारा शुद्धिकरण के लिए फेफड़ों में भेजा जाता है।
- 3. मानव श्वसन तंत्र में गैसों का विनिमय मुख्य रूप से फेफड़ों की सूक्ष्मतम इकाइयों यानी 'कूपिकाओं' (Alveoli) की भित्तियों में विसरण (Diffusion) प्रक्रिया द्वारा होता है, जहाँ ऑक्सीजन रक्त की हीमोग्लोबिन के साथ मिलकर ऑक्सीहीमोग्लोबिन का निर्माण करती है।
- 4. मानव तंत्रिका तंत्र (Nervous System) की संरचनात्मक और कार्यात्मक इकाई 'नेफ्रॉन' (Nephron) है, जो मस्तिष्क और मेरुरज्जु के माध्यम से पूरे शरीर में विद्युत-रासायनिक आवेगों का संचालन और नियंत्रण करती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
मानव शरीर के तंत्र के संदर्भ में कथन 1, 2 और 3 पूर्णतः सत्य हैं। कथन 4 असत्य है क्योंकि मानव तंत्रिका तंत्र की संरचनात्मक और कार्यात्मक इकाई 'न्यूरॉन' (Neuron) है, जबकि 'नेफ्रॉन' (Nephron) मानव उत्सर्जन तंत्र यानी वृक्क (Kidney) की कार्यात्मक इकाई है। BPSC TRE परीक्षा के लिए इस प्रकार के विश्लेषणात्मक प्रश्न अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। आप बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा के पोर्टल पर जाकर और भी उच्चस्तरीय अध्ययन सामग्री प्राप्त कर सकते हैं।
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बिहार की जनगणना 2011 और राज्य में नगरीकरण की स्थिति के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बिहार की कुल जनसंख्या में शहरी जनसंख्या का प्रतिशत मात्र 11.29% है, जो इसे भारत के सबसे कम नगरीकृत राज्यों की श्रेणी में रखता है, और राष्ट्रीय स्तर पर यह ग्रामीण जनसंख्या के मामले में शीर्ष राज्यों में से एक है।
2. वर्ष 2001 से 2011 के दशक के दौरान राज्य में शहरीकरण की वार्षिक वृद्धि दर में तेजी आई, जिसके परिणामस्वरूप 2011 की जनगणना के अनुसार बिहार में कुल वैधानिक नगरों (Statutory Towns) की संख्या बढ़कर 199 हो गई।
3. राज्य के जिलों में पटना जिला सर्वाधिक नगरीकृत जिला है, जहाँ की कुल जनसंख्या का लगभग 43.07% हिस्सा शहरी क्षेत्रों में निवास करता है, जबकि समस्तीपुर जिला सबसे कम नगरीकृत जिला है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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पादप आकारिकी और पौधों में जनन (Plant Morphology and Reproduction) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. आवृतबीजी (Angiosperms) पौधों में दोहरा निषेचन (Double Fertilization) पाया जाता है, जिसकी खोज एस.जी. नवास्चिन ने की थी; इसमें एक नर युग्मक अंडे की कोशिका से संलयन कर युग्मनज बनाता है, जबकि दूसरा नर युग्मक द्वितीयक केंद्रक से संलयन कर त्रिगुणित प्राथमिक भ्रूणपोष केंद्रक (Primary Endosperm Nucleus) का निर्माण करता है।
2. पुष्प एक रूपांतरित प्ररोह (Modified Shoot) है, जिसमें संघनन के कारण अंतरपर्व (Internodes) छोटे हो जाते हैं और पर्वसंधियों (Nodes) पर विभिन्न पुष्पीय अंग चक्रीय रूप से व्यवस्थित होते हैं।
3. ब्रायोफाइट्स और टेरिडोफाइट्स को 'पादप जगत का उभयचर' कहा जाता है, क्योंकि ये पौधे जल और थल दोनों स्थानों पर उग सकते हैं, तथा इनमें निषेचन की प्रक्रिया के लिए जल की कोई आवश्यकता नहीं होती है।
4. आलू, अदरक और अरबी जैसे रूपांतरित तने वानस्पतिक जनन के प्रमुख माध्यम हैं, जिनमें क्रमशः आँख (Eyes), प्रकंद (Rhizome) और घनकंद (Corm) पाए जाते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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प्रथम दिल्ली दरबार का आयोजन कब हुआ था?
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19वीं शताब्दी में भारत में हुए सामाजिक एवं धार्मिक सुधार आंदोलनों तथा उनके संस्थापकों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. राजा राममोहन राय द्वारा स्थापित 'आत्मीय सभा' (1815) और बाद में 'ब्रह्म समाज' (1828) ने मूर्तिपूजा, बहुदेववाद, पुरोहितवाद और सती प्रथा जैसी कुप्रथाओं का कड़ा विरोध किया तथा एकेश्वरवाद और तार्किक वेदांत दर्शन का समर्थन किया।
2. स्वामी दयानंद सरस्वती द्वारा वर्ष 1875 में स्थापित 'आर्य समाज' ने 'वेदों की ओर लौटो' का नारा दिया और वेदों को अपौरुषेय तथा अज्ञानता का नाश करने वाला स्रोत माना, किंतु उन्होंने मूर्तिपूजा और जन्मना जाति व्यवस्था का समर्थन किया।
3. ज्योतिराव फुले द्वारा वर्ष 1873 में स्थापित 'सत्यशोधक समाज' का मुख्य उद्देश्य शूद्रों और अति-शूद्रों (निम्न जातियों) को ब्राह्मणवादी वर्चस्व और धार्मिक पाखंडों से मुक्त कराना तथा शिक्षा के माध्यम से उनका सामाजिक सशक्तिकरण करना था।
4. ईश्वर चंद्र विद्यासागर के अथक प्रयासों के कारण वर्ष 1856 में ब्रिटिश सरकार द्वारा 'हिंदू विधवा पुनर्विवाह अधिनियम' (Act XV of 1856) पारित किया गया, जिसने कानूनी रूप से विधवाओं के पुनर्विवाह को मान्यता प्रदान की।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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भारत के राष्ट्रपति की पहली महिला एडीसी (Aide-de-Camp) कौन बनी हैं?
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