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BPSC TRE 4.0
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अर्धचालकों (Semiconductors) तथा डिजिटल इलेक्ट्रॉनिक्स में प्रयुक्त 'P-N जंक्शन डायोड' (P-N Junction Diode) और लॉजिक गेट्स के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. जब एक P-N जंक्शन डायोड को 'फॉरवर्ड बायस' (Forward Bias) से जोड़ा जाता है, तो बैटरी का धन ध्रुव P-type क्षेत्र से और ऋण ध्रुव N-type क्षेत्र से जोड़ा जाता है, जिससे डिप्लेशन परत (Depletion Region) की मोटाई कम हो जाती है और डायोड उच्च प्रतिरोध प्रदान करता है।
- 2. 'नैंड गेट' (NAND Gate) और 'नॉर गेट' (NOR Gate) को 'सार्वभौमिक गेट' (Universal Gates) कहा जाता है, क्योंकि इनका उपयोग करके बुनियादी लॉजिक गेट्स जैसे AND, OR और NOT का निर्माण किया जा सकता है।
- 3. ट्रांजिस्टर (Transistor) के कार्य करने के लिए इसके तीन क्षेत्रों—उत्सर्जक (Emitter), आधार (Base) और संग्राहक (Collector) में से आधार क्षेत्र बहुत पतला और हल्के ढंग से डोप (Lightly Doped) किया जाता है ताकि अधिकांश आवेश वाहक (Charge Carriers) उत्सर्जक से संग्राहक तक आसानी से पहुँच सकें।
- 4. प्रकाश उत्सर्जक डायोड (LED) 'रिवर्स बायस' (Reverse Bias) की स्थिति में कार्य करता है, जिसमें विद्युत ऊर्जा सीधे उच्च आवृत्ति के लेजर प्रकाश में परिवर्तित होती है और यह क्वांटम दक्षता के सिद्धांत पर आधारित है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 असत्य है क्योंकि फॉरवर्ड बायस (Forward Bias) की स्थिति में डिप्लेशन परत की मोटाई कम हो जाती है और डायोड **कम प्रतिरोध (Low Resistance)** प्रदान करता है, जिससे धारा आसानी से प्रवाहित होती है। कथन 4 असत्य है क्योंकि एलईडी (LED) हमेशा **फॉरवर्ड बायस (Forward Bias)** की स्थिति में कार्य करता है, न कि रिवर्स बायस में। कथन 2 और 3 पूर्णतः सत्य हैं; नैंड और नॉर गेट को सार्वभौमिक गेट कहा जाता है तथा ट्रांजिस्टर का आधार क्षेत्र बहुत पतला और हल्का डोप किया जाता है। ऐसी ही अन्य महत्वपूर्ण अध्ययन सामग्रियों के लिए आप बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट कर सकते हैं।
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मानव शरीर की विभिन्न ग्रंथियों (Glands) और उनके द्वारा स्रावित हॉर्मोन्स या एंजाइम्स के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. अग्न्याशय (Pancreas) एक मिश्रित ग्रंथि (Heterocrine Gland) है, जिसका अंतःस्रावी भाग 'लैंगरहैंस की द्वीपिकाएँ' (Islets of Langerhans) अल्फा, बीटा और डेल्टा कोशिकाओं से निर्मित होता है, जहाँ से इंसुलिन, ग्लूकागॉन और सोमाटोस्टेटिन हॉर्मोन्स स्रावित होते हैं।
2. पीयूष ग्रंथि (Pituitary Gland) को 'मास्टर ग्रंथि' कहा जाता है, जो मस्तिष्क के स्फेनाइड अस्थि की सेला टर्सिका गुहा में स्थित होती है, तथा इसका पश्च भाग (Neurohypophysis) ऑक्सीटोसिन और वैसोप्रेसिन (ADH) हॉर्मोन्स का संश्लेषण एवं स्रावण करता है।
3. थायराइड ग्रंथि से स्रावित होने वाले कैल्सीटोनिन हॉर्मोन का मुख्य कार्य रक्त में कैल्शियम के स्तर को कम करना है, जबकि पैराथायराइड ग्रंथि से स्रावित पैराथॉर्मोन (PTH) रक्त में कैल्सियम की मात्रा को बढ़ाता है।
4. अधिवृक्क ग्रंथि (Adrenal Gland) के वल्कुट (Cortex) भाग से 'कैटकोलामाइन' (एपिनेफ्रीन और नॉरएपिनेफ्रीन) हॉर्मोन स्रावित होते हैं जो आपातकालीन परिस्थितियों (लड़ो या उड़ो) में शरीर की प्रतिक्रिया को नियंत्रित करते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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मानव शरीर के तंत्र (Human Body Systems) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. मानव पाचन तंत्र में आमाशय (Stomach) की भित्ति से स्रावित होने वाला जठर रस (Gastric juice) मुख्य रूप से हाइड्रोक्लोरिक अम्ल, पेप्सिनोजेन और श्लेष्म (Mucus) का मिश्रण होता है, जहाँ पेप्सिनोजेन निष्क्रिय रूप में रहता है और हाइड्रोक्लोरिक अम्ल के संपर्क में आने पर सक्रिय पेप्सिन में परिवर्तित होकर प्रोटीन का पाचन करता है।
2. मानव श्वसन तंत्र में, फेफड़ों की कार्यात्मक इकाइयाँ 'कुपिकाएँ' (Alveoli) होती हैं, जो अत्यधिक संवहनित (Highly vascularised) और पतली भित्ति वाली होती हैं, और यहीं पर विसरण (Diffusion) प्रक्रिया द्वारा ऑक्सीजन रक्त में प्रवेश करती है तथा कार्बन डाइऑक्साइड बाहर निकलती है।
3. मानव परिसंचरण तंत्र के अंतर्गत, दाएँ निलये (Right Ventricle) से निकलने वाली पल्मोनरी धमनी (Pulmonary Artery) अशुद्ध (ऑक्सीजन-विहीन) रक्त को फेफड़ों में ले जाती है, जबकि पल्मोनरी शिरा (Pulmonary Vein) शुद्ध रक्त को बाएँ आलिंद (Left Atrium) में लाती है।
4. मानव तंत्रिका तंत्र में, प्रतिवर्ती क्रिया (Reflex Action) का नियंत्रण मुख्य रूप से प्रमस्तिष्क (Cerebrum) द्वारा किया जाता है, जो अनैच्छिक क्रियाओं की त्वरित प्रतिक्रिया को नियंत्रित करने का सर्वोच्च केंद्र होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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मानव शरीर में हॉर्मोन्स, विटामिन और विभिन्न जैविक अणुओं (Biomolecules) के कार्य तथा उनकी कमी से होने वाले रोगों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. इंसुलिन (Insulin) एक पेप्टाइड हॉर्मोन है जो अग्नाशय (Pancreas) की लैंगरहैंस की द्वीपिकाओं की बीटा कोशिकाओं द्वारा स्रावित होता है, और यह रक्त में ग्लूकोज की मात्रा को नियंत्रित करते हुए ग्लाइकोजेनेसिस की प्रक्रिया को प्रेरित करता है।
2. विटामिन D, जिसे 'कैल्सीफेरोल' भी कहा जाता है, एक वसा-में-घुलनशील विटामिन है जो शरीर में कैल्शियम और फॉस्फोरस के अवशोषण को नियंत्रित करता है, तथा इसकी कमी से बच्चों में 'रिकेट्स' (Rickets) और वयס्कों में 'ऑस्टियोमलेशिया' (Osteomalacia) नामक रोग हो जाता है।
3. 'थायरोक्सिन' (Thyroxine) हॉर्मोन के संश्लेषण के लिए आयोडीन अनिवार्य होता है, जिसकी कमी से गॉइटर (घेंघा) रोग होता है, जबकि वयस्क अवस्था में इस हॉर्मोन की अत्यधिक कमी से 'मिक्सोएडिमा' (Myxedema) नामक स्थिति उत्पन्न हो जाती है।
4. रुधिर में हीमोग्लोबिन एक लोहे युक्त प्रोटीन है जो ऑक्सीजन का परिवहन करता है, तथा इसकी कमी से होने वाला एनीमिया (रक्तल्पता) हमेशा केवल विटामिन B12 की कमी के कारण ही होता है, इसमें आयरन या फोलिक एसिड की कोई भूमिका नहीं होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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AIM4NaTuRe के संबंध में निम्नलिखित कथनों में से कौन से सही हैं?
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किस शासक को 'भारत का नेपोलियन' कहा जाता है?
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