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BPSC TRE 4.0
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यूकेरियोटिक कोशिका विभाजन (माइटोसिस और मियोसिस) तथा कोशिका संरचना के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. कोशिका चक्र की 'G0 प्रावस्था' (शांत अवस्था) में कोशिकाएं उपापचय रूप से निष्क्रिय हो जाती हैं और कोशिका विभाजन की प्रक्रिया को हमेशा के लिए त्याग देती हैं, जिससे वे कभी भी पुनरावृत्ति चक्र में प्रवेश नहीं कर सकतीं।
  2. 2. समसूत्री विभाजन (Mitosis) की 'एनाफेज' (Anaphase) अवस्था के दौरान सेंट्रोमियर का विभाजन होता है और सिस्टर क्रोमैटिड्स अलग होकर विपरीत ध्रुवों की ओर गति करते हैं।
  3. 3. अर्धसूत्री विभाजन-I (Meiosis-I) की प्रोफेज-I अवस्था के 'पैकीटीन' (Pachytene) उप-चरण में समजात गुणसूत्रों के बीच आनुवंशिक पदार्थों का विनिमय होता है, जिसे 'क्रॉसिंग ओवर' कहा जाता है और यह रिकम्बिनेंज एन्जाइम द्वारा उत्प्रेरित होता है।
  4. 4. पादप कोशिकाओं में साइटोकाइनेसिस (Cytokinesis) की प्रक्रिया जंतु कोशिकाओं की तरह कोशिकाद्रव्य के खांच (Cleavage Furrow) बनने से होती है, क्योंकि पादप कोशिकाओं में दृढ़ कोशिका भित्ति लचीली होती है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 असत्य है क्योंकि G0 प्रावस्था में कोशिकाएं उपापचय रूप से सक्रिय रहती हैं लेकिन जीव की आवश्यकतानुसार आवश्यकता पड़ने पर पुनः कोशिका चक्र में प्रवेश कर सकती हैं। कथन 4 असत्य है क्योंकि पादप कोशिकाओं में दृढ़ कोशिका भित्ति होने के कारण साइटोकाइनेसिस कोशिका पट्टिका (Cell Plate) के निर्माण द्वारा होती है, न कि खांच (Cleavage Furrow) द्वारा। कथन 2 और 3 पूर्णतः सत्य हैं। विस्तृत अध्ययन के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
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