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BPSC TRE 4.0
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बिहार के खेल इतिहास और प्रतिष्ठित खिलाड़ियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. प्रसिद्ध हॉकी खिलाड़ी और ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता मेजर ध्यानचंद के साथ भारतीय हॉकी टीम का हिस्सा रहे मोहम्मद हुसैन का संबंध बिहार के किस जिले से था, जिन्होंने वर्ष 1936 के बर्लिन ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व किया था?
- 2. बिहार की अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रसिद्ध शूटर श्रेयसी सिंह, जिन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक जीता है, का संबंध किस खेल परिवार से राजनीतिक और खेल पृष्ठभूमि से जुड़ा है?
- 3. ईशान किशन, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में दोहरा शतक लगाने का गौरव प्राप्त किया है, मूल रूप से बिहार के किस जिले के रहने वाले हैं और उन्होंने घरेलू क्रिकेट में किस राज्य की टीम से अपने करियर की शुरुआत की थी?
- 4.
पैरालंपिक खेलों में पदक जीतने वाले बिहार के पहले खिलाड़ी शरद कुमार का संबंध किस खेल विधा से है और वे किस जिले से संबंधित हैं? उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन खेल और खिलाड़ियों के संदर्भ में पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
दिए गए सभी कथन बिहार के खेल इतिहास और प्रतिष्ठित खिलाड़ियों के संबंध में पूर्णतः सत्य हैं। मोहम्मद हुसैन (1936 बर्लिन ओलंपिक स्वर्ण विजेता हॉकी टीम के सदस्य) का जन्म बिहार से था; श्रेयसी सिंह (राजनीतिक परिवार से ताल्लुक रखने वाली अर्जुन पुरस्कार विजेता निशानेबाज) ने राष्ट्रमंडल खेलों में देश का नाम रोशन किया है; ईशान किशन (क्रिकेटर) मूल रूप से औरंगाबाद/पटना, बिहार से हैं और उन्होंने झारखंड की ओर से घरेलू क्रिकेट खेला; तथा पैरालंपिक पदक विजेता हाई जम्पर शरद कुमार का संबंध बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से है। अधिक अभ्यास के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
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कलर ब्लाइंडनेस (वर्णान्धता) का मुख्य कारण क्या है?
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महासागरीय जलधाराओं (Ocean Currents) की उत्पत्ति, उनके प्रवाह मार्ग और जलवायु पर पड़ने वाले प्रभावों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. महासागरीय जलधाराओं की दिशा उत्तरी गोलार्ध में कोरियालिस बल (Coriolis force) के प्रभाव से अपनी मूल दिशा के दाईं ओर तथा दक्षिणी गोलार्ध में बाईं ओर विक्षेपित हो जाती है, जिसे फेरेल का नियम कहा जाता है।
2. उत्तरी अटलांटिक प्रवाह (North Atlantic Drift) के प्रभाव से नॉर्वे और पश्चिमी यूरोप के उच्च अक्षांशीय तटीय बंदरगाह शीतकाल में भी जमे नहीं रहते हैं, जो इन क्षेत्रों की जलवायु को समशीतोष्ण बनाए रखने में सहायक है।
3. क्यूरोशियो जलधारा (Kuroshio Current) प्रशांत महासागर की एक ठंडी जलधारा है जो जापान के पूर्वी तट के सहारे उत्तर की ओर प्रवाहित होती है और इसके उत्तर की ओर बढ़ने पर यह उत्तर से आने वाली ठंडी ओसियो (Oyashio) जलधारा से मिलकर सघन कोहरे और प्लवक (Plankton) का निर्माण करती है, जिससे वहाँ विश्व का प्रमुख मत्स्यन क्षेत्र बनता है।
4. बेंग्युला जलधारा (Benguela Current) एक ठंडी जलधारा है जो अफ्रीकी महाद्वीप के पश्चिमी तट के सहारे उत्तर की ओर बहती है और इसके प्रभाव से यहाँ 'कालाहारी मरुस्थल' के निर्माण में सहायता मिलती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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कौन सा जलडमरूमध्य लाल सागर को अदन की खाड़ी से जोड़ता है और अरब प्रायद्वीप तथा ‘हॉर्न ऑफ अफ्रीका’ के बीच स्थित है?
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भारत के महान्यायवादी (Attorney General for India) और संसद (लोकसभा एवं राज्य सभा) की विधाई प्रक्रियाओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 76 के तहत नियुक्त भारत का महान्यायवादी देश का सर्वोच्च विधि अधिकारी होता है, जिसे संसद के दोनों सदनों (लोकसभा और राज्य सभा) या उनकी संयुक्त बैठक में बोलने तथा भाग लेने का अधिकार प्राप्त है, किंतु उसे संसद में किसी भी विधेयक या प्रस्ताव पर मतदान (Voting) करने का संवैधानिक अधिकार प्राप्त नहीं है।
2. राज्य सभा एक स्थायी सदन है जो कभी विघटित नहीं होता है, और इसके प्रत्येक सदस्य का कार्यकाल 6 वर्ष होता है, तथा इसके एक-तिहाई सदस्य प्रति दूसरे वर्ष सेवानिवृत्त होते हैं, किंतु यदि कोई सदस्य उप-चुनाव के माध्यम से रिक्त सीट पर चुनकर आता है, तो उसका कार्यकाल भी शेष 6 वर्ष का ही होता है।
3. लोकसभा में किसी भी अविश्वास प्रस्ताव (No-Confidence Motion) को प्रस्तुत करने के लिए न्यूनतम 50 सदस्यों के समर्थन की अनिवार्य आवश्यकता होती है, और यह प्रस्ताव केवल लोकसभा में ही लाया जा सकता है, राज्य सभा में नहीं।
4. धन विधेयक (Money Bill) केवल लोकसभा में ही पुनः स्थापित किया जा सकता है, और राज्य सभा को इस संबंध में अत्यंत सीमित शक्तियाँ प्राप्त हैं क्योंकि वह किसी धन विधेयक को अस्वीकार या उसमें संशोधन नहीं कर सकती, बल्कि उसे अधिकतम 14 दिनों के भीतर अपनी सिफारिशों के साथ या बिना सिफारिश के लोकसभा को वापस लौटाना अनिवार्य होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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प्राचीन भारतीय इतिहास के विभिन्न कालों और उनकी प्रमुख विशेषताओं, स्रोतों तथा प्रशासनिक शब्दावली के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ऋग्वैदिक काल में 'दुहितृ' (Duhitri) उस पुत्री को कहा जाता था जिसे गाय दुहने का कार्य सौंपा जाता था, तथा इस समाज में सभा और समितियाँ राजनीतिक संस्थाएँ थीं जिनमें महिलाओं की भागीदारी भी वर्जित नहीं थी।
2. महाजनपद काल में मगध के उत्कर्ष के पीछे उसकी भौगोलिक स्थिति अत्यंत महत्वपूर्ण थी; राजगीर और पाटलिपुत्र जैसी राजधानियाँ प्राकृतिक रूप से सुरक्षित थीं तथा निकटवर्ती क्षेत्रों में लोहे की प्रचुरता के कारण उन्नत हथियारों और कृषि उपकरणों का निर्माण संभव हुआ।
3. मौर्य प्रशासन में 'अध्यक्ष' नामक अधिकारियों की एक लंबी सूची मिलती है, जिनमें 'पण्यध्यक्ष' वाणिज्य विभाग का प्रमुख था, 'लूताध्यक्ष' कृषि से संबंधित था और 'संस्थध्यक्ष' बाजार तथा व्यापारिक मार्गों का नियंत्रण करता था।
4. गुप्त काल के अभिलेखों में भूमि दान और प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़ी कई नई शब्दावलियाँ मिलती हैं, जैसे 'अग्रहार' (ब्राह्मणों को दी जाने वाली कर-मुक्त भूमि), 'महत्तर' (गाँव या कुल के प्रमुख व्यक्ति), और 'हिरण्य' (नकद कर के रूप में लिया जाने वाला कर)।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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