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BPSC TRE 4.0
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बिहार की लोक कला, संस्कृति और ऐतिहासिक धरोहरों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. मधुबनी पेंटिंग (मिथिला चित्रकला), जिसे वर्ष 2007 में भौगोलिक संकेत (GI Tag) प्रदान किया गया था, के प्रमुख रूपों में 'कचनी' और 'भरनी' शैलियाँ शामिल हैं, जिनमें प्राकृतिक रंगों और चटक रंगों का प्रयोग करके रामायण, महाभारत तथा प्रकृति से जुड़े दृश्यों का अंकन किया जाता है।
- 2. बिहार के प्रसिद्ध लोक नृत्यों में शामिल 'झिझिया' नृत्य का आयोजन मुख्य रूप से वर्षा ऋतु में भगवान इंद्र को प्रसन्न करने के लिए सूखे की स्थिति से निपटने और अच्छी बारिश की कामना हेतु महिलाओं द्वारा किया जाता है, जिसमें वे अपने सिर पर जलता हुआ मिट्टी का दीया (घड़ा) रखकर नृत्य करती हैं।
- 3. ऐतिहासिक धरोहरों के अंतर्गत राजगीर में स्थित 'विश्व शांति स्तूप' (World Peace Pagoda) को जापानी बौद्ध भिक्षु फुजी गुरुजी द्वारा बनवाया गया था, जो बौद्ध धर्म के शांति और अहिंसा के संदेश का प्रतीक है और यह रत्नागिरी पहाड़ी पर स्थित है।
- 4. बिहार का प्रसिद्ध लोक पर्व 'छठ पूजा', जो मुख्य रूप से सूर्य देव और छठी मैया को समर्पित है, केवल कार्तिक मास में ही मनाया जाने वाला एकमात्र ऐसा पर्व है जिसमें उगते और डूबते सूर्य दोनों को अर्घ्य दिया जाता है, और इसका अन्य किसी भी माह से कोई संबंध नहीं है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1, 2 और 3 पूर्णतः सत्य हैं। मधुबनी पेंटिंग (मिथिला चित्रकला) में 'कचनी' (रेखा प्रधान) और 'भरनी' (रंग प्रधान) प्रमुख शैलियाँ हैं, तथा इसे 2007 में जीआई टैग मिला था। झिझिया नृत्य बिहार का एक प्रसिद्ध अनुष्ठानिक लोक नृत्य है जो वर्षा और इंद्र देव की आराधना से जुड़ा है। राजगीर का विश्व शांति स्तूप रत्नागिरी पहाड़ी पर स्थित है। किंतु कथन 4 असत्य है क्योंकि छठ पर्व वर्ष में दो बार मनाया जाता है—एक बार चैत्र मास में (चैती छठ) और दूसरी बार मुख्य रूप से कार्तिक मास में (कार्तिक छठ)। बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा की तैयारी के लिए ऐसे वैचारिक और तथ्यात्मक प्रश्नों का अभ्यास करना अत्यंत आवश्यक है।
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पृथ्वी के वायुमंडल के संगठन और विभिन्न गैसों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. वायुमंडल में आयतन के दृष्टिकोण से नाइट्रोजन (लगभग 78.08%) और ऑक्सीजन (लगभग 20.95%) कुल गैसों का लगभग 99% हिस्सा बनाते हैं, जबकि आर्गन तीसरी सबसे प्रचुर मात्रा में पाई जाने वाली अक्रिय गैस है।
2. कार्बन डाइऑक्साइड और जलवाष्प दोनों ही ग्रीनहाउस गैसें हैं, किंतु जलवाष्प की मात्रा वायुमंडलीय परतों में ऊँचाई बढ़ने के साथ-साथ तेजी से बढ़ती है, जबकि कार्बन डाइऑक्साइड का वितरण समताप मंडल तक समान रूप से पाया जाता है।
3. ओजोन गैस (O₃) मुख्य रूप से समताप मंडल (Stratosphere) के निचले हिस्से में 15 से 35 किलोमीटर की ऊँचाई के बीच केंद्रित होती है, जो सूर्य से आने वाली हानिकारक पराबैंगनी (UV-B और UV-C) किरणों को अवशोषित कर पृथ्वी पर जीवन की रक्षा करती है।
4. वायुमंडल में मौजूद धूलकण (Aerosols) और नमक के कण आर्द्राग्राही नाभिक (Hygroscopic Nuclei) के रूप में कार्य करते हैं, जिनके बिना बादलों का निर्माण और संघनन की प्रक्रिया संभव नहीं है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) के दिशा-निर्देशों तथा भारत में पर्यावरण एवं आपदा प्रबंधन रिपोर्टों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के अंतर्गत गठित 'राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण' (NDMA) के अध्यक्ष देश के प्रधानमंत्री होते हैं, और यह संस्था आपदाओं के जोखिम को कम करने के लिए 'प्रतिक्रियात्मक' (Reactive) से 'सक्रिय एवं रोकथाम आधारित' (Proactive and Prevention-oriented) दृष्टिकोण को बढ़ावा देती है।
2. पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय तथा केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) द्वारा जारी रिपोर्टों के अनुसार, भारत में चरम मौसमी घटनाओं की आवृत्ति में वृद्धि हुई है, तथा 'राज्य आपदा मोचन निधि' (SDRF) का उपयोग केवल आपदा के बाद राहत और पुनर्वास कार्यों के लिए ही किया जा सकता है, आपदा न्यूनीकरण या रोकथाम के लिए नहीं।
3. भारत के आपदा प्रबंधन ढांचे में आपदा जोखिम न्यूनीकरण (DRR) के वैश्विक लक्ष्यों—विशेषकर 'सेंडाई फ्रेमवर्क' (2015-2030)—के अनुरूप आपदा से होने वाले बुनियादी ढांचे के नुकसान और मानव मृत्यु दर को न्यूनतम करने के लिए दीर्घकालिक रणनीतियाँ निर्धारित की गई हैं।
4. पर्यावरण रिपोर्टों में उल्लिखित 'पारिस्थितिकीय संवेदनशीलता क्षेत्र' (Eco-Sensitive Zones - ESZs) की नीति के तहत संरक्षित क्षेत्रों के चारों ओर वाणिज्यिक गतिविधियों और बड़े उद्योगों के विनियमन का मुख्य उद्देश्य वन्यजीवों के आवास की रक्षा करना और मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करना है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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हमारे राष्ट्रीय ध्वज की चौड़ाई और लंबाई का अनुपात क्या है?
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मौर्य काल के दौरान शिक्षा का प्रसिद्ध क्षेत्र कौन सा था?
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अकार्बनिक रसायन के अंतर्गत संक्रमण धातुओं (Transition Metals) और उनके यौगिकों के गुणों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संक्रमण धातुएं और उनके अधिकांश यौगिक अनुचुंबकीय (Paramagnetic) प्रकृति के होते हैं, जिसका मुख्य कारण उनके d-कक्षकों में अयुग्मित इलेक्ट्रॉनों (Unpaired Electrons) की उपस्थिति होना है।
2. संक्रमण तत्वों की आयन एंथैल्पी का मान बहुत उच्च होता है और वे विभिन्न प्रकार की ऑक्सीकरण अवस्थाएँ (Variable Oxidation States) प्रदर्शित करने में सक्षम होते हैं, क्योंकि उनके $(n-1)d$ और $ns$ कक्षकों की ऊर्जा में बहुत कम अंतर होता है।
3. संक्रमण धातुएं उत्प्रेरकी गुण (Catalytic Properties) प्रदर्शित करती हैं, जिसका कारण उनकी परिवर्तनशील ऑक्सीकरण अवस्थाएं और अभिकारकों को अपनी सतह पर अधिशोषित करने के लिए रिक्त d-कक्षकों की उपलब्धता है।
4. जिंक (Zn), कैडमियम (Cd) और मरकरी (Hg) को औपचारिक रूप से d-ब्लॉक के तत्व माना जाता है, किंतु उनके परमाणु या आयनों में d-कक्षक पूर्णतः भरे होने के कारण उन्हें संक्रमण तत्व (Transition Elements) नहीं कहा जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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