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BPSC TRE 4.0
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भारतीय संविधान के अंतर्गत राष्ट्रपति की शक्तियों, उपराष्ट्रपति के निर्वाचक मंडल तथा केंद्रीय मंत्रिपरिषद (Council of Ministers) की कार्यप्रणाली के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. राष्ट्रपति की अध्यादेश जारी करने की शक्ति (अनुच्छेद 123) मंत्रिपरिषद की सलाह के अधीन होती है, और यह शक्ति संसद के दोनों सदनों की बैठक न होने की स्थिति में ही प्रयोग की जा सकती है, किंतु इस अध्यादेश की अधिकतम अवधि संसद के पुनः समवेत होने के छह सप्ताह तक ही सीमित होती है।
  2. 2. उपराष्ट्रपति के चुनाव में संसद के दोनों सदनों (निर्वाचित और मनोनीत दोनों सदस्य) के सदस्य भाग लेते हैं, जबकि राज्यों की विधानसभाओं या विधानपरिषदों के सदस्यों को इस निर्वाचक मंडल में कोई स्थान प्राप्त नहीं होता है।
  3. 3. अनुच्छेद 75(3) के अनुसार मंत्रिपरिषद सामूहिक रूप से लोकसभा के प्रति उत्तरदायी होती है, जिसका अर्थ यह है कि यदि लोकसभा में सरकार के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव पारित हो जाता है, तो प्रधानमंत्री सहित संपूर्ण मंत्रिपरिषद को त्यागपत्र देना पड़ता है।
  4. 4. केंद्रीय मंत्रिपरिषद में मंत्रियों की कुल संख्या (प्रधानमंत्री सहित) लोकसभा के कुल सदस्यों की संख्या के 15 प्रतिशत से अधिक नहीं हो सकती है, और यह प्रावधान मूल संविधान में ही निहित था जिसे बाद में संशोधित करने की कोई आवश्यकता नहीं पड़ी।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सत्य है क्योंकि अनुच्छेद 123 के तहत राष्ट्रपति की अध्यादेश निर्माण की शक्ति मंत्रिपरिषद की सलाह से संचालित होती है और यह संसद के सत्र में न होने पर जारी की जाती है। कथन 2 सत्य है क्योंकि उपराष्ट्रपति के निर्वाचन में संसद के निर्वाचित और मनोनीत दोनों सदस्य भाग लेते हैं और राज्य विधानमंडल के सदस्य शामिल नहीं होते। कथन 3 सत्य है क्योंकि मंत्रिपरिषद सामूहिक रूप से लोकसभा के प्रति उत्तरदायी होती है। कथन 4 असत्य है क्योंकि मंत्रियों की संख्या 15 प्रतिशत की सीमा का प्रावधान मूल संविधान में नहीं था, बल्कि इसे 91वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2003 द्वारा जोड़ा गया था। बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा की तैयारी के लिए ऐसे उन्नत और विश्लेषणात्मक प्रश्नों का अभ्यास करना अत्यंत आवश्यक है।
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