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BPSC TRE 4.0
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भारत के सामान्य परिचय एवं भौगोलिक अवस्थिति के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. भारत का मुख्य भूभाग 8°4' उत्तरी अक्षांश से 37°6' उत्तरी अक्षांश तथा 68°7' पूर्वी देशांतर से 97°25' पूर्वी देशांतर के मध्य फैला हुआ है और यह पूरी तरह से उत्तरी एवं पूर्वी गोलार्द्ध में स्थित है।
- 2. भारतीय मानक समय (IST) की रेखा (82°30' पूर्वी देशांतर) कुल 5 राज्यों (उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा और आंध्र प्रदेश) से होकर गुजरती है, और यह रेखा छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के सबसे समीप से निकलती है।
- 3. भारत की कुल स्थलीय सीमा लगभग 15,106.7 किलोमीटर है, जो 7 देशों के साथ लगती है, जिसमें सबसे लंबी सीमा बांग्लादेश के साथ और सबसे छोटी सीमा अफगानिस्तान के साथ साझा होती है।
- 4. भारत का सबसे दक्षिणी बिंदु (इंदिरा पॉइंट) ग्रेट निकोबार द्वीप पर 6°45' उत्तरी अक्षांश पर स्थित है, जबकि मुख्य भूमि का सबसे दक्षिणी छोर तमिलनाडु में कन्याकुमारी (केप कमोरिन) है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1, 3 और 4 पूर्णतः सत्य हैं। भारत का अक्षांशीय और देशांतर विस्तार 8°4' उत्तर से 37°6' उत्तर तथा 68°7' पूर्व से 97°25' पूर्व तक है। स्थलीय सीमा 15,106.7 किमी है जिसमें बांग्लादेश (4096.7 किमी) सबसे लंबी और अफगानिस्तान (106 किमी) सबसे छोटी सीमा बनाता है। इंदिरा पॉइंट ग्रेट निकोबार में है। किंतु कथन 2 असत्य है क्योंकि 82°30' पूर्वी देशांतर रेखा छत्तीसगढ़ के सूरजपुर से नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर/प्रयागराज (नैनी) के समीप से गुजरती है। ऐसे ही महत्वपूर्ण प्रश्नों के अभ्यास के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
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भारतीय संविधान की उद्देशिका (Preamble) तथा संघ एवं उसके राज्य क्षेत्र (Union and its Territory) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान की उद्देशिका में अब तक केवल एक बार वर्ष 1976 में 42वें संविधान संशोधन अधिनियम द्वारा 'समाजवादी', 'पंथनिरपेक्ष' और 'अखंडता' शब्द जोड़े गए थे, और उद्देशिका न्यायालय में वाद योग्य (Justiciable) नहीं है, किंतु यह संविधान के निर्वाचन में एक महत्वपूर्ण मार्गदर्शक की भूमिका निभाती है।
2. भारतीय संविधान के अनुच्छेद 3 के अंतर्गत संसद को किसी भी राज्य के क्षेत्रफल में वृद्धि या कमी करने, उसकी सीमा या नाम में परिवर्तन करने का अधिकार प्राप्त है, किंतु इसके लिए संबंधित राज्य के विधानमंडल की पूर्व सहमति प्राप्त करना संवैधानिक रूप से अनिवार्य है।
3. वर्ष 1960 के 'बेरूबारी यूनियन वाद' में उच्चतम न्यायालय ने यह स्पष्ट किया था कि संविधान की उद्देशिका संविधान का भाग नहीं है, किंतु बाद में 'केशवानंद भारती वाद (1973)' में इस निर्णय को पलटते हुए न्यायालय ने माना कि उद्देशिका संविधान का एक अभिन्न अंग है।
4. संसद को अनुच्छेद 2 के तहत नए राज्यों के प्रवेश या स्थापना की शक्ति प्राप्त है, जिसके अंतर्गत सिक्किम को वर्ष 1975 के 36वें संविधान संशोधन अधिनियम द्वारा भारतीय संघ के एक सह-राज्य (Associate State) से पूर्ण राज्य का दर्जा प्रदान किया गया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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बिहार में 1970 के दशक के उत्तरार्ध में हुए ऐतिहासिक 'जेपी आंदोलन' (छात्र आंदोलन) और उसके वैचारिक व राजनीतिक परिप्रेक्ष्य के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. इस आंदोलन की शुरुआत मार्च 1974 में बिहार के छात्रों द्वारा बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और प्रशासनिक भ्रष्टाचार के विरोध में हुई थी, जिसका नेतृत्व बाद में लोकनायक जयप्रकाश नारायण ने 'संपूर्ण क्रांति' (Total Revolution) के आह्वान के साथ अपने हाथों में ले लिया था।
2. जयप्रकाश नारायण द्वारा प्रतिपादित 'संपूर्ण क्रांति' के वैचारिक ढांचे में सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, सांस्कृतिक, शैक्षिक और नैतिक — कुल सात क्रांतियाँ शामिल थीं, जिनका मुख्य उद्देश्य व्यवस्था परिवर्तन और जन-केन्द्रित लोकतंत्र की स्थापना करना था।
3. यह छात्र और जन आंदोलन केवल बिहार तक ही सीमित रहा और इसके दबाव के बावजूद केंद्र सरकार या तत्कालीन कांग्रेस शासन पर इसका कोई विशेष राष्ट्रीय राजनीतिक प्रभाव नहीं पड़ा, जिसके परिणामस्वरुप आपातकाल की घोषणा को टाला नहीं जा सका।
4. जेपी आंदोलन के गर्भ से ही भारतीय राजनीति में समाजवादी और जनता पार्टी विचारधारा के अनेक प्रमुख युवा नेता (जैसे लालू प्रसाद यादव, नीतीश कुमार और सुशील कुमार मोदी) उभरे, जिन्होंने आगे चलकर बिहार और देश की राजनीति को दीर्घकालिक रूप से प्रभावित किया।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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चंपारण सत्याग्रह (1917) और स्वतंत्रता आंदोलन में बिहार की भूमिका के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. चंपारण सत्याग्रह के दौरान राजकुमार शुक्ल के विशेष अनुरोध पर महात्मा गांधी कलकत्ता से पटना पहुँचे थे, जहाँ ब्रजकिशोर प्रसाद, राजेंद्र प्रसाद और अनुग्रह नारायण सिंह जैसे प्रख्यात वकीलों ने उनके साथ मिलकर चंपारण के किसानों की समस्याओं की जाँच का नेतृत्व किया था।
2. चंपारण कृषि अधिनियम (Champaran Agrarian Act, 1918) ने 'तीनकठिया पद्धति' को अवैध घोषित कर दिया, जिसके तहत किसानों को अपनी कुल भूमि के 3/20वें हिस्से पर नील की खेती करने के लिए बाध्य किया जाता था, और इस अधिनियम के बनने के बाद यूरोपीय बागान मालिकों को अवैध वसूली का एक हिस्सा किसानों को वापस करना पड़ा था।
3. वर्ष 1922 में गया में आयोजित भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के वार्षिक अधिवेशन की अध्यक्षता देशबंधु चित्तरंजन दास ने की थी, जिसमें विधानमंडलों में प्रवेश के मुद्दे पर स्वराज पार्टी के गठन की रूपरेखा तैयार की गई थी और बिहार के नेताओं ने इसमें सक्रिय भूमिका निभाई थी।
4. वर्ष 1934 में पटना में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के ऐतिहासिक अधिवेशन के दौरान ही औपचारिक रूप से 'कांग्रेस सोशलिस्ट पार्टी' (CSP) की स्थापना की गई थी, जिसके प्रथम अध्यक्ष जयप्रकाश नारायण और प्रथम सचिव आचार्य नरेंद्र देव बनाए गए थे।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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बिहार आर्थिक सर्वेक्षण एवं राज्य के बजट के नवीनतम आंकड़ों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. वित्तीय वर्ष के दौरान बिहार का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) वर्तमान कीमतों पर देश के कई अन्य राज्यों की तुलना में तीव्र गति से बढ़ा है, और स्थिर मूल्यों पर भी अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर सकारात्मक रही है।
2. राज्य के सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) में विभिन्न क्षेत्रों के योगदान के संदर्भ में, प्राथमिक क्षेत्र और द्वितीयक क्षेत्र की तुलना में 'तृतीयक (सेवा) क्षेत्र' का योगदान सर्वाधिक है।
3. राज्य सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट में कुल व्यय का सबसे बड़ा हिस्सा 'सामान्य सेवाओं' (General Services) पर खर्च किया जाता है, जबकि 'सामाजिक सेवाओं' (Social Services) पर होने वाला व्यय शिक्षा और स्वास्थ्य को मिलाकर सबसे निचले पायदान पर आता है।
4. प्रति व्यक्ति सकल जिला घरेलू उत्पाद के मामले में पटना जिला लगातार शीर्ष पर बना हुआ है, जबकि सबसे कम प्रति व्यक्ति आय वाला जिला शिवहर या इसी श्रेणी का अन्य जिला है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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बिहार की नदियाँ, जलवायु एवं कृषि पद्धतियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बिहार की जलवायु मुख्य रूप से मानसूनी प्रकार की है, जहाँ उत्तर-पश्चिम में स्थित सोमेश्वर और दून की पहाड़ियों के आसपास सर्वाधिक वर्षा होती है, जबकि दक्षिण-मध्य बिहार का क्षेत्र (जैसे गया, औरंगाबाद) वर्षा छाया क्षेत्र और अत्यधिक तापीय तापांतर के कारण शुष्क रहता है।
2. उत्तर बिहार की प्रमुख नदियाँ (जैसे कोसी, गंडक, बागमती) हिमालयी नदियाँ होने के कारण सदाबहार हैं और अपने मार्ग परिवर्तन तथा अत्यधिक गाद (Silt) जमा करने के लिए कुख्यात हैं, जबकि दक्षिण बिहार की नदियाँ (जैसे सोन, पुनपुन, किउल) प्रायद्वीपीय पठार से निकलती हैं और मानसूनी वर्षा पर निर्भर होने के कारण ग्रीष्मकाल में प्रायः सूख जाती हैं।
3. बिहार की कृषि पद्धतियों में 'धान-गेहूं-मक्का' फसल चक्र प्रमुख है, किंतु कृषि रोड मैप (Agriculture Roadmap) के अंतर्गत राज्य के उत्तर-पूर्वी जिलों (जैसे पूर्णिया, कटिहार) में मखाने की वैज्ञानिक खेती और दक्षिण-पश्चिम पठारी क्षेत्रों (रोहतास, कैमूर) में 'परंपरागत शून्य जुताई' (Zero Tillage) तकनीक को बड़े पैमाने पर बढ़ावा दिया जा रहा है।
4. बिहार में बाढ़ और सूखे की दोहरी समस्या से निपटने के लिए दक्षिण बिहार की सोन और पुनपुन नदियों को जोड़ने वाली 'सोन-गंगा जल संभरण लिंक नहर परियोजना' सबसे बड़ी सिंचाई योजना है, जिसके तहत उत्तर बिहार की अतिरिक्त बाढ़ के पानी को दक्षिण बिहार के सूखाग्रस्त खेतों तक पहुँचाया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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