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BPSC TRE 4.0
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भारतीय संविधान के अंतर्गत संघ की न्यायपालिका (उच्चतम न्यायालय) और भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. संविधान के अनुच्छेद 143 के तहत राष्ट्रपति को उच्चतम न्यायालय से परामर्श करने का अधिकार प्राप्त है, और यदि उच्चतम न्यायालय किसी विधि या तथ्य के प्रश्न पर राष्ट्रपति को परामर्श देता है, तो वह परामर्श राष्ट्रपति पर हर स्थिति में बाध्यकारी होता है।
- 2. भारत का नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) न केवल केंद्र सरकार और राज्य सरकारों के सभी प्राप्तियों और व्यय का लेखा-परीक्षण करता है, बल्कि वह भारत के समेकित निधि से वित्तपोषित सभी निकायों और निगमों का भी वित्तीय नियंत्रण करता है।
- 3. उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीशों को हटाने की प्रक्रिया (महाभियोग जैसी प्रक्रिया) के लिए संसद के प्रत्येक सदन द्वारा कुल सदस्य संख्या का बहुमत और उपस्थित तथा मतदान करने वाले सदस्यों का कम से कम दो-तिहाई बहुमत होना अनिवार्य है।
- 4. भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक को उसके पद से केवल उसी रीति और उन्हीं आधारों पर हटाया जा सकता है जिस रीति और आधारों पर उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश को हटाया जाता है, और वह अपने पद पर रहते हुए भारत सरकार या किसी राज्य सरकार के अधीन किसी भी अन्य कार्यालय या पद का पात्र नहीं रहता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 असत्य है क्योंकि अनुच्छेद 143 के अंतर्गत राष्ट्रपति द्वारा मांगे गए परामर्श पर उच्चतम न्यायालय की सलाह राष्ट्रपति के लिए बाध्यकारी नहीं होती है। कथन 2 असत्य है क्योंकि CAG का अधिकार सभी निकायों और निगमों पर स्वतः व्यापक रूप से सीधे लागू नहीं होता है, बल्कि यह संसद के कानून या विशिष्ट प्रावधानों पर निर्भर करता है। कथन 3 और 4 पूर्णतः सत्य हैं। सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों और CAG को हटाने की प्रक्रिया समान (अनुच्छेद 124(4) एवं 148) है। ऐसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक और संवैधानिक अनुच्छेदों का गहन अध्ययन करने के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा के पाठ्यक्रम की विस्तृत मार्गदर्शिका अवश्य देखें।
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बिहार में 'सर्वाधिक साक्षरता' वाला जिला कौन सा है?
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भारतीय संविधान के अंतर्गत विभिन्न संवैधानिक संस्थाओं, आयोगों तथा विविध राजनैतिक उपबंधों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 315 के तहत गठित 'संघ लोक सेवा आयोग' (UPSC) के अध्यक्ष या सदस्यों को उनके कार्यकाल की समाप्ति से पूर्व केवल राष्ट्रपति द्वारा साबित कदाचार (Proved Misbehavior) या असमर्थता के आधार पर हटाया जा सकता है, जिसके लिए उच्चतम न्यायालय से जाँच कराना अनिवार्य होता है और उच्चतम न्यायालय की सलाह राष्ट्रपति के लिए पूर्णतः बाध्यकारी होती है।
2. भारतीय संविधान के अनुच्छेद 263 के अंतर्गत स्थापित 'अंतर-राज्य परिषद' (Inter-State Council) एक स्थायी संवैधानिक निकाय नहीं है, बल्कि इसे राष्ट्रपति द्वारा आवश्यकतानुसार लोकहित में स्थापित किया जाता है, तथा इसके अध्यक्ष स्वयं प्रधानमंत्री होते हैं जबकि राज्यों के सभी मुख्यमंत्री इसके स्थायी सदस्य होते हैं।
3. राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के अध्यक्ष के रूप में केवल उसी व्यक्ति को नियुक्त किया जा सकता है जो भारत का मुख्य न्यायाधीश रहा हो या सर्वोच्च न्यायालय का सेवानिवृत्त न्यायाधीश हो, और इस आयोग के सदस्यों की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली एक उच्च-स्तरीय चयन समिति की अनुशंसा पर की जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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बिहार के प्रमुख पर्यटन स्थलों और उनकी ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विशेषताओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बोधगया में स्थित महाबोधि मंदिर (Mahabodhi Temple) को वर्ष 2002 में यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल (UNESCO World Heritage Site) की सूची में शामिल किया गया था, और यहीं वह पवित्र बोधि वृक्ष स्थित है जिसके नीचे गौतम बुद्ध को ज्ञान की प्राप्ति हुई थी।
2. नालंदा जिले में स्थित प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय के अवशेषों (Archaeological Site of Nalanda Mahavihara) को यूनेस्को द्वारा वर्ष 2016 में विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया था, जिसकी स्थापना गुप्त वंश के शासक कुमारगुप्त प्रथम द्वारा की गई थी।
3. राजगृह (राजगीर) में स्थित 'विश्व शांति स्तूप' (World Peace Pagoda) रत्नागिरी पहाड़ी पर स्थित है, जिसे जापान के निप्पोनजान म्योहोजी संप्रदाय के सहयोग से संगमरमर से बनवाया गया था, तथा यह जैन धर्म का सबसे प्रमुख तीर्थ स्थल माना जाता है।
4. वैशाली में स्थित अशोक स्तंभ (लौरिया नंदनगढ़) और राजा विशाल का गढ़ प्राचीन वज्जी संघ के गौरवशाली इतिहास को दर्शाते हैं, जहाँ भगवान महावीर का जन्म कुंडग्राम में हुआ था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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किस अनुच्छेद के अनुसार भारत के राष्ट्रपति द्वारा 'राष्ट्रीय आपातकाल' की घोषणा की जा सकती है?
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चुम्बकत्व और पदार्थों के चुम्बकीय गुणों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. प्रतिचुम्बकीय पदार्थ (Diamagnetic substances) वे होते हैं जिन्हें किसी बाह्य चुम्बकीय क्षेत्र में रखने पर वे क्षेत्र की विपरीत दिशा में बहुत कम चुम्बकीय हो जाते हैं और चुम्बकीय क्षेत्र के मजबूत हिस्से से कमजोर हिस्से की ओर प्रतिकर्षित होते हैं (जैसे बिस्मथ, तांबा और जल)।
2. अनुचुम्बकीय पदार्थ (Paramagnetic substances) बाह्य चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा में आंशिक रूप से चुम्बकीय हो जाते हैं और क्षेत्र के कमजोर हिस्से से मजबूत हिस्से की ओर आकर्षित होते हैं, तथा ताप बढ़ाने पर इनका चुम्बकीय गुण 'क्यूरी के नियम' (Curie's Law) के अनुसार कम हो जाता है।
3. लौहचुम्बकीय पदार्थ (Ferromagnetic substances) बाह्य चुम्बकीय क्षेत्र में रखने पर अत्यंत प्रबल रूप से चुम्बकीय हो जाते हैं, और एक निश्चित ताप, जिसे 'क्यूरी ताप' (Curie Temperature) कहा जाता है, से अधिक ताप पर ये अनुचुम्बकीय पदार्थों की भाँति व्यवहार करने लगते हैं।
4. किसी चुम्बक के भीतर चुम्बकीय क्षेत्र रेखाओं की दिशा दक्षिण ध्रुव से उत्तर ध्रुव की ओर होती है, जबकि चुम्बक के बाहर यह उत्तर ध्रुव से दक्षिण ध्रुव की ओर होती है, और ये क्षेत्र रेखाएँ कभी भी एक-दूसरे को नहीं काटती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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