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BPSC TRE 4.0
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भारत में क्रांतिकारी गतिविधियों के प्रथम चरण (विशेषकर बंगाल और महाराष्ट्र) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. वर्ष 1899 में दामोदर चापेकर और उनके भाइयों द्वारा पुणे में स्थापित 'स्पर्श समाज' (Society for the Removal of Obstacles to Hindu Religion) का मुख्य उद्देश्य चापेकर बन्धुओं द्वारा ब्रिटिश प्लेग कमिश्नर रैंड और आयर्स्ट की हत्या के लिए वैचारिक पृष्ठभूमि तैयार करना था, जबकि चापेकर बन्धुओं को इस कृत्य के लिए फांसी की सजा दी गई थी।
  2. 2. वर्ष 1902 में कलकत्ता में अनुशीलन समिति की स्थापना प्रमथनाथ मित्रा द्वारा की गई थी, जिसमें जतिन्द्रनाथ बनर्जी और बारिन घोष जैसे क्रांतिकारी भी शामिल थे, और इस गुप्त संस्था का मुख्य उद्देश्य शक्ति की उपासना के माध्यम से ब्रिटिश शासन के विरुद्ध सशस्त्र विद्रोह की तैयारी करना था।
  3. 3. वर्ष 1904 में विनायक दामोदर सावरकर (वी.डी. सावरकर) द्वारा स्थापित 'मित्र मेला' को ही बाद में 'अभिनव भारत सोसाइटी' के रूप में पुनर्गठित किया गया, जो मैजिनी के 'यंग इटली' संगठन के तर्ज पर स्थापित एक गुप्त क्रांतिकारी संगठन था।
  4. 4. कलकत्ता के मंचित अखबार 'युगांतर' के माध्यम से बारिन घोष और भूपेंद्रनाथ दत्त ने खुलेआम क्रांतिकारी हिंसा और ब्रिटिश विरोधी भावनाओं का प्रचार किया, तथा वर्ष 1908 में मुजफ्फरपुर बम कांड (किंग्सफोर्ड की हत्या का प्रयास) को इसी अनुशीलन समिति से जुड़े खुदीराम बोस और प्रफुल्ल चाकी द्वारा अंजाम दिया गया था।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 असत्य है, क्योंकि चापेकर बंधुओं (दामोदर, बालकृष्ण और वासुदेव) ने जिस गुप्त संगठन की स्थापना की थी उसका नाम 'व्यायाम मंडल' था, न कि 'स्पर्श समाज'। उन्होंने पुणे में प्लेग कमिश्नर रैंड और लेफ्टिनेंट आयर्स्ट की हत्या जून 1897 में की थी जो भारत में पहली राजनीतिक हत्याओं में से एक थी। अन्य सभी कथन (2, 3 और 4) पूर्णतः सत्य हैं। बंगाल और महाराष्ट्र में क्रांतिकारी आंदोलन के उत्थान से जुड़े ऐसे महत्वपूर्ण तथ्यों और गहन विश्लेषणात्मक प्रश्नों के अभ्यास के लिए आप बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट कर सकते हैं।
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