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BPSC TRE 4.0
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बिहार की कृषि अर्थव्यवस्था और पशुपालन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. बिहार में वर्ष 2020-25 की कृषि रोड मैप (Agricultural Roadmap) के तहत जैविक कॉरिडोर योजना का विस्तार गंगा नदी के दोनों किनारों के साथ-साथ राज्य के सभी जिलों में कर दिया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करना है।
- 2. राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) और बिहार सरकार के सहयोग से राज्य में श्वेत क्रांति को बढ़ावा देने के लिए 'गव्य विकास योजना' (Dairy Development Scheme) चलाई जा रही है, जिसके अंतर्गत देशी नस्ल की दुधारू गायों (जैसे साहीवाल और गिर) की खरीद पर विशेष अनुदान दिया जाता है।
- 3. मखाना उत्पादन के क्षेत्र में बिहार को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा मिथिला मखाना को 'भौगोलिक संकेतक' (GI Tag) प्रदान किया गया है, और इसका सर्वाधिक उत्पादन दरभंगा और मधुबनी जिलों में होता है।
- 4. बिहार में कृषि और पशुपालन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए समस्तीपुर के पूसा में स्थित 'डाॅ. राजेन्द्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय' द्वारा जलवायु-अनुकूल खेती और उन्नत पशुपालन तकनीकों पर निरंतर शोध किया जा रहा है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
दिए गए सभी कथन बिहार की कृषि और पशुपालन के संदर्भ में पूर्णतः सत्य हैं। बिहार सरकार द्वारा कृषि के विकास के लिए विभिन्न कृषि रोडमैप लागू किए गए हैं। मिथिला मखाना को जीआई टैग मिलने से किसानों की आय में वृद्धि हुई है। डॉ. राजेन्द्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा कृषि अनुसंधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा की तैयारी के लिए ऐसे महत्वपूर्ण समसामयिक और पारंपरिक प्रश्नों का अभ्यास करना अत्यंत आवश्यक है।
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मानव शरीर के अंतःस्रावी तंत्र और तंत्रिका तंत्र के समन्वित कार्यों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हाइपोथैलेमस (Hypothalamus) पियूष ग्रंथि (Pituitary gland) के अग्र भाग के स्रावों को नियंत्रित करने के लिए 'मोचन और संदमक हार्मोन' (Releasing and Inhibiting hormones) का उत्पादन करता है, तथा इसके न्यूरोसेक्रेटरी न्यूरॉन्स सीधे पश्च पियूष ग्रंथि तक विस्तारित होते हैं जहाँ से ऑक्सीटोसिन और वैसोप्रेसिन का भंडारण एवं विमोचन होता है।
2. अधिवृक्क ग्रंथि (Adrenal gland) का वल्कल (Cortex) भाग 'कॉर्टिकोस्टेरॉइड' हार्मोन का स्राव करता है, जिसमें 'एल्डोस्टेरॉन' मुख्य रूप से वृक्क नलिकाओं द्वारा सोडियम आयनों और जल के पुनravoshan को नियंत्रित कर शरीर में विद्युत अपघट्य संतुलन बनाए रखता है।
3. मानव मस्तिष्क में स्थित 'कार्पस कैलोसम' (Corpus callosum) एक कड़े तंत्रिका रेशों का बैंड होता है, जो मस्तिष्क के दो गोलार्धों (Hemispheres) को आपस में जोड़ने का कार्य करता है, तथा यह मुख्य रूप से दृष्टि संबंधी सूचनाओं के प्रसंस्करण के लिए उत्तरदायी होता है।
4. अग्न्याशय (Pancreas) की 'लैंगरहैंस की द्वीपिकाएं' (Islets of Langerhans) अंतःस्रावी कार्य करती हैं, जिसमें अल्फा कोशिकाएं इंसुलिन का स्राव करती हैं जो रक्त में ग्लूकोज की मात्रा को कम करता है, जबकि बीटा कोशिकाएं ग्लुकागोन का स्राव करती हैं जो ग्लाइकोजेनोलिसिस को प्रेरित करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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अकार्बनिक रसायन के अंतर्गत संक्रमण धातुओं (Transition Metals) और उनके यौगिकों के गुणों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संक्रमण धातुएं और उनके अधिकांश यौगिक अनुचुंबकीय (Paramagnetic) प्रकृति के होते हैं, जिसका मुख्य कारण उनके d-कक्षकों में अयुग्मित इलेक्ट्रॉनों (Unpaired Electrons) की उपस्थिति होना है।
2. संक्रमण तत्वों की आयन एंथैल्पी का मान बहुत उच्च होता है और वे विभिन्न प्रकार की ऑक्सीकरण अवस्थाएँ (Variable Oxidation States) प्रदर्शित करने में सक्षम होते हैं, क्योंकि उनके $(n-1)d$ और $ns$ कक्षकों की ऊर्जा में बहुत कम अंतर होता है।
3. संक्रमण धातुएं उत्प्रेरकी गुण (Catalytic Properties) प्रदर्शित करती हैं, जिसका कारण उनकी परिवर्तनशील ऑक्सीकरण अवस्थाएं और अभिकारकों को अपनी सतह पर अधिशोषित करने के लिए रिक्त d-कक्षकों की उपलब्धता है।
4. जिंक (Zn), कैडमियम (Cd) और मरकरी (Hg) को औपचारिक रूप से d-ब्लॉक के तत्व माना जाता है, किंतु उनके परमाणु या आयनों में d-कक्षक पूर्णतः भरे होने के कारण उन्हें संक्रमण तत्व (Transition Elements) नहीं कहा जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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