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BPSC TRE 4.0
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मानव शरीर में उत्पन्न होने वाले विभिन्न विकारों, उनके संचरण माध्यमों और उनके विशिष्ट उपचार अथवा निदान के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. एलिसा (ELISA) परीक्षण का उपयोग मुख्य रूप से एचआईवी (HIV) संक्रमण का पता लगाने के लिए किया जाता है, जो एंटीबॉडी आधारित एक स्क्रीनिंग तकनीक है, जबकि वेस्टर्न ब्लॉट (Western Blot) परीक्षण इसका पुष्टिकरण (Confirmatory) परीक्षण माना जाता है।
  2. 2. बीसीजी (BCG - Bacillus Calmette-Guérin) टीका नवजात शिशुओं को क्षय रोग (Tuberculosis) से सुरक्षा प्रदान करने के लिए लगाया जाता है, और यह एक जीवित क्षीणित (Live-attenuated) जीवाणु वैक्सीन है।
  3. 3. टाइप-1 मधुमेह (Type-1 Diabetes) एक ऑटोइम्यून विकार है, जिसमें अग्नाशय की लैंगरहैंस द्वीपिकाओं की बीटा कोशिकाएं नष्ट हो जाती हैं जिसके परिणामस्वरूप इंसुलिन का उत्पादन पूरी तरह बंद हो जाता है, और इसके उपचार के लिए नियमित इंसुलिन इंजेक्शन अनिवार्य होते हैं।
  4. 4. मलेरिया परजीवी (प्लाज्डियम वाइवैक्स या फाल्ciparum) के जीवन चक्र में मानव शरीर प्राथमिक पोषक (Primary host) होता है जिसमें उसका लैंगिक प्रजनन होता है, जबकि मादा एनोफिलीज मच्छर इसका द्वितीयक या मध्यवर्ती पोषक (Secondary host) होता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1, 2 और 3 पूर्णतः सत्य हैं। एलिसा और वेस्टर्न ब्लॉट परीक्षण एचआईवी निदान के मानक तरीके हैं। बीसीजी का टीका टीबी के लिए दिया जाता है और टाइप-1 मधुमेह ऑटोइम्यून बीमारी है जिसमें इंसुलिन का उत्पादन रुक जाता है। कथन 4 असत्य है क्योंकि मलेरिया परजीवी का लैंगिक प्रजनन मादा एनोफिलीज मच्छर (जो यहाँ प्राथमिक/निश्चित पोषक है) के शरीर में होता है, जबकि मानव इसका मध्यवर्ती पोषक (Secondary/Intermediate host) है। अधिक अभ्यास के लिए हमारी बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
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