BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

BPSC TRE 4.0
1 views

भारत में परिवहन प्रणाली, विशेषकर सड़क, रेल और जल परिवहन के आधुनिक विकास और संरचनात्मक पहलों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. देश में सड़क अवसंरचना के विकास के लिए शुरू की गई 'भारतमाला परियोजना' (Bharatmala Pariyojana) के पहले चरण के तहत केवल राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है, और इसमें आर्थिक गलियारों, तटीय तथा बंदरगाह संपर्क सड़कों और सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास का कोई प्रावधान नहीं है।
  2. 2. भारतीय रेलवे ने देश के माल ढुलाई नेटवर्क को अधिक कुशल बनाने के लिए 'समर्पित माल गलियारा निगम लिमिटेड' (DFCCIL) के माध्यम से पूर्वी और पश्चिमी समर्पित माल गलियारों का निर्माण किया है, जिसमें पूर्वी गलियारा लुधियाना से दानकुनी तक फैला है।
  3. 3. अंतरदेशीय जलमार्गों के विकास के लिए राष्ट्रीय जलमार्ग अधिनियम, 2016 के तहत देश भर में कुल 111 जलमार्गों को राष्ट्रीय जलमार्ग के रूप में घोषित किया गया है, जिसमें राष्ट्रीय जलमार्ग-1 (NW-1) गंगा-भागीरथी-हूगली नदी प्रणाली पर हल्दिया से प्रयागराज के बीच स्थित है।
  4. 4. उड़ान (UDAN - Ude Desh ka Aam Nagrik) योजना के तहत क्षेत्रीय हवाई संपर्क को बढ़ावा देने के लिए केवल महानगरों को जोड़ने पर ध्यान केंद्रित किया गया है, और इसमें छोटे तथा कम सेवा वाले दूरदराज के हवाई अड्डों को शामिल नहीं किया गया है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 असत्य है, क्योंकि 'भारतमाला परियोजना' के प्रथम चरण में केवल राष्ट्रीय राजमार्गों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसमें आर्थिक गलियारों (Economic Corridors), अंतर-गलियारा और फीडर मार्ग, राष्ट्रीय राजमार्ग दक्षता में सुधार, सीमावर्ती एवं अंतर्राष्ट्रीय संपर्क सड़कें, तटीय एवं बंदरगाह संपर्क सड़कें और ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का व्यापक प्रावधान है। कथन 4 असत्य है, क्योंकि 'उड़ान' (UDAN) योजना का मुख्य उद्देश्य देश के दूरदराज और छोटे शहरों के उन हवाई अड्डों को जोड़ना है जो या तो सेवा से वंचित हैं या कम सेवा वाले हैं, ताकि आम नागरिक भी हवाई यात्रा का लाभ उठा सकें। इसके विपरीत, कथन 2 और 3 पूर्णतः सत्य हैं। पूर्वी समर्पित माल गलियारा (EDFC) लुधियाना से दानकुनी तक है और NW-1 हल्दिया से प्रयागराज के बीच गंगा-भागीरथी-हूगली नदी प्रणाली पर स्थित है। अधिक अभ्यास के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर जाएँ।
Share:

Related Questions

केंद्रीय बजट 2026-27 के अनुसार, बिहार में जहाज मरम्मत केंद्र कहां स्थापित किया जाएगा? बंगाल विभाजन (1905) एवं स्वदेशी आंदोलन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. बंगाल विभाजन के निर्णय की आधिकारिक घोषणा 20 जुलाई 1905 को लॉर्ड कर्जन द्वारा की गई थी, तथा इसके विरोध में 7 अगस्त 1905 को कलकत्ता के टाउन हॉल में आयोजित ऐतिहासिक बैठक में 'स्वदेशी आंदोलन' की औपचारिक शुरुआत का प्रस्ताव पारित किया गया था। 2. बंगाल विभाजन के प्रभावी होने की तिथि (16 अक्टूबर 1905) को पूरे बंगाल में 'शोक दिवस' के रूप में मनाया गया, जहाँ लोगों ने उपवास रखा, बंगाली कवि रवींद्रनाथ टैगोर के आह्वान पर एक-दूसरे की कलाई पर 'राखी बांधी' और इस दिन प्रसिद्ध देशभक्ति गीत 'आमार सोनार बांग्ला' गाया गया। 3. स्वदेशी आंदोलन के दौरान आर्थिक बहिष्कार और राष्ट्रीय शिक्षा के प्रसार पर विशेष बल दिया गया, जिसके तहत बंगाल नेशनल कॉलेज की स्थापना की गई और इसके पहले प्राचार्य महान शिक्षाविद् एवं दार्शनिक अरबिंदो घोष (अरबिंद घोष) को बनाया गया था। 4. इस आंदोलन का प्रसार केवल बंगाल तक सीमित नहीं रहा, बल्कि बाल गंगाधर तिलक ने इसे मुंबई और पुणे में, अजीत सिंह और लाला लाजपत राय ने पंजाब तथा उत्तर भारत के अन्य हिस्सों में, और सैयद حیدر رضا ने दिल्ली में स्वदेशी आंदोलन का नेतृत्व किया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं? बिहार प्रदेश में तेजी से विकास करने वाला उद्योग है राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) के दिशा-निर्देशों, बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (BSDMA) के दृष्टिकोण तथा भारत में पर्यावरण एवं जलवायु रिपोर्टों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के तहत गठित 'राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण' (NDMA) के अध्यक्ष देश के प्रधानमंत्री होते हैं, और यह संस्था आपदा जोखिम न्यूनीकरण के लिए 'प्रतिक्रियात्मक' (Reactive) दृष्टिकोण के स्थान पर 'सक्रिय, निवारक एवं जोखिम-सूचित' (Proactive and Prevention-oriented) दृष्टिकोण को बढ़ावा देती है। 2. पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय तथा बिहार राज्य के आर्थिक सर्वेक्षण व पर्यावरण रिपोर्टों के अनुसार, राज्य में बाढ़ और सूखे जैसी चरम मौसमी घटनाओं की आवृत्ति में वृद्धि हुई है, तथा 'राज्य आपदा मोचन निधि' (SDRF) का एक निश्चित प्रतिशत अब आपदा के उपरांत राहत के साथ-साथ आपदा न्यूनीकरण (Mitigation) और क्षमता निर्माण के लिए भी उपयोग किया जा सकता है। 3. भारत के आपदा प्रबंधन ढांचे में 'सेंडाई फ्रेमवर्क' (2015-2030) के वैश्विक लक्ष्यों के अनुरूप आपदा से होने वाले बुनियादी ढांचे के नुकसान, आजीविका की क्षति और मानव मृत्यु दर को न्यूनतम करने के लिए दीर्घकालिक रणनीतियाँ निर्धारित की गई हैं। 4. बिहार सरकार द्वारा आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में लागू की गई 'आपदा प्रबंधन मित्र' और 'आपदा प्रबंधन सखी' जैसी सामुदायिक प्रशिक्षण योजनाएँ केवल प्रशासनिक अधिकारियों के लिए हैं, और इनमें स्थानीय ग्रामीण समुदाय या स्वयंसेवकों की कोई भागीदारी नहीं होती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं? जीव जगत के जैविक वर्गीकरण (Biological Classification) और मोनेरा जगत (Kingdom Monera) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. आर.एच. व्हिटेकर (R.H. Whittaker) द्वारा वर्ष 1969 में प्रस्तुत पाँच-जगह (Five-Kingdom) वर्गीकरण प्रणाली मुख्य रूप से कोशिका की संरचना, थैलस संगठन, पोषण की विधि, प्रजनन और फ़ाइलोजीनेटिक संबंधों पर आधारित है, जिसके अंतर्गत सभी प्रोकैरियोटिक जीवों को मोनेरा जगत में रखा गया है। 2. मोनेरा जगत के अंतर्गत आने वाले बैक्टीरिया (जीवाणु) अपनी आकृति के आधार पर विभिन्न श्रेणियों में विभाजित होते हैं, जैसे गोलाकार बैक्टीरिया को 'बैसिलस' (Bacillus), छड़-नुमा को 'कोकस' (Coccus), और कॉमा के आकार वाले को 'विब्रियो' (Vibrio) कहा जाता है। 3. सायनोबैक्टीरिया (नीले-हरे शैवाल) मोनेरा जगत के सदस्य हैं जिनमें क्लोरोफिल-'ए' पाया जाता है और ये प्रकाशसंश्लेषी स्वपोषी (Photosynthetic Autotrophs) होते हैं, तथा कुछ विशेष कोशिकाओं जैसे 'हेटरोसिस्ट' (Heterocyst) के माध्यम से वायुमंडलीय नाइट्रोजन का स्थिरीकरण (Nitrogen Fixation) भी कर सकते हैं। 4. माइकोप्लाज्मा (Mycoplasma) ऐसे जीव हैं जिनमें कोशिका भित्ति (Cell Wall) पूरी तरह अनुपस्थित होती है, और ये ऑक्सीजन के बिना भी जीवित रह सकते हैं, तथा ये पादपों और जंतुओं दोनों में रोग उत्पन्न करने के लिए जाने जाते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.