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BPSC TRE 4.0
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बिहार के भौगोलिक स्वरूप और भारत के पर्वतीय व पठारी तंत्र के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. दक्षिण बिहार का उच्च भूमि क्षेत्र वस्तुतः प्राचीन प्रायद्वीपीय पठार (Chota Nagpur Plateau) का ही उत्तरपूर्वी विस्तार है, जो मुख्य रूप से ग्रेनाइट, नीस और शिस्ट जैसी प्राचीन चट्टानों से निर्मित है।
  2. 2. उत्तर-पश्चिम बिहार में स्थित सोमेश्वर श्रेणी (Someshwar Range) शिवालिक हिमालय का ही एक भाग है, जिसकी सर्वोच्च चोटी लगभग 874 मीटर ऊंची है और यह क्षेत्र पश्चिम चंपारण जिले के अंतर्गत आता है।
  3. 3. भारत के प्रमुख पर्वतीय दरों में 'शिपकी ला' दर्रा महान हिमालय श्रेणी में स्थित है, जिसके माध्यम से सतलुज नदी भारत में प्रवेश करती है, जबकि 'जोजी ला' दर्रा पीर पंजाल श्रेणी में स्थित है जो श्रीनगर को लेह से जोड़ता है।
  4. 4. दक्षिण-पूर्वी बिहार के बांका जिले में स्थित 'मंदार हिल' एक प्रकार का अवशिष्ट पहाड़ी (Inselberg) है, जो प्राचीन विंध्यन क्रम की चट्टानों का एक हिस्सा माना जाता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 और 2 सत्य हैं। दक्षिण बिहार की पहाड़ियाँ (कैमूर, रोहतास, गया, नवादा, जमुई, बांका) प्रायद्वीपीय पठार का हिस्सा हैं और सोमेश्वर श्रेणी शिवालिक का भाग है। कथन 3 असत्य है क्योंकि 'जोजी ला' दर्रा जास्कर श्रेणी में स्थित है, न कि पीर पंजाल में। कथन 4 असत्य है क्योंकि मंदार हिल छोटा नागपुर पठार के क्रिस्टलीय ग्रेनाइट और नाइस संरचना का भाग है, न कि विंध्यन क्रम का। अधिक अध्ययन सामग्री के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
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