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BPSC TRE 4.0
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बिहार के किसान आंदोलनों और विद्रोहों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. स्वामी सहजानंद सरस्वती द्वारा वर्ष 1929 में 'बिहार प्रांतीय किसान सभा' की स्थापना की गई थी, जिसका मुख्य उद्देश्य किसानों के जमींदारों द्वारा किए जा रहे उत्पीड़न और बेदखली के विरुद्ध आवाज उठाना था।
- 2. बकाश्त भूमि (Bakasht Land) आंदोलन का मुख्य उद्देश्य उन जमींदारों के खिलाफ संघर्ष करना था जिन्होंने किसानों की ज़मीनें गैर-कानूनी तरीके से छीन ली थीं, और यह आंदोलन मुख्य रूप से किसानों के स्वत्व और अधिकार की रक्षा से जुड़ा था।
- 3. वर्ष 1936 में लखनऊ में आयोजित अखिल भारतीय किसान सभा के प्रथम सम्मेलन के अध्यक्ष स्वामी सहजानंद सरस्वती चुने गए थे, जबकि इसके महासचिव एन.जी. रंगा को बनाया गया था।
- 4. मोकामा ताल क्षेत्र में कार्यानंद शर्मा के नेतृत्व में चलाए गए किसान आंदोलन का मुख्य उद्देश्य किसानों को लगान से पूरी तरह मुक्ति दिलाना और ब्रिटिश शासन को उखाड़ फेंकना था, और इस आंदोलन का कोई आर्थिक या कृषि संबंधी आधार नहीं था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
इस प्रश्न के विश्लेषण के अनुसार कथन 1, 2 और 3 पूर्णतः सत्य हैं। स्वामी सहजानंद सरस्वती ने 1929 में बिहार प्रांतीय किसान सभा की स्थापना की और 1936 में लखनऊ में अखिल भारतीय किसान सभा के पहले अध्यक्ष बने। बकाश्त भूमि आंदोलन जमींदारी शोषण और किसानों की बेदखली के खिलाफ था। वहीं कथन 4 असत्य है क्योंकि मोकामा ताल आंदोलन मुख्य रूप से बकाश्त भूमि और लगान दरों से जुड़े आर्थिक व कृषि अधिकारों की रक्षा के लिए था, न कि केवल ब्रिटिश शासन को उखाड़ फेंकने के लिए। ऐसी ही उच्च स्तरीय शिक्षण सामग्री के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
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बिहार में 20वीं शताब्दी के दौरान हुए प्रमुख किसान आंदोलनों और उनके विशिष्ट संदर्भों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. स्वामी विद्यानंद के नेतृत्व में दरभंगा राज की जातियों के शोषण और बकाश्त जमीन पर अवैध दखल के विरुद्ध 'दरभंगा किसान आंदोलन' चलाया गया था, जिसमें किसानों ने स्थानीय अधिकारियों के दमन के बावजूद अपनी रैयती और बकाश्त भूमि पर अधिकारों की मांग को मुखर किया था।
2. वर्ष 1930 के सविनय अवज्ञा आंदोलन के दौरान बिहार के सारण, चंपारण, गया और पटना जैसे जिलों में किसानों ने औपनिवेशिक शासन के विरुद्ध 'चौकीदार कर' (Chaukidari Tax) अदायगी का व्यापक बहिष्कार किया था, जिससे यह राष्ट्रीय आंदोलन ग्रामीण अंचल के किसान संघर्षों के साथ गहराई से जुड़ गया था।
3. राहुल सांकृत्यायन ने 1940 के दशक के उत्तरार्ध में छपरा (सारण) क्षेत्र के 'अमेठिया किसानों' के संघर्ष का नेतृत्व किया था, तथा उन्होंने अखिल भारतीय किसान सभा के मंच से अलग होकर किसानों की एक सशस्त्र वामपंथी शाखा 'किसान लाल सेना' के गठन में प्रमुख भूमिका निभाई थी।
4. वर्ष 1937 में बिहार में श्री कृष्ण सिंह के नेतृत्व में गठित पहली प्रांतीय कांग्रेस सरकार ने किसानों को राहत पहुँचाने के लिए 'बिहार टेनेंसी अमेंडमेंट एक्ट' (Bihar Tenancy Amendment Act) पारित किया, जिसके माध्यम से अवैध बेदखली पर रोक लगाई गई और बकाश्त भूमि पर किसानों के अधिकारों को कानूनी सुरक्षा प्रदान की गई।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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ग्यारहवीं पंचवर्षीय योजना का उद्देश्य है-
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सूची-I (जलप्रपात) को सूची-II (स्थान) से सुमेलित कीजिए?
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