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BPSC TRE 4.0
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जीव जगत के जैविक वर्गीकरण (Biological Classification) और मोनेरा जगत (Kingdom Monera) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. आर.एच. व्हिटेकर (R.H. Whittaker) द्वारा वर्ष 1969 में प्रस्तुत पाँच-जगह (Five-Kingdom) वर्गीकरण प्रणाली मुख्य रूप से कोशिका की संरचना, थैलस संगठन, पोषण की विधि, प्रजनन और फ़ाइलोजीनेटिक संबंधों पर आधारित है, जिसके अंतर्गत सभी प्रोकैरियोटिक जीवों को मोनेरा जगत में रखा गया है।
  2. 2. मोनेरा जगत के अंतर्गत आने वाले बैक्टीरिया (जीवाणु) अपनी आकृति के आधार पर विभिन्न श्रेणियों में विभाजित होते हैं, जैसे गोलाकार बैक्टीरिया को 'बैसिलस' (Bacillus), छड़-नुमा को 'कोकस' (Coccus), और कॉमा के आकार वाले को 'विब्रियो' (Vibrio) कहा जाता है।
  3. 3. सायनोबैक्टीरिया (नीले-हरे शैवाल) मोनेरा जगत के सदस्य हैं जिनमें क्लोरोफिल-'ए' पाया जाता है और ये प्रकाशसंश्लेषी स्वपोषी (Photosynthetic Autotrophs) होते हैं, तथा कुछ विशेष कोशिकाओं जैसे 'हेटरोसिस्ट' (Heterocyst) के माध्यम से वायुमंडलीय नाइट्रोजन का स्थिरीकरण (Nitrogen Fixation) भी कर सकते हैं।
  4. 4. माइकोप्लाज्मा (Mycoplasma) ऐसे जीव हैं जिनमें कोशिका भित्ति (Cell Wall) पूरी तरह अनुपस्थित होती है, और ये ऑक्सीजन के बिना भी जीवित रह सकते हैं, तथा ये पादपों और जंतुओं दोनों में रोग उत्पन्न करने के लिए जाने जाते हैं।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1, 3 और 4 पूर्णतः सत्य हैं। कथन 2 असत्य है क्योंकि जीवाणुओं (Bacteria) के नामकरण में उनकी आकृतियों के अनुसार गोलाकार बैक्टीरिया को 'कोकस' (Coccus), छड़ के आकार वाले को 'बैसिलस' (Bacillus), और कॉमा के आकार वाले को 'विब्रियो' (Vibrio) कहा जाता है, जबकि प्रश्न में इसके विपरीत उल्लेख किया गया है। मोनेरा जगत में प्रोकैरियोटिक जीव आते हैं जिनमें बैक्टीरिया, सायनोबैक्टीरिया और माइकोप्लाज्मा शामिल हैं। माइकोप्लाज्मा में कोशिका भित्ति का अभाव होता है। इस प्रकार के महत्वपूर्ण वैज्ञानिक और सामान्य अध्ययन के प्रश्नों के अभ्यास के लिए आप बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर जा सकते हैं।
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