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BPSC TRE 4.0
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सविनय अवज्ञा आंदोलन, गांधी-इरविन समझौते और गोलमेज सम्मेलनों के ऐतिहासिक घटनाक्रम के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. वर्ष 1930 में प्रारंभ हुए सविनय अवज्ञा आंदोलन की पृष्ठभूमि में गांधीजी की 11 सूत्री मांगों को वायसराय लॉर्ड इरविन द्वारा ठुकराए जाने के बाद, साबरमती आश्रम से दांडी तक की ऐतिहासिक पदयात्रा के साथ इस आंदोलन की शुरुआत हुई थी।
- 2. 5 मार्च 1931 को हस्ताक्षरित 'गांधी-इरविन समझौते' के तहत ब्रिटिश सरकार ने सविनय अवज्ञा आंदोलन के दौरान गिरफ्तार किए गए सभी राजनीतिक कैदियों (हिंसा के आरोपी सहित) को तत्काल रिहा करने और पुलिस की ज्यादतियों की सार्वजनिक जांच कराने की शर्त को पूर्णतः स्वीकार कर लिया था।
- 3. कांग्रेस की ओर से केवल द्वितीय गोलमेज सम्मेलन (1931) में महात्मा गांधी ने एकमात्र आधिकारिक प्रतिनिधि के रूप में भाग लिया था, लेकिन यह सम्मेलन सांप्रदायिक प्रतिनिधित्व के विवाद और दलितों के पृथक निर्वाचक मंडल के मुद्दे पर बिना किसी ठोस समझौते के असफल हो गया था।
- 4. वर्ष 1932 में आयोजित तृतीय गोलमेज सम्मेलन का भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने पूर्ण बहिष्कार किया था, क्योंकि इस समय तक देश में सरकार द्वारा पुनः दमन चक्र शुरू कर दिया गया था और गांधीजी सहित अधिकांश प्रमुख कांग्रेसी नेता गिरफ्तार कर लिए गए थे।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1, 3 और 4 पूर्णतः सत्य हैं। कथन 2 असत्य है क्योंकि गांधी-इरविन समझौते (5 मार्च 1931) के तहत ब्रिटिश सरकार ने उन राजनीतिक कैदियों को रिहा करने पर सहमति दी थी जिन पर हिंसा के गंभीर आरोप नहीं थे, लेकिन सरकार ने पुलिस की ज्यादतियों की सार्वजनिक जांच की मांग को स्पष्ट रूप से ठुकरा दिया था। इस प्रकार के महत्वपूर्ण ऐतिहासिक प्रश्नों और संपूर्ण पाठ्यक्रम के अध्ययन के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
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छठी शताब्दी ईसा पूर्व के 'सोलह महाजनपदों' की राजनीतिक व्यवस्था, भौगोलिक अवस्थिति और बौद्ध तथा जैन ग्रंथों में उनके उल्लेख के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. अंगुत्तर निकाय (बौद्ध ग्रंथ) और भगवती सूत्र (जैन ग्रंथ) दोनों में स्पष्ट रूप से 'सोलह महाजनपदों' की एक समान सूची मिलती है, जिनमें उत्तर भारत में विकसित होने वाले शक्तिशाली राजतंत्रों और गणराज्यों का विस्तृत विवरण प्राप्त होता है।
2. वज्जी महाजनपद आठ कुलों (अट्ठकुल) का एक प्रसिद्ध संघ था, जिसमें लिच्छवि, विदेह और ज्ञात्रिक सबसे प्रमुख कुल थे, और इसकी राजधानी वैशाली प्राचीन विश्व के पहले गणतंत्रात्मक शासन प्रणाली का एक उत्कृष्ट उदाहरण मानी जाती है।
3. गोदावरी नदी के तट पर स्थित 'अश्मक' (अस्मक) एकमात्र ऐसा महाजनपद था जो विंध्य पर्वत के दक्षिण (दक्षिण भारत) में स्थित था, जिसकी राजधानी पोटली या पोतन थी, और इसका उल्लेख प्राचीन ग्रंथ 'मार्कण्डेय पुराण' एवं महाभारत में भी मिलता है।
4. अवंती महाजनपद दो भागों में विभाजित था — उत्तरी अवंती जिसकी राजधानी उज्जैनी थी और दक्षिणी अवंती जिसकी राजधानी महिष्मती थी, तथा इन दोनों के बीच से 'बेतवा' (वतीमती) नदी बहती थी जो इन दोनों नगरों को प्राकृतिक रूप से अलग करती थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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लाहौर अधिवेशन कब हुआ?
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ब्रिटिश भारत के गवर्नर जनरलों और वायसराय के कार्यकाल में घटित ऐतिहासिक घटनाओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. लॉर्ड विलियम बेंटिक के कार्यकाल में वर्ष 1833 का चार्टर अधिनियम पारित किया गया, जिसके तहत बंगाल के गवर्नर जनरल को 'भारत का गवर्नर जनरल' बना दिया गया और देश में कानून निर्माण के केंद्रीयकरण की शुरुआत हुई।
2. लॉर्ड डलहौजी के शासनकाल में 'व्यपगत का सिद्धांत' (Doctrine of Lapse) के अंतर्गत सर्वप्रथम सतारा रियासत को ब्रिटिश साम्राज्य में मिलाया गया, तथा इसी के कार्यकाल में शिमला को ब्रिटिश भारत की ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाया गया और पहली बार सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) की स्थापना की गई।
3. लॉर्ड लिटन के कार्यकाल में वर्नाक्यूलर प्रेस एक्ट (1878) और आर्म्स एक्ट (1878) पारित किए गए, तथा इसी के समय में द्वितीय आंग्ल-अफ़गान युद्ध लड़ा गया और दिल्ली में भव्य 'दिल्ली दरबार' का आयोजन कर क्वीन विक्टोरिया को 'कैसरे-हिंद' की उपाधि से सम्मानित किया गया।
4. लॉर्ड कर्ज़न द्वारा वर्ष 1905 में बंगाल विभाजन की घोषणा की गई, जिसके विरोध में स्वदेशी आंदोलन शुरू हुआ, और इसी के कार्यकाल में भारतीय विश्वविद्यालय अधिनियम (1904) तथा प्राचीन स्मारक संरक्षण अधिनियम पारित किए गए।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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बिहार की खेलकूद, खेल प्रतिभाओं और राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर राज्य के खिलाड़ियों की उपलब्धियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. टोक्यो पैरालम्पिक 2020 में बैडमिंटन स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने वाले प्रमोद भगत का संबंध बिहार के वैशाली जिले से है, जिन्होंने विकलांग श्रेणी SL3 में ऐतिहासिक सफलता प्राप्त की थी।
2. ईशान किशन, जो अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे तेज दोहरा शतक लगाने वाले खिलाड़ियों में शामिल हैं, उनका मूल निवास बिहार के पटना जिले से है, और उन्होंने अपने घरेलू क्रिकेट की शुरुआत झारखंड की ओर से की थी।
3. बिहार सरकार द्वारा खेल संस्कृति को बढ़ावा देने और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए 'बिहार राज्य खेल प्राधिकरण' के माध्यम से 'पद्मश्री मेधावी छात्र एवं खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना' और 'मेडल लाओ, नौकरी पाओ' नीति का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है।
4. रग्बी खेल में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करने वाली बिहार की महिला खिलाड़ियों (विशेषकर पश्चिमी चंपारण और पटना क्षेत्र की बालिकाओं) ने सब-जूनियर और जूनियर राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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लोक सभा का सदस्य चुने जाने के लिए एक व्यक्ति को किस आयु से कम का नहीं होना चाहिए?
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