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BPSC TRE 4.0
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केपलर के ग्रहों की गति के नियमों और गुरुत्वाकर्षण के सार्वत्रिक नियम के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. केपलर का द्वितीय नियम (क्षेत्रीय चाल का नियम) इस तथ्य पर आधारित है कि केंद्रीय बलों के अंतर्गत गति करते समय कोणीय संवेग (Angular Momentum) संरक्षित रहता है, जिसके अनुसार ग्रह सूर्य को मिलाने वाली रेखा समान समय में समान क्षेत्रफल तय करती है।
  2. 2. यदि पृथ्वी और सूर्य के बीच की वर्तमान दूरी अचानक घटकर अपनी मूल दूरी की आधी रह जाती है, तो पृथ्वी का एक वर्ष (परिक्रमण काल) घटकर मूल वर्ष का लगभग 35.35 प्रतिशत रह जाएगा।
  3. 3. गुरुत्वाकर्षण का सार्वत्रिक नियम द्रव्यमान के केंद्र पर आधारित है, और दो बिंदु द्रव्यमानों के मध्य लगने वाला गुरुत्वाकर्षण बल उनके बीच के माध्यम की प्रकृति तथा तापमान पर निर्भर करता है।
  4. 4. किसी कृत्रिम उपग्रह के अंदर स्थित अंतरिक्ष यात्री को भारहीनता (Weightlessness) का अनुभव इसलिए होता है क्योंकि उपग्रह पर लगने वाला गुरुत्वाकर्षण बल शून्य हो जाता है और उपग्रह पृथ्वी के चारों ओर एक मुक्त पतन (Free Fall) की स्थिति में होता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सत्य है क्योंकि केपलर का द्वितीय नियम कोणीय संवेग संरक्षण के नियम का प्रत्यक्ष परिणाम है। कथन 2 सत्य है क्योंकि केपलर के तृतीय नियम ($T^2 \propto R^3$) के अनुसार, यदि दूरी $R$ आधी हो जाए, तो नया आवर्तकाल $T' = (1/2)^{3/2} T \approx 0.3535 T$ यानी 35.35% हो जाएगा। कथन 3 असत्य है क्योंकि गुरुत्वाकर्षण बल माध्यम की प्रकृति पर निर्भर नहीं करता। कथन 4 असत्य है क्योंकि अंतरिक्ष यात्री की भारहीनता का कारण गुरुत्वाकर्षण बल का शून्य होना नहीं, बल्कि उपग्रह का पृथ्वी के केंद्र की ओर निरंतर मुक्त पतन (Free fall) की स्थिति में होना है। इस तरह की उच्च स्तरीय तैयारी के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा के अध्ययन सामग्री का उपयोग करें।
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