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BPSC TRE 4.0
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प्राचीन भारतीय इतिहास के विभिन्न स्रोतों, महाजनपदों के उदय और मौर्य एवं गुप्त काल की प्रशासनिक व आर्थिक व्यवस्था के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. अंगूत्तर निकाय और भगवती सूत्र जैसे बौद्ध और जैन ग्रंथ छठी शताब्दी ईसा पूर्व के सोलह महाजनपदों की सूची प्रदान करते हैं, जिनमें 'वज्जी संघ' विश्व के सबसे प्राचीन गणराज्यों (Republics) में से एक माना जाता है, जिसकी राजधानी वैशाली थी।
- 2. मौर्य प्रशासनिक व्यवस्था में 'अध्यक्ष' विभिन्न विभागों के अधीक्षक (Superintendents) होते थे, तथा कौटिल्य के 'अर्थशास्त्र' के अनुसार कृषि विभाग के प्रमुख को 'सीताध्यक्ष' कहा जाता था, जो राजकीय भूमि (सीता भूमि) की कृषि का प्रबंधन करता था।
- 3. गुप्तकाल में भू-राजस्व की दर सामान्यतः उपज का 1/6 भाग हुआ करती थी, और इस काल में भूमि अनुदान (Land Grants) देने की प्रथा में भारी वृद्धि हुई, जिसके परिणामस्वरूप गुप्त साम्राज्य के सामंतवादी व्यवस्था (Feudalism) के लक्षण स्पष्ट रूप से उभरने लगे थे।
- 4. सातवाहन वंश के शासकों ने सबसे पहले बड़े पैमाने पर ब्राह्मणों और बौद्ध भिक्षुओं को कर-मुक्त भूमि अनुदान देने की परंपरा शुरू की थी, तथा उनके अभिलेखों में भूमिदान के साथ-साथ प्रशासनिक अधिकारों के हस्तांतरण का भी उल्लेख मिलता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
दिए गए सभी कथन पूर्णतः सत्य हैं। छठी शताब्दी ईसा पूर्व में बौद्ध ग्रंथ 'अंगूत्तर निकाय' और जैन ग्रंथ 'भगवती सूत्र' में 16 महाजनपदों का उल्लेख मिलता है, जिसमें वज्जी एक प्रमुख गणराज्य था। मौर्य काल में कौटिल्य के अर्थशास्त्र में विभिन्न विभागों के अध्यक्षों का वर्णन है, जहाँ 'सीताध्यक्ष' कृषि से संबंधित था। गुप्तकाल और सातवाहन काल में भूमि अनुदान की व्यवस्था ने भारतीय सामंतवाद की नींव रखी। अधिक अभ्यास और अध्ययन सामग्री के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
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बिहार आर्थिक सर्वेक्षण और राष्ट्रीय आय के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बिहार की सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) की वृद्धि दर हाल के वर्षों में देश के कई अन्य राज्यों की तुलना में उच्च रही है, जिसमें सेवा क्षेत्र का योगदान अर्थव्यवस्था में सर्वाधिक है।
2. स्थिर मूल्यों पर बिहार की प्रति अभी भी राष्ट्रीय औसत (All-India Average) की तुलना में काफी कम है, जो राज्य के भीतर गहरी क्षेत्रीय और अंतर-राज्यीय आय असमानता को दर्शाती है।
3. राज्य के कुल बजट में पूंजीगत व्यय (Capital Expenditure) के हिस्से को लगातार बढ़ाने का मुख्य उद्देश्य उत्पादक आधारभूत संरचना का निर्माण कर दीर्घकालिक आर्थिक विकास को गति देना है।
4. बिहार सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट में राजकोषीय घाटे को निर्धारित एफआरबीएम (FRBM) अधिनियम की सीमाओं के बाहर रखा गया है ताकि सामाजिक क्षेत्र की कल्याणकारी योजनाओं के लिए असीमित ऋण लिया जा सके।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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बिहार में स्वतंत्रता पूर्व और स्वतंत्रता के पश्चात हुए प्रमुख किसान आंदोलनों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. वर्ष 1930 के दशक के दौरान राहुल सांकृत्यायन ने छपरा (अहमदपुर) जिले से 'अहिल्यास्थान' के किसानों को संगठित करके 'अहमदपुर किसान आंदोलन' का नेतृत्व किया था और बाद में वे स्वामी सहजानंद सरस्वती के संपर्क में आकर किसान राजनीति में सक्रिय हो गए।
2. मुंगेर जिले में वर्ष 1932-33 के दौरान कार्यानंद शर्मा के नेतृत्व में 'बरहिया टाल आंदोलन' चलाया गया था, जिसका मुख्य उद्देश्य टाल क्षेत्रों की उपजाऊ जमीन पर किसानों के काश्तकारी अधिकारों की रक्षा करना और जमींदारों द्वारा वसूले जाने वाले अवैध लगान के विरुद्ध संघर्ष करना था।
3. बेगूसराय जिले के मुंगेर क्षेत्र में कार्यानंद शर्मा ने ही 'गेहूं और धान की कटाई' के समय बकाश्त भूमि पर अधिकार जमाने के लिए एक बड़ा किसान संघर्ष चलाया था, जिसमें अखिल भारतीय किसान सभा ने सक्रिय भूमिका निभाई थी।
4. चंपारण सत्याग्रह के सफल होने के बाद ब्रिटिश सरकार द्वारा वर्ष 1918 में 'चंपारण कृषि अधिनियम' (Champaran Agrarian Act) पारित किया गया था, जिसके तहत तीनकठिया प्रथा को कानूनी रूप से समाप्त कर दिया गया और बागान मालिकों द्वारा किसानों से वसूले गए अवैध धन का 50% हिस्सा वापस लौटाने का प्रावधान किया गया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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बिहार के जनजातीय आंदोलनों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संथाल हूल (1855-56) के दौरान सिद्धू, कान्हा, चाँद और भैरव ने भगवा झंडे के तले ब्रिटिश सत्ता और उनके सहयोगियों के विरुद्ध सशस्त्र विद्रोह का नेतृत्व किया था, जिसे 'दामिन-इ-कोह' क्षेत्र में महाजनों और पुलिस के शोषण के विरुद्ध लड़ा गया था।
2. बिरसा मुंडा के नेतृत्व में हुए 'उलगुलान' (1899-1900) आंदोलन का मुख्य उद्देश्य 'दिक्कुओं' (बाहरी लोगों) और ब्रिटिश प्रशासनिक व्यवस्था को समाप्त करके मुंडा राज की स्थापना करना था, तथा इस आंदोलन में पारंपरिक हथियारों के साथ-साथ गुप्त बैठकों के माध्यम से संगठन का विस्तार किया गया था।
3. ताना भगत आंदोलन (1914), जो उरांव जनजाति के बीच जतरा भगत के नेतृत्व में शुरू हुआ था, मूल रूप से एक सुधारवादी आंदोलन था जो बाद में महात्मा गांधी के असहयोग आंदोलन से जुड़ गया और इसने ब्रिटिश सरकार को कर देने से स्पष्ट मना कर दिया था।
4. वर्ष 1772 से 1784 के मध्य भागलपुर और संथाल परगना क्षेत्र में तिलका मांझी (जोबरा पहाड़िया) के नेतृत्व में हुए 'पहाड़िया विद्रोह' में ताड़ के पत्तों और विषैले तीरों का उपयोग ब्रिटिश सेनापति ऑगस्ट्स क्लीवलैंड के विरुद्ध किया गया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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बिहार में 19वीं और 20वीं शताब्दी के दौरान हुए प्रमुख किसान विद्रोहों तथा आंदोलनों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. चंपारण सत्याग्रह (1917) से पूर्व ही बिहार में नील उत्पादक किसानों के शोषण के विरुद्ध वर्ष 1908 में चंपारण के बेतिया और मतिहारी क्षेत्रों में 'थारु' और अन्य स्थानीय किसानों द्वारा बजबराहिया तथा अन्य जमींदारों के खिलाफ एक संगठित आंदोलन चलाया गया था, जिसे ब्रिटिश प्रशासन द्वारा सख्ती से दबा दिया गया था।
2. स्वामी सहजानंद सरस्वती द्वारा वर्ष 1929 में 'बिहार प्रांतीय किसान सभा' की स्थापना की गई, जिसका मुख्य उद्देश्य जमींदारी प्रथा का उन्मूलन करना, किसानों के बकाश्त भूमि पर उनके अधिकारों को सुरक्षित करना और किसानों का आर्थिक शोषण रोकना था।
3. वर्ष 1936 में लखनऊ में आयोजित अखिल भारतीय किसान सभा के पहले सम्मेलन की अध्यक्षता स्वामी सहजानंद सरस्वती ने की थी, जबकि इसके महासचिव (General Secretary) के रूप में प्रोफेसर एन.जी. रंगा को चुना गया था।
4. बकाश्त भूमि (Bakasht Land) आंदोलन, जो मुख्य रूप से बिहार में 1930 के दशक के उत्तरार्ध में चलाया गया था, उसका संबंध उन जमींदारों से था जिन्होंने किसानों की रैयती जमीन को कर्ज चुकाने में असमर्थता के कारण छीन लिया था और किसान अपनी ही भूमि पर बटाईदार के रूप में खेती करने के लिए संघर्ष कर रहे थे।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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घर्षण द्वारा किया गया कार्य हमेशा कैसा होता है?
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